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: मोदी सरकार का बड़ा फैसला: अब छुट्टी के दौरान हमले में जवानों की होती है, मौत तो माना जाएगा ऑन ड्यूटी

MP CG Times / Fri, Oct 22, 2021

नई दिल्ली। अवकाश के दौरान जवानों पर हमले को लेकर रक्षा मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है. यदि छुट्टी पर गए किसी सैनिक पर चरमपंथी या असामाजिक तत्वों द्वारा हमला होता है और उसमें उसकी मौत हो जाती है, तो ऐसे मामलों को ड्यूटी के दौरान हुई मौत माना जाएगा. उसी के अनुरूप मुआवजा प्रदान किया जाएगा. तीनों सेनाओं पर यह आदेश लागू कर दिया गया है. हाल में जारी आदेश में कहा गया है कि इसमें अभी तक कई मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट नहीं थी. यदि कोई सैनिक छुट्टी पर अपने घर आया हुआ है या कहीं और भी गया हुआ है. इस दौरान चरमपंथी या असामाजिक तत्वों द्वारा उसे हमले में मार दिया जाता है तो उसे ड्यूटी पर तैनात माना जाएगा. उसके परिजन उसी प्रकार के मुआवजे के हकदार होंगे जो ड्यूटी करने के दौरान मौत होने पर दिए जाते हैं. आदेश में कहा गया है कि छुट्टी से तात्पर्य उन सभी प्रकार की छुट्टियों से है जो सरकार की तरफ से सैन्यकर्मियों को प्रदान की जाती हैं. दरअसल पिछले कुछ समय के दौरान जवानों पर हमले बढ़े हैं. खासकर जब वह अवकाश पर थे. हालांकि ऐसी घटनाएं कश्मीर में ज्यादा हुई हैं, लेकिन सरकार की तरफ से इस मामले में स्पष्टीकरण जारी कर सैन्यकर्मियों को राहत प्रदान की गई है. मंत्रालय ने यह तर्क दिया तर्क दिया गया है कि यदि जवानों पर अवकाश के दौरान चरमपंथियों या असामाजिक तत्वों का हमला होता है तो इसकी वजह यही हो सकती है कि उसके जवान होने के कारण उस पर हमला किया गया. जिसमें उसकी जान चली गई. इसलिए वह इस लाभ का हकदार है. निजी दुश्मनी में मौत पर लाभ नहीं हालांकि छुट्टी के दौरान सैनिक की निजी दुश्मनी की वजह से उस पर कोई हमला होता है और उसमें उसकी मौत हो जाती है, तो इसे ड्यूटी के दौरान हुई मौत नहीं माना जाएगा. ऐसे मामले में ड्यूटी के दौरान हुई मौत के तहत मुआवजा नहीं मिलेगा. हम तो डूबेंगे सनम तुम को भी ले डूबेंगे: पत्नी से कहासुनी के बाद पति ने अपने घर में लगाई आग, पड़ोस के 10 घर भी जलकर हुए राख  read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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