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: छत्तीसगढ़: कांकेर के एक गांव में बंद पड़े घर में घुसा तेंदुआ, दहशत में ग्रामीण, वन विभाग की टीम मौके पर

News Desk / Wed, Oct 26, 2022


तेंदुए को तलाशती टीम

तेंदुए को तलाशती टीम - फोटो : अमर उजाला

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कांकेर वन परिक्षेत्र चारामा अंतर्गत ग्राम साराधुनवा गांव में तेंदुआ देखे जाने से गांव में लोग भयभीत हैं। गांव वालों को देख तेंदुआ भागते हुए बीच बस्ती में आ पहुंचा और एक सुनसान मकान में जा घुसा, इसकी जानकारी तत्काल ग्राम पंचायत के द्वारा वन विभाग चारामा को दी गई। सूचना पर वन विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी गांव सराधुनावा गांव पहुंचे। ग्रामीणों के द्वारा जिस घर में तेंदुआ के होने की जानकारी बताई जा रही थी उस जगह तेंदुआ है या नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 

जानकारी के अनुसार जिस घर में तेंदुआ होने की जानकारी दी जा रही थी वह घर वर्षों से बंद है और वहां के निवासी अन्य गांव में रहते हैं, इसलिए उस घर में ताला लगा हुआ है। साथ ही बड़े-बड़े पेड़ पौधे झील होने के चलते वन विभाग को दिक्कतें भी हो रही थी, जिसके बाद वन विभाग की एक टीम उस मकान के खपरे के छानी पर चढ़कर यह पता लगाने में जुटी है कि तेंदुआ किस जगह पर बैठा है। छोटे-छोटे कैमरे अंदर रस्सी से बांधकर खपरे के छानी से नीचे कमरे तक भेजे गए, जिसमें तेंदुए की मूवमेंट दिखाई दी।

इसके बाद वन विभाग ने कंफर्म किया कि तेंदुआ उस कमरे में बैठा हुआ है। हालांकि तेंदुआ सुबह से ही लेकर देर शाम छह बजे उसी कमरे में रहा। उसके द्वारा किसी भी प्रकार की हलचल नहीं की गई और ना ही कमरे से बाहर निकलने या घर से बाहर निकलने का प्रयास किया गया। हालांकि घर में ताला लगा हुआ है, लेकिन घर के एक हिस्से में ऊपर की ओर थोड़ी सी जगह घर में प्रवेश करने के लिए थी। अंदाजा लगाया जा रहा कि वहीं से तेंदुआ उस घर के अंदर घुसा। वहीं तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। आसपास के गांव वाले भी उस जगह पर पहुंचने लगे, जिसे कंट्रोल करने के लिए चारामा से पुलिस की टीम बुलाई गई और पुलिस की टीम सहित वन विभाग की टीम सुबह तक तैनात रही। जानकारी है कि जब तेंदुआ गांव में देखा गया उसके पहले गांव के ही कुछ जीव-जंतुओं को उसने अपना निवाला बनाया था।

विस्तार

कांकेर वन परिक्षेत्र चारामा अंतर्गत ग्राम साराधुनवा गांव में तेंदुआ देखे जाने से गांव में लोग भयभीत हैं। गांव वालों को देख तेंदुआ भागते हुए बीच बस्ती में आ पहुंचा और एक सुनसान मकान में जा घुसा, इसकी जानकारी तत्काल ग्राम पंचायत के द्वारा वन विभाग चारामा को दी गई। सूचना पर वन विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी गांव सराधुनावा गांव पहुंचे। ग्रामीणों के द्वारा जिस घर में तेंदुआ के होने की जानकारी बताई जा रही थी उस जगह तेंदुआ है या नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 

जानकारी के अनुसार जिस घर में तेंदुआ होने की जानकारी दी जा रही थी वह घर वर्षों से बंद है और वहां के निवासी अन्य गांव में रहते हैं, इसलिए उस घर में ताला लगा हुआ है। साथ ही बड़े-बड़े पेड़ पौधे झील होने के चलते वन विभाग को दिक्कतें भी हो रही थी, जिसके बाद वन विभाग की एक टीम उस मकान के खपरे के छानी पर चढ़कर यह पता लगाने में जुटी है कि तेंदुआ किस जगह पर बैठा है। छोटे-छोटे कैमरे अंदर रस्सी से बांधकर खपरे के छानी से नीचे कमरे तक भेजे गए, जिसमें तेंदुए की मूवमेंट दिखाई दी।

इसके बाद वन विभाग ने कंफर्म किया कि तेंदुआ उस कमरे में बैठा हुआ है। हालांकि तेंदुआ सुबह से ही लेकर देर शाम छह बजे उसी कमरे में रहा। उसके द्वारा किसी भी प्रकार की हलचल नहीं की गई और ना ही कमरे से बाहर निकलने या घर से बाहर निकलने का प्रयास किया गया। हालांकि घर में ताला लगा हुआ है, लेकिन घर के एक हिस्से में ऊपर की ओर थोड़ी सी जगह घर में प्रवेश करने के लिए थी। अंदाजा लगाया जा रहा कि वहीं से तेंदुआ उस घर के अंदर घुसा। वहीं तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। आसपास के गांव वाले भी उस जगह पर पहुंचने लगे, जिसे कंट्रोल करने के लिए चारामा से पुलिस की टीम बुलाई गई और पुलिस की टीम सहित वन विभाग की टीम सुबह तक तैनात रही। जानकारी है कि जब तेंदुआ गांव में देखा गया उसके पहले गांव के ही कुछ जीव-जंतुओं को उसने अपना निवाला बनाया था।


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