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: चैत्र नवरात्रि 2021: तीसरे दिन करें देवी चंद्रघंटा की पूजा, जानें विधि

MP CG Times / Fri, Jul 16, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि का आज (15 अप्रैल, गुरुवार) तीसरा दिन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा से सुख-संपदा मिलती है और जीवन आनंदित होता है। शास्त्रों के अनुसार मान्यता यह भी है कि माता चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना से भक्तों को सभी जन्मों के कष्टों और पापों से मुक्त मिलती है। माता चंद्रघंटा अपने सच्चे भक्तों को इसलोक और परलोक में कल्याण प्रदान करती हैं और भगवती अपने दोनों हाथों से साधकों को लम्बी आयु, सुख सम्पदा और रोगों से मुक्त होने का वरदान देती हैं। मां चंद्रघंटा को सुगंध अत्यधिक प्रिय है। आइए जानते हैं देवी के स्वरूप और पूजा विधि के बारे में… चैत्र नवरात्रि शुरू, जानें किस दिन होगी किस स्वरूप की होगी पूजा स्वरूप मां चंद्रघंटा का रूप अत्यंत ही सौम्य होता है। भगवती चंद्रघंटा का रूप अत्यंत शांतिदायक और कल्याणकारी माना गया है। सिंह पर सवार माता के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्द्धचंद्र है, इसलिए माता को चंद्रघंटा नाम दिया गया है। मां चंद्रघंटा का शरीर स्वर्ण के समान उज्जवल है, इनका वाहन सिंह है और इनके दस हाथ हैं जो कि विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र से सुशोभित रहते हैं। ऐसे करें पूजा नवरत्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की आराधना करने के लिए सबसे पहले पूजा स्थान पर देवी की मूर्ति की स्थापना करें। इसके बाद इन्हें गंगा जल से स्नान कराएं। धूप-दीप, पुष्प, रोली, चंदन और फल-प्रसाद से देवी की देवी की पूजा करें। वैदिक और संप्तशती मंत्रों का जाप करें। सफेद चीज का भोग जैसै दूध या खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा माता चंद्रघंटा को शहद का भोग भी लगाया जाता है। मां चंद्रघंटा की पूजा में दूध का प्रयोग कल्याणकारी माना गया है। मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी चीजों का भोग लगाएं और और इसी का दान भी करें। ऐसा करने से मां खुश होती हैं और सभी दुखों का नाश करती हैं। अप्रैल 2021: इस माह में आएंगे ये महत्वपूर्ण व्रत व त्यौहार इन मंत्रों के साथ करें मां चंद्रघंटा की पूजा  – या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। – पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।। नवरात्रि के तीसरे दिन के लिए मंत्रः ॐ चं चं चं चंद्रघंटायेः हीं। इस मंत्र का 108 बार जाप करें।

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