नई दिल्ली। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने लैक्चर में केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को खतरे में बताया। मीडिया और न्यायपालिका को दबावग्रस्त बताया। विपक्षी दलों पर केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों का उल्लेख किया। कांग्रेस नेता कहा कि भारत में विपक्षी दलों को सरकार की आलोचना करने का अधिकार नहीं है। सरकार की आलोचना करने पर विपक्षी नेताओं को जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। राहुल ने कहा कि भारत में जांच एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्षी दलों के खिलाफ किया जा रहा है।

इसके अलावा राहुल ने अपने लेक्चर में पेगासस का भी जिक्र किया। कहा कि पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए विपक्षी नेताओं की निगरानी की जा रही है। पेगासस के जरिए विपक्षी दलों के नेताओं की फोन टैपिंग की जा रही है। राहुल ने दावा किया कि उनके निजी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सलाह दी कि फोन पर बात करते समय सावधानी बरते, क्योंकि इस बात की पूरी संभावना है कि कहीं उनका फोन भी टैप ना किया जा रहा हो। राहुल ने आगे कहा कि भारत की मौजूदा सरकार लगातार विपक्षी दलों के नेताओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
यूपीए-2 के अंदर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी जी कह रहे थे कि सोनिया गांधी के कहने पर मेरे कमरे को बग कराया गया है और मैं जो बातें करता हूं वह सुन लेती हैं।
यूपीए 2 में RTI में बताया गया था कि 9000 फोन टेप होते थे और बाद में ये संख्या बढ़कर एक लाख हो गई थी। pic.twitter.com/HrvA2VT0BY
— Sambit Patra (@sambitswaraj) March 4, 2023
वहीं, राहुल द्वारा इस तरह से केंद्र को सवालों के कठघरे में खड़ा करने पर बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो चुकी है। आज इसी कड़ी में बीजेपी की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मोर्चा संभालते हुए राहुल को आईना दिखाया है। उन्होंने राहुल को आड़े हाथों लेते एक प्रसंग का जिक्र किया। जिसमें उन्होंने कहा कि, ‘राहुल जी जासूसी कैसे होती थी और सरकारें जासूसी कैसे कराती थी। मैं उसका उदारहण देता हूं। यूपीए-2 के अंदर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी जी कह रहे थे कि सोनिया गांधी के कहने पर मेरे कमरे को बग कराया गया है और मैं जो बातें करता हूं वह सुन लेती हैं। और जो बातें मैं करता हूं , सोनिया जी सुन लेती हैं। यूपीए 2 में RTI में बताया गया था कि 9000 फोन टेप होते थे और बाद में ये संख्या बढ़कर एक लाख हो गई थी।

इसके अलावा तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने बिजनस फोरम को संबोधित करते हुए बड़े ही स्पष्ट रूप से कहा था कि, ‘हां… देश की सुरक्षा के लिए हम फोन टैपिंग कराते हैं। संबित पात्रा ने आगे राहुल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आप फोन टैपिंग कराते थे। आप ईमेल चोरी चोरी करके पढ़ते थे। आप अपने मंत्रियों की बातों को सुनते थे। उनके कमरों को बग कराते थे और यहां जांच होने के बावजूद भी आपने अपने फोन को सबमिट भी नहीं किया और जाकर विदेश की भूमि में कहते हैं कि हमारे देश में खतरा है। हमारे देश में फोन टैपिंग होती है। हमारे देश में लोकतंत्र नहीं है। बता दें कि बीजेपी के इस पलटवार के बाद कांग्रेस की तरफ से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। इस पर सभी की निगाहं टिकी रहेंगी।