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: राजनीति के अजेय योद्धा हैं शिवराज: इस बार विदिशा लोकसभा से लड़ेंगे चुनाव, जानिए सांसद-विधायक और CM तक का सफर ?

MP CG Times / Sun, Mar 3, 2024

MP Lok Sabha Elections 2024: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजनीति के अजेय योद्धा हैं। वह पांच बार सांसद, छह बार विधायक और साढ़े 16 साल तक राज्य के सीएम रहे। वर्तमान में वह बुधनी विधानसभा से विधायक हैं। खास बात यह है कि राजनीति में आने के बाद शिवराज सिंह चौहान को हर दो साल में एक नए पद से नवाजा जाता था। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान अब तक 12 चुनाव लड़ चुके हैं, जिनमें से वह केवल एक चुनाव हारे हैं। साल 2003 में पार्टी ने उन्हें तत्कालीन सीएम दिग्विजय सिंह के खिलाफ राद्योगढ़ सीट से मैदान में उतारा था। यह चुनाव शिवराज सिंह चौहान हार गए थे, लेकिन राज्य से दिग्विजय सिंह की सरकार चली गई थी। शिवराज सिंह चौहान 1972 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने। 1975 में वे मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। आपातकाल के विरुद्ध भूमिगत आंदोलन में भाग लिया और 1976-77 में तथा अन्य अवसरों पर राजनीतिक आंदोलनों के दौरान भोपाल जेल में निरुद्ध किये गये। 1977-78 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भोपाल के संगठन सचिव बने। इसके बाद वह 1978-80 में एबीवीपी मध्य प्रदेश के संयुक्त सचिव और 1980-82 में महासचिव बने। वर्ष 1982-83 में एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने। क्या रहा है शिवराज सिंह का राजनीतिक इतिहास? वे वर्ष 1984-85 में भारतीय जनता युवा मोर्चा मध्य प्रदेश के संयुक्त सचिव, 1985-88 में महासचिव और 1988-91 में अध्यक्ष बने। वह वर्ष 1990 में पहली बार विधानसभा से विधायक चुने गए, हालांकि 23 नवंबर 1991 को उन्होंने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और वर्ष 1991 में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने विदिशा संसदीय सीट छोड़ दी, तब शिवराज सिंह चौहान विदिशा से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. वर्ष 1991-92 में वे अखिल भारतीय केसरिया वाहिनी के संयोजक बने। 1992 से अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव, 1992-94 में महासचिव बने। 1992-96 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सलाहकार समिति, 1993-96 में श्रम और कल्याण समिति, 1994-96 में हिंदी सलाहकार समिति और 1995-96 में सदन की बैठकों से सदस्यों की अनुपस्थिति पर समिति के सदस्य 1996 में ग्यारहवीं लोक सभा के सदस्य निर्वाचित हुए। 1996-97 में वे शहरी एवं ग्रामीण विकास समिति तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य बने। 1997-98 में वे शहरी एवं ग्रामीण विकास समिति के सदस्य और भाजपा मध्य प्रदेश के महासचिव बने। 1998 में बारहवीं लोकसभा के सदस्य चुने गए। 1998-99 में प्राक्कलन समिति, शहरी और ग्रामीण विकास समिति, ग्रामीण क्षेत्र और रोजगार मंत्रालय पर इसकी उप-समिति। दो और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य बने। 1999 में तेरहवीं लोकसभा के सदस्य चुने गए। 1999-2000 में कृषि समिति, 1999-2000 और 2000-2001 में सरकारी उपक्रम समिति और 2000 से संचार मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य बने। के राष्ट्रीय सचिव 2002 में भाजपा। 2003 में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बने। 2004 में चौदहवीं लोकसभा के सदस्य पांचवीं बार निर्वाचित हुए। मई 2005 में वे मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने। 2005 में मध्य प्रदेश के सीएम बने शिवराज सिंह चौहान ने 29 नवंबर 2005 को पहली बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 6 मई 2006 को बारहवीं विधान सभा के सदस्य उपचुनाव में चुने गए। 10 मई 2006 को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 12 मई 2006 को विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। 10 दिसंबर 2008 तक मुख्यमंत्री रहे। 2008 में तेरहवीं विधानसभा के सदस्य चुने गए और 12 से मुख्यमंत्री रहे। दिसंबर 2008 से 9 दिसंबर 2013। वर्ष 2013 में चौथी बार विधानसभा सदस्य चुने गए। 14 दिसंबर 2013 से 12 दिसंबर 2018 तक मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2018 में पांचवीं बार विधानसभा सदस्य चुने गए। से मुख्यमंत्री रहे। 23 मार्च 2020 से 11 दिसंबर 2023। वर्ष 2023 में छठी बार विधान सभा सदस्य के रूप में निर्वाचित। शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को हुआ बता दें कि शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को सीहोर जिले के ग्राम जैत में प्रेम सिंह चौहान के किसान परिवार में हुआ था। शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह चौहान और दो बेटे कार्तिकेय कुणाल हैं। शिवराज सिंह चौहान की शैक्षणिक योग्यता एमए है। शिवराज सिंह चौहान को संगीत, आध्यात्मिक साहित्य और यात्राओं में रुचि है। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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