Logo
Breaking News Exclusive
भुवनेश्वर की 4 साल बाद Team India में वापसी, New Zealand T20 Squad में Vaibhav Suryavanshi बरकरार CEC Gyanesh Kumar से मिलने की जिद; 250 प्रदर्शनकारी पकड़े गए टाइगर रिजर्व में दौड़े 250 लोग, हॉर्नबिल संरक्षण का दिया संदेश गरियाबंद में पूर्व विधायक मांझी बोले- पुल-बैंक-सिंचाई कुछ नहीं दे पाए, फिर कैसे होगी जनता की सेवा ? सिर-धड़ अलग कर फेंके, अफेयर खत्म करना चाहती थी, इसलिए मिलने बुलाया और मार डाला बस और आइस बॉक्स में छिपाया; 250 KM का स्मगलिंग रूट, जानिए कहां थी डिलीवरी पहाड़ पर बना दिया कॉलेज, न जाने का रास्ता, न बस सुविधा; अमरकंटक मार्ग पर लगा गाड़ियों का लंबा जाम 4 गांवों में Hotel-Resort और Tourism Facilities; जानिए सैटेलाइट सिटी में कौन-कौन से गांव ? आधी रात को प्रेमिका के कमरे में घुसा; 'तू किसी और से बात करती है' कहकर चाकू से गोदे 5 वार, मौत आरोपी बोला- गांव वालों ने हाथ-पैर बांधे थे, इसलिए गुस्से में 4 अपनों को मार डाला भुवनेश्वर की 4 साल बाद Team India में वापसी, New Zealand T20 Squad में Vaibhav Suryavanshi बरकरार CEC Gyanesh Kumar से मिलने की जिद; 250 प्रदर्शनकारी पकड़े गए टाइगर रिजर्व में दौड़े 250 लोग, हॉर्नबिल संरक्षण का दिया संदेश गरियाबंद में पूर्व विधायक मांझी बोले- पुल-बैंक-सिंचाई कुछ नहीं दे पाए, फिर कैसे होगी जनता की सेवा ? सिर-धड़ अलग कर फेंके, अफेयर खत्म करना चाहती थी, इसलिए मिलने बुलाया और मार डाला बस और आइस बॉक्स में छिपाया; 250 KM का स्मगलिंग रूट, जानिए कहां थी डिलीवरी पहाड़ पर बना दिया कॉलेज, न जाने का रास्ता, न बस सुविधा; अमरकंटक मार्ग पर लगा गाड़ियों का लंबा जाम 4 गांवों में Hotel-Resort और Tourism Facilities; जानिए सैटेलाइट सिटी में कौन-कौन से गांव ? आधी रात को प्रेमिका के कमरे में घुसा; 'तू किसी और से बात करती है' कहकर चाकू से गोदे 5 वार, मौत आरोपी बोला- गांव वालों ने हाथ-पैर बांधे थे, इसलिए गुस्से में 4 अपनों को मार डाला

: गरियाबंद जिला अस्पताल में भी मौत को दावत ! फायर सेफ्टी सिर्फ नाम का तमाशा, फाइलों में ही दब गई ज़िंदगी की सुरक्षा

MP CG Times / Thu, Oct 16, 2025

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद – जिले की कलेक्टरेट हो, अस्पताल हो या विभागीय दफ्तर — हर जगह फायर सेफ्टी सिस्टम सिर्फ दिखावे का तमाशा बनकर रह गया है। जिन दफ्तरों में हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है, वहां आग से निपटने के इंतजाम खुद धुएं में उड़ चुके हैं।

संयुक्त जिला कार्यालय, जहां से पूरे जिले की प्रशासनिक कमान चलती है, वहीं दो महीने से फायर एक्टिंगविशर एक्सपायर पड़ा है। गेट पर लगा 6 किलो वाला यंत्र हो या अंदर के बीसों ऑफिस — सब जगह लापरवाही की मिसालें गड़ी हैं। 8 अगस्त 2024 को भरे गए यंत्र 7 अगस्त 2025 तक वैध थे। यानी अगस्त के बाद से कलेक्टरेट में लगे फायर सेफ्टी यंत्र सिर्फ दीवार की शोभा हैं, सुरक्षा की नहीं।

जिन्हें सीख देनी चाहिए, वो खुद गैरजिम्मेदार

जिले के आला अफसरों को सुरक्षा मानकों की दुहाई देने में देर नहीं लगती, लेकिन अपने ही ऑफिस में मौत को न्यौता देने वाले हालात से आंखें मूंदे बैठे हैं। कोई पूछे — क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है?

हादसे की तारीख लिख चुकी जगहों पर भी सुध नहीं

दो साल पहले जिस सीएमएचओ दफ्तर के गोदाम में आग लगी थी, वहां भी हालात जस के तस हैं। वहां लगा यंत्र साल भर पहले ही एक्सपायर हो चुका है। जिला अस्पताल, जहां हर रोज मरीजों की भीड़ उमड़ती है, वहां भी फायर सेफ्टी एक दिखावटी नाम है। पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग, विश्राम गृह — कोई दफ्तर इससे अछूता नहीं।

नोटिस का भी नहीं कोई असर

आखिरी बार जब अग्निशमन अधिकारी ने सीएमएचओ और पीडब्ल्यूडी को नोटिस थमाया, तो लगा था कुछ तो बदलेगा। लेकिन न जिम्मेदारी बदली, न सिस्टम। जिला अस्पताल के प्रशासन से लेकर कलेक्टर के दफ्तर तक, हर जगह हालात यह चीख-चीख कर कह रहे हैं कि यहां लापरवाही को ‘नियम’ बना दिया गया है।

"कब जागेगा सिस्टम?"

पुष्पराज सिंह, जिला अग्निशमन अधिकारी ने साफ कहा है कि रिफिलिंग न कराने से न सिर्फ ड्राय पाउडर बेअसर हो जाता है बल्कि सिलेंडर का प्रेशर भी खत्म हो जाता है। लेकिन फिर सवाल ये है — क्या सिर्फ नोटिस देकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है? क्या आम जनता की जान की कीमत एक एक्सपायर्ड सिलेंडर से भी कम है?

गरियाबंद प्रशासन फिलहाल आग से खेलने का शौक पाले हुए है। लेकिन याद रखिए — जब चिंगारी भड़कती है, तो सिस्टम की नींद से पहले लोगों की जान जाती है।

Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन