महाशिवरात्रि मेले में बवाल, धर्म पूछकर दुकानें बंद कराई : जय माता दी लिखकर चाट बेच रहा था मुस्लिम, बजरंग दल बोला- थूक-मूत्र जिहाद करते हैं
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के देव बलौदा-चरौदा में महाशिवरात्रि मेले के दौरान धार्मिक पहचान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। मेले में बड़ी संख्या में मुस्लिम व्यापारी दुकानें लगाए हुए थे। आरोप है कि बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों से धर्म पूछा, गाली-गलौज की और दुकानें बंद करवा दीं।
विवाद एक गुपचुप (पानीपुरी) ठेले से शुरू हुआ। ठेले पर “अजीत चाट भंडार” और “जय माता दी” लिखा था, लेकिन ऑनलाइन पेमेंट क्यूआर कोड स्कैन करने पर भाईजान चाट वाला नाम आने का दावा किया गया। इसके बाद पहचान छिपाकर व्यापार करने के आरोप लगाए गए।
जिहाद के आरोप और हंगामा
कार्यकर्ताओं ने “थूक जिहाद” और “मूत्र जिहाद” जैसे आरोप लगाते हुए कई दुकानदारों को हटाने की कोशिश की। कुछ जगह धक्का-मुक्की और सामान फेंकने के भी वीडियो सामने आए।
पुलिस मौजूद, कार्रवाई नहीं का आरोप
मौके पर पुलिस मौजूद रही, लेकिन प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं करने के आरोप लगे। कार्यकर्ता कथित तौर पर दुकानदारों को कहते रहे कि जब्ती और कार्रवाई होगी, इसलिए दुकानें समेट लो।
महिला दुकानदार से नारे लगाने को कहा
भगवान की तस्वीर बेच रही एक महिला दुकानदार से नारे लगाने को कहा गया। मना करने पर कथित तौर पर अपमानजनक बातें कही गईं।
“मस्जिद के बाहर दुकान लगाओ”
कुछ व्यापारियों का आरोप है कि उनसे कहा गया कि मंदिर क्षेत्र में दुकान न लगाएं और मस्जिद के बाहर जाकर व्यापार करें। कई ग्राहकों से खरीदा सामान भी वापस करवाया गया।
व्यापारियों का पक्ष
एक व्यापारी ने बताया कि वे 20-25 वर्षों से मेला लगाते आ रहे हैं और उनका मकसद केवल रोजी-रोटी कमाना है, धर्म से कोई संबंध नहीं।
हिंदू संगठन की मांग
बजरंग दल संगठन ने मांग की कि मंदिरों के आसपास गैर-हिंदुओं के व्यापार पर नियम बनाए जाएं और पहचान स्पष्ट करके ही दुकान लगाने दी जाए।
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