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: MP के आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा ने लगाई फांसी: फंदे पर झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम, 6 महीने पहले बच्चे ने की थी आत्महत्या

Student hangs herself in tribal girls hostel in Chhindwara: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में आदिवासी विभाग के छात्रावासों की हालत खस्ता है। स्थिति यह है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण छात्रावास प्रबंधक बेलगाम हो गये हैं और बच्चों पर अत्याचार हो रहा है। ऐसे में महज 6 महीने के अंदर हॉस्टल में दो बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। दरअसल, जिला मुख्यालय पर 9वीं कक्षा की एक छात्रा ने छात्रावास के सूने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे आदिवासी विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मृतक छात्रा की पहचान अनामिका धुर्वे के रूप में हुई है। खाली कमरे में जाकर मौत को गले लगा लिया पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतिका मैनीखापा में रहने वाली 14 वर्षीय अनामिका पिता सहसराम धुर्वे है। जो कन्या परिसर स्थित आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास में रहकर कक्षा 9वीं की पढ़ाई कर रही थी। सुबह उसने अज्ञात कारणों के चलते हॉस्टल की पहली मंजिल पर एक सूने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। 6 महीने के अंदर दूसरा मामला करीब छह माह के भीतर जिले में यह दूसरे बच्चे की मौत है। बताया जाता है कि इससे पहले सोनपुर छात्रावास में एक लड़के की अज्ञात कारणों से मौत हो गयी थी. पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में रखा है। लेकिन महीनों बाद भी जांच का कोई अता-पता नहीं है. वहीं छात्रावास से अक्सर गायब रहने वाली अधीक्षिका सविता तिवारी को आनन-फानन में निलंबित कर दिया गया. लेकिन कुछ ही महीनों में सहायक आयुक्त सतेंद्र मरकाम ने फिर से लापरवाह अधीक्षक को चौरई अधीक्षक का प्रभार सौंप दिया। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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