Logo
Breaking News Exclusive
गरियाबंद में झोपड़ी में आंगनबाड़ी, 209 किराए में, 81 जुगाड़ में चल रहे, कमर तक बाढ़ पार कर रहे मासूम जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था; 120 की स्पीड में कार 7 फीट उछली, दम तोड़ने से पहले बोला- मुझे बचा लो... बेटे ने मां को दिए थे पैसे, मांगने पर मना किया तो पति ने लात-घूसों से तोड़ी तिल्ली; गिरफ्तार SI, ASI स्टेनो और पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में झंडे गाड़े, लेकिन MBBS सीट नहीं मिला, पढ़िए शहडोल संभाग के शुभांगी की कहा आम के बगीचे में सजी थी महफिल, 300 मीटर पहले गाड़ी खड़ी कर पैदल पहुंची पुलिस घर के कमरे में मिला शव, फंदे से उतारने तक थम चुकी थीं सांसें घर के बाहर बैठे थे दोनों, परिजन बोले- एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या; एसपी बोले- दबिश जारी MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में झोपड़ी में आंगनबाड़ी, 209 किराए में, 81 जुगाड़ में चल रहे, कमर तक बाढ़ पार कर रहे मासूम जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था; 120 की स्पीड में कार 7 फीट उछली, दम तोड़ने से पहले बोला- मुझे बचा लो... बेटे ने मां को दिए थे पैसे, मांगने पर मना किया तो पति ने लात-घूसों से तोड़ी तिल्ली; गिरफ्तार SI, ASI स्टेनो और पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में झंडे गाड़े, लेकिन MBBS सीट नहीं मिला, पढ़िए शहडोल संभाग के शुभांगी की कहा आम के बगीचे में सजी थी महफिल, 300 मीटर पहले गाड़ी खड़ी कर पैदल पहुंची पुलिस घर के कमरे में मिला शव, फंदे से उतारने तक थम चुकी थीं सांसें घर के बाहर बैठे थे दोनों, परिजन बोले- एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या; एसपी बोले- दबिश जारी MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation

: अनूपपुर में बजबजाती नालियों का जिम्मेदार कौन ? मशाल रैली से ‘कोताही’ पर पर्दा, वार्डों में गंदगी का अंबार, खतरनाक बीमारियों का मंडरा रहा खतरा, दुर्गंध से लोगों का बुराहाल

शैलेंद्र विश्वकर्मा, अनूपपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 मई माह में होने जा रहा है. जिले के नगर निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता के क्षेत्र में अच्छी स्थिति बनी रहे के लिए कवायद हो रही है. जिला प्रशासन भी इसके लिए मशक्कत कर रहा है, लेकिन प्रयासों के बावजूद सफाई का कार्य ठीक तरह से नहीं हो रहे हैं. नगर पालिका पसान में साफ सफाई वार्डों में प्राथमिकता के साथ नहीं कराए जा रहे हैं. मशाल जुलूस जरूर निकाली जा रही है, लेकिन रहवासी और सार्वजनिक स्थानों में जैसी सफाई देनी चाहिए उसका अभाव बना हुआ है. जिले के 6 नगरीय निकायों के सर्वेक्षण के लिए जिला स्तरीय टीमें गठित की गई, जिला स्तरीय टीम में शामिल अधिकारियों को सप्ताह में 6 नगरीय निकाय के स्वच्छता सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है. निर्देश दिए गए हैं कि एक सप्ताह में तीन दिवस भ्रमण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें. वहीं नगर पालिका परिषद पसान स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 को अमलीजामा पहनाने के लिए धरातल पर जोर-शोर से कार्य चल रहा है तो दूसरी नगर परिषद के कई वार्डों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. नालियों मे गंदगी ऊफान मार रही है. कचरे का उठाव ठीक तरह से नहीं हो रहा है. भीड़ -भाड़ वाले स्थानों पर भी नीम सफाई नहीं हो रही है, जिसके चलते स्वच्छता सर्वेक्षण मात्र दिखावा साबित हो रहा है. मसाल रैली स्वच्छता संदेश बना दिखावा जिले के पसान नगर पालिका अंतर्गत स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत जगह जगह वॉल पेंटिंग और स्कूलों में आंगनबाड़ियों में चित्रकला के माध्यम से संदेश देकर लाखों का भुगतान किया जा रहा है. वहीं मशाल रैली निकालकर स्वच्छता का संदेश जा रहा है, लेकिन परिषद के राजीव चौक वार्ड एक, तीन और वार्ड आठ भालूमाड़ा श्रमिक कालोनी, जमुना श्रमिक कालोनी, पसान गांव में गंदगी का अंबार लगा है. दुर्गंध और कचरे का जमावड़ा साफ सफाई के व सड़क के किनारे कराई जा रही है, ताकि बाहर से स्वच्छता कारण अच्छा दिखे, लेकिन हकीकत है कि आंतरिक स्थानों पर दुर्गंध और कचरे का जमावड़ा बना हुआ है. निचली बस्तियों में सफाई की स्थिति को परखी जा सकती है. यही औपचारिकता निभाई जाती रही तो स्वच्छता के क्षेत्र में पसान अपनी रैकिंग का सुधार नहीं कर पाएगा पिछली बार 156 वीं रैकिंग यहां थी. स्वच्छता के संसाधन मौजूद फिर भी सफाई का आभाव नगर पालिका को स्वच्छता के लिए पर्याप्त बजट मिलता है और खर्च भी किया जा रहा है, लेकिन परिणाम नजर नहीं आ रहा है. पसान में कुल 18 वार्ड हैं. अधिकांश वार्ड कालरी क्षेत्र में हैं, जहां सफाई का जिम्मा सिविल विभाग के अधीन हैं, लेकिन जो एरिया नगर पालिका का है यदि वहां खर्च का सही उपयोग हो तो जिले में है यह परिषद बेहतर स्थिति में हो. पसान नगर पालिका के लोग हताश यहां कुल 98 सफाई कर्मचारी रखे गए हैं. 6 कचरा गाड़ियां हैं, जिसमें दो ट्रैक्टरों के माध्यम से कचरे का उठाव किया जाना होता है, फिर भी कचरे का नियमित उठाव नहीं किया जा रहा है, जिससे लोग परेशान रहते हैं. पसान नगर पालिका क्षेत्र में प्रत्येक दिन 3 टन से अधिक कचरा निकलता है. संक्रामक बीमारी का अटैक यहां पॉलिथीन के उपयोग पर अंकुश नहीं लग रहा है, जो कचरे को बढ़ाने का मुख्य काम कर रही है. कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव भी वार्डों में नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों को इस गर्मी के मौसम में संक्रामक बीमारी से पीड़ित होना पड़ रहा है. नालियां क्यों बजबजा रही हैं ? पसान नगर पालिका स्वच्छता प्रभारी अविनाश मरकाम ने कहा कि नगर के सभी वार्ड में स्वच्छता को लेकर हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. लोगों का सहयोग भी बेहतर मिल रहा है. जहां भी सूचना मिलती है कचरे का निष्पादन कार्य किया जाता है. ऐसे में सवाल ये है कि फिर ये नालियां क्यों बजबजा रही हैं ?. read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन