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: पूर्व CM की बहू पर FIR: उपचुनाव में जमा सर्टीफिकेट को बताया फर्जी, ऋचा जोगी बोलीं- मुख्यमंत्री को हुआ जोगेरिया

News Desk / Wed, Nov 16, 2022


ऋचा जोगी।

ऋचा जोगी। - फोटो : social media

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की बहू और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। यह FIR फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में हुई है। आरोप है कि मरवाही उपचुनाव के दौरान जमा किया गया अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। वहीं ऋचा जोगी का कहना है कि पहले डॉक्टर साहब और अब मुख्यमंत्री को जोगेरिया हो गया है। 

जून 2021 में उच्च स्तरीय समिति ने प्रमाणपत्र किया था निरस्त
दरअसल, साल 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही विधानसभा सीट के लिए उनकी बहू ऋचा जोगी ने नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने ऋचा रूपाली साधु के नाम से जाति प्रमाण पत्र जारी होना बताया था। इसके बाद जून 2021 को उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने ऋचा जोगी के गोंड अनुसूचित जनजाति के स्थायी प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया था। 

जांच समिति की रिपोर्ट पर दर्ज हुई FIR
उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने जांच में पाया था कि ऋचा जोगी के पिता क्रिश्चियन थे। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर ऋचा जोगी के खिलाफ सहायक आयुक्त एलआर कुर्रे ने मुंगेली कोतवाली में केस दर्ज कराया है। शिकायत में कहा गया है कि, ऋचा रुपाली साधु (शादी से पहले का नाम) ने अवैध रूप से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र तैयार कर इसे उपयोग किया। ऋचा के खिलाफ सामाजिक प्रस्थिति प्रमाणीकरण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

चुनावी समर आते ही नेताओं को जोगेरिया हो जाता है
वहीं मामला दर्ज होने के बाद ऋचा जोगी ने कहा है कि जोगेरिया के लक्ष्ण एक बार फिर दिखने लगे हैं। चुनावी समर आते ही कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस के नेताओं को जोगेरिया हो जाता है। डॉ. साहब को भी जोगेरिया हुआ था नतीजा, आज घर में बैठे हैं। कहा कि, जोगी जन अधिकार पदयात्रा के शुरू होने के ठीक पहले उनके खिलाफ एफआईआर ये प्रमाणित करता है कि मुख्यमंत्री फिर एक बार जोगेरिया से ग्रसित हो गए हैं। 

जोगी जन अधिकार यात्रा से घबराई सरकार
उन्होंने कहा कि, उनकी जाति का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन उसके बाद भी बिना किसी कोर्ट आर्डर के, उन पर अचानक एफआईआर करना 'जोगी जन आधिकार पदयात्रा में भाग लेने से रोकने का प्रयास है। वह इसकी अकलतरा विधानसभा की पर्यवेक्षक हैं। उन्होंने कहा कि, पदयात्रा की जोर-शोर से हो रही तैयारी और मिल रहे जनसमर्थन से घबरा कर, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की बहू और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। यह FIR फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में हुई है। आरोप है कि मरवाही उपचुनाव के दौरान जमा किया गया अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। वहीं ऋचा जोगी का कहना है कि पहले डॉक्टर साहब और अब मुख्यमंत्री को जोगेरिया हो गया है। 

जून 2021 में उच्च स्तरीय समिति ने प्रमाणपत्र किया था निरस्त
दरअसल, साल 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद खाली हुई मरवाही विधानसभा सीट के लिए उनकी बहू ऋचा जोगी ने नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने ऋचा रूपाली साधु के नाम से जाति प्रमाण पत्र जारी होना बताया था। इसके बाद जून 2021 को उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने ऋचा जोगी के गोंड अनुसूचित जनजाति के स्थायी प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया था। 

जांच समिति की रिपोर्ट पर दर्ज हुई FIR
उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने जांच में पाया था कि ऋचा जोगी के पिता क्रिश्चियन थे। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर ऋचा जोगी के खिलाफ सहायक आयुक्त एलआर कुर्रे ने मुंगेली कोतवाली में केस दर्ज कराया है। शिकायत में कहा गया है कि, ऋचा रुपाली साधु (शादी से पहले का नाम) ने अवैध रूप से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र तैयार कर इसे उपयोग किया। ऋचा के खिलाफ सामाजिक प्रस्थिति प्रमाणीकरण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।


चुनावी समर आते ही नेताओं को जोगेरिया हो जाता है
वहीं मामला दर्ज होने के बाद ऋचा जोगी ने कहा है कि जोगेरिया के लक्ष्ण एक बार फिर दिखने लगे हैं। चुनावी समर आते ही कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस के नेताओं को जोगेरिया हो जाता है। डॉ. साहब को भी जोगेरिया हुआ था नतीजा, आज घर में बैठे हैं। कहा कि, जोगी जन अधिकार पदयात्रा के शुरू होने के ठीक पहले उनके खिलाफ एफआईआर ये प्रमाणित करता है कि मुख्यमंत्री फिर एक बार जोगेरिया से ग्रसित हो गए हैं। 

जोगी जन अधिकार यात्रा से घबराई सरकार
उन्होंने कहा कि, उनकी जाति का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन उसके बाद भी बिना किसी कोर्ट आर्डर के, उन पर अचानक एफआईआर करना 'जोगी जन आधिकार पदयात्रा में भाग लेने से रोकने का प्रयास है। वह इसकी अकलतरा विधानसभा की पर्यवेक्षक हैं। उन्होंने कहा कि, पदयात्रा की जोर-शोर से हो रही तैयारी और मिल रहे जनसमर्थन से घबरा कर, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। 


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