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कभी भी बंद हो सकती है धान खरीदी ? : गरियाबंद में धान खरीदी केंद्रों में बदहाली का आलम, किसानों को नहीं हुआ करोड़ों का भुगतान

MP CG Times / Thu, Dec 18, 2025

गरियाबंद जिले के देवभोग और गोहरापदर क्षेत्र में धान खरीदी (Paddy Procurement) अब संकट की ओर बढ़ती दिख रही है। देवभोग के 10 और गोहरापदर ब्रांच के 17, कुल 27 खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट (Buffer Limit) से ढाई गुना अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। इससे केंद्रों में Storage Problem शुरू हो गई है और कभी भी खरीदी बंद (Procurement Suspension) होने की स्थिति बन सकती है।

देवभोग सहकारी बैंक के अधीन आने वाले 10 तथा गोहरापदर ब्रांच के अधीन 17 खरीदी केंद्रों को लेकर शाखा प्रबंधकों ने अपने उच्च कार्यालय को पत्र (Official Letter) लिखकर धान उठाव (Lifting of Paddy) की तत्काल मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय पर उठाव नहीं हुआ तो खरीदी रोकनी पड़ सकती है।

आंकड़े डराने वाले, बफर लिमिट कई गुना पार
जिला विपणन अधिकारी (District Marketing Office) को भेजे गए मांग पत्र के अनुसार देवभोग क्षेत्र के 10 खरीदी केंद्रों की बफर लिमिट 1 लाख 12 हजार क्विंटल तय थी, जबकि अब तक यहां 2 लाख 41 हजार 546 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इसी तरह गोहरापदर ब्रांच के 17 खरीदी केंद्रों की बफर लिमिट 1 लाख 69 हजार 200 क्विंटल है, लेकिन यहां खरीदी बढ़कर 3 लाख 45 हजार 214 क्विंटल तक पहुंच गई है। यह स्थिति Logistics Failure की ओर इशारा कर रही है।

देवभोग केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी कुंज बिहारी बेहरा ने बताया कि तय सीमा से कई गुना अधिक धान आने के कारण Storage Management में भारी दिक्कत हो रही है। यदि इस सप्ताह धान उठाव नहीं हुआ तो अगले सप्ताह से कई केंद्रों में खरीदी बंद करनी पड़ेगी।

देवभोग बीएम अमर सिंह ठाकुर और गोहरापदर बीएम दुष्यंत इंग्ले ने भी पुष्टि की कि धान की मात्रा बफर लिमिट से काफी अधिक हो चुकी है। दोनों अधिकारियों ने जिला विपणन और अपने नोडल अधिकारी को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत करा दिया है।

करोड़ों का भुगतान लंबित, मिलर्स ने खींचे हाथ
धान उठाव में एक बड़ी बाधा Payment Pending भी है। संग्रहण केंद्रों के अलावा डीओ के माध्यम से मिलर्स (Rice Millers) से भी उठाव होता था। जिले में करीब 60 मिलर्स थे, जिनमें से अब तक सिर्फ 24 ने ही अनुबंध (Contract) कराया है। वहीं 22 मिलर्स को अपात्र श्रेणी में रखकर मॉड्यूल से लॉक कर दिया गया है।

फोर्टीफाइड चावल (Fortified Rice) की राशि, पिछले वर्ष के परिवहन चार्ज (Transport Charges) और कस्टम मिलिंग (Custom Milling) की बिलिंग के करोड़ों रुपये शासन स्तर पर लंबित हैं। इसी कारण कई मिलर्स धान उठाव के लिए आगे नहीं आ रहे, जिससे Supply Chain और अधिक प्रभावित हो रही है।

सोमवार से उठाव शुरू होने का दावा
जिला विपणन अधिकारी किशोर चंद्रा ने बताया कि ट्रांसपोर्टर (Transporter Agreement) से अनुबंध के बाद राज्य समिति की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुछ जगहों पर उठाव शुरू हो गया है और सोमवार से देवभोग क्षेत्र में भी धान उठाव शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिलर्स की संख्या कम है, इसलिए पड़ोसी जिलों के मिलर्स से भी जल्द अनुबंध (Inter-District Contract) कराया जाएगा ताकि उठाव प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। गरियाबंद में कुछ मिलर्स के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के दौरान कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए धान की मात्रा में कमी पाई गई थी, इसी वजह से उन्हें अपात्र घोषित किया गया है।

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