जबलपुर क्रूज हादसा, 5 साल के मासूम समेत 13 की मौतें : 4 दिन बाद बर्गी डैम की लहरों ने उगले आखिरी 2 शव, 20 साल पुराना था क्रूज
MP CG Times / Sun, May 3, 2026
एमपी के जबलपुर में खुशियां मनाने निकले परिवारों के लिए बर्गी डैम की सैर काल बन गई। गुरुवार शाम हुए क्रूज हादसे में लापता आखिरी दो लोगों के शव रविवार सुबह बरामद कर लिए गए।
इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। रविवार को गोताखोरों को 5 साल के मासूम मयूरम और उसके चाचा कमराज के शव पानी पर तैरते मिले।

चीखों में बदली हंसी, 43 सवार थे, पलक झपकते पलट गया क्रूज
गुरुवार शाम पर्यटन विभाग का 20 साल पुराना क्रूज 41 से 43 पर्यटकों को लेकर डैम के बीच पहुंचा था। तभी अचानक मौसम बदला और तेज तूफान आ गया। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के सामने पुराना क्रूज टिक नहीं पाया और पलट गया।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मोर्चा संभाला। लाइफ जैकेट और समय रहते मदद मिलने से 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन 13 लोग लहरों में समा गए।
मासूम मयूरम का शव देख पसीज गया दिल
रविवार सुबह जब बचाव दल ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में कार्यरत कमराज और उनके 5 साल के भतीजे मयूरम का शव बाहर निकाला, तो किनारे पर मौजूद परिजनों की चीखों से पूरा इलाका गूंज उठा। चार दिनों से टकटकी लगाए बैठे परिवारों की उम्मीदें टूट गईं। आगरा से एयरलिफ्ट कर बुलाए गए सेना के 20 डाइवर्स, NDRF और SDRF की टीम ने लगातार 72 घंटों से ज्यादा समय तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
जांच के घेरे में पर्यटन विभाग: 3 कर्मचारी बर्खास्त, पुराने जहाजों पर रोक
इस हादसे ने सरकारी दावों और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़े कदम उठाए हैं
बर्खास्तगी: लापरवाही बरतने वाले क्रूज के 3 क्रू मेंबर्स को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
संचालन पर रोक: मध्य प्रदेश के सभी जल निकायों में चल रहे पुराने जहाजों और क्रूज के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
जांच के बिंदु: क्या मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज किया गया? क्या क्षमता से अधिक यात्री सवार थे? और 20 साल पुराने क्रूज की फिटनेस की आखिरी बार जांच कब हुई थी?
सीसीटीवी फुटेज ने उलझाई गुत्थी
घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में 43 लोग क्रूज की ओर जाते दिख रहे हैं, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड में 41 यात्रियों की ही बात कही जा रही थी। पुलिस अब इस विसंगति की जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि क्या कोई और भी लापता है।
"यह महज हादसा नहीं, बड़ी लापरवाही है। 20 साल पुराने कबाड़ हो चुके क्रूज को तूफानी मौसम में पानी में उतारना मौत को दावत देने जैसा था।"
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