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: Korba: तहसील कार्यालय में अफसरों पर भड़के वकील धरने पर बैठे, कहा- उनकी कुर्सी-टेबल उठाकर फेंक दी

News Desk / Tue, Nov 22, 2022


कोरबा तहसील कार्यालय में धरने पर बैठे वकील।

कोरबा तहसील कार्यालय में धरने पर बैठे वकील। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में अफसरों और वकीलों के बीच ठन गई है। सारा विवाद तहसील कार्यालय में बैठने को लेकर है। वकीलों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी टेबल-कुर्सी उठवाकर फिंकवा दी। जबकि वह दशकों से वहां बैठते आ रहे हैं। इसके बाद वकील बुधवार को SDM कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। 

दरअसल, रोज की तरह वकील बुधवार को जब तहसील कार्यालय पहुंचे तो उनकी टेबल-कुर्सियां निर्धारित स्थान पर नहीं थीं। उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था। इस पर वकीलों का गुस्सा भड़क गया। क्लर्कों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए वकील कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। वकील जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। 

वकीलों का कहना है कि वे पिछले ढाई दशकों से परिसर में ही अपनी बैठक व्यवस्था बनाकर रखे हुए हैं। उनके बैठने की व्यवस्था को लेकर एसडीएम से बातचीत भी हुई थी उसके बाद इस तरह से उनके कुर्सी-टेबल को फेंक देना बाबुओं की मनमानी को दर्शा रहा है। वकीलों ने बाबुओं पर यह भी आरोप लगाया कि, उन्हें परिसर से हटाने के प्रयास में लगे हुए है।

वहीं तहसीलदार मुकेश देवांगन ने बताया कि, वकीलों के लिए तहसील कार्यालय के बाहर बैठने की व्यवस्था बनाई गई है, लेकिन वे परिसर में ही अपना कब्जा जमाए हुए हैं। इसके चलते आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वकीलों को कई बार समझाया गया, लेकिन वे नहीं माने। इस कारण अंत में उन्हें उनके बैठने के स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा में अफसरों और वकीलों के बीच ठन गई है। सारा विवाद तहसील कार्यालय में बैठने को लेकर है। वकीलों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी टेबल-कुर्सी उठवाकर फिंकवा दी। जबकि वह दशकों से वहां बैठते आ रहे हैं। इसके बाद वकील बुधवार को SDM कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। 

दरअसल, रोज की तरह वकील बुधवार को जब तहसील कार्यालय पहुंचे तो उनकी टेबल-कुर्सियां निर्धारित स्थान पर नहीं थीं। उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था। इस पर वकीलों का गुस्सा भड़क गया। क्लर्कों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए वकील कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। वकील जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। 

वकीलों का कहना है कि वे पिछले ढाई दशकों से परिसर में ही अपनी बैठक व्यवस्था बनाकर रखे हुए हैं। उनके बैठने की व्यवस्था को लेकर एसडीएम से बातचीत भी हुई थी उसके बाद इस तरह से उनके कुर्सी-टेबल को फेंक देना बाबुओं की मनमानी को दर्शा रहा है। वकीलों ने बाबुओं पर यह भी आरोप लगाया कि, उन्हें परिसर से हटाने के प्रयास में लगे हुए है।

वहीं तहसीलदार मुकेश देवांगन ने बताया कि, वकीलों के लिए तहसील कार्यालय के बाहर बैठने की व्यवस्था बनाई गई है, लेकिन वे परिसर में ही अपना कब्जा जमाए हुए हैं। इसके चलते आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वकीलों को कई बार समझाया गया, लेकिन वे नहीं माने। इस कारण अंत में उन्हें उनके बैठने के स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।


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