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: संपत्ति के लिए पिता का कत्ल: डंडे से पीट-पीटकर बेटे ने मार डाला, फिर कुएं फेंका शव और कचरे से ढंक दिया

News Desk / Mon, Nov 28, 2022


पुलिस ने हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के कोरबा में संपत्ति विवाद में एक युवक ने अपने बुजुर्ग पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर के कुएं में फेंक दिया। घर के दरवाजे पर मिले खून के छींटों के चलते आरोपी पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी हत्या के प्यास में जेल जा चुका है और कुछ समय पहले ही छूटकर आया था। मामला रजगामार चौकी क्षेत्र का है। 

जानकारी के मुताबिक, कोई गांव निवासी बहादुर सिंह (65) खेती-किसानी करते थे। उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा संजय राठिया (40), फिर श्रवण और तीसरा सिकंदर। तीनों बेटों की शादी हो चुकी है। श्रवण और सिकंदर पिता के साथ ही किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। जबकि बड़ा बेटा संजय ग्राम घिनारा में पत्नी और बच्चों के साथ रहता था।

पुलिस ने बताया कि संजय कभी-कभी गांव आता था। वह रविवार को भी घर आया था। इस दौरान बहादुर सिंह अपने दोनों बेटों के साथ खेत पर काम करने गए थे। संजय घर में ही था। इस बीच बहादुर सिंह दोपहर में घर पहुंच गए। आरोप है कि संजय वहां पहले से ही डंडा लेकर खड़ा था। उसने आते ही जमीन और खेतों के बंटवारे को लेकर पिता से झगड़ा शुरू कर दिया। 

दोनों के बीच कहासुनी में विवाद इतना बढ़ गया कि संजय ने डंडे से पिता पर हमला कर दिया। डंडे से पीटने के कारण सिर पर चोट लगने से बहादुर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को छिपाने के लिए संजय ने उसे घर के ही कुएं में फेंक दिया। फिर बाड़ी से जाकर झाड़ियां व कचरा ले आया और उसे कुंए में डालकर बंद कर दिया। 

शाम को जब दोनों बेटे व अन्य सदस्य घर लौटे तो बहादुर सिंह नहीं दिखाई दिए। इस पर उन्होंने संजय से पूछा तो वह इधर-उधर के जवाब देने लगा। इस बीच उनकी नजर दरवाजे के पास खून के छींटों पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने संजय से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने कुएं से शव निकाल पोस्टमार्ट के लिए भेजा।

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरबा में संपत्ति विवाद में एक युवक ने अपने बुजुर्ग पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर के कुएं में फेंक दिया। घर के दरवाजे पर मिले खून के छींटों के चलते आरोपी पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी हत्या के प्यास में जेल जा चुका है और कुछ समय पहले ही छूटकर आया था। मामला रजगामार चौकी क्षेत्र का है। 

जानकारी के मुताबिक, कोई गांव निवासी बहादुर सिंह (65) खेती-किसानी करते थे। उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा संजय राठिया (40), फिर श्रवण और तीसरा सिकंदर। तीनों बेटों की शादी हो चुकी है। श्रवण और सिकंदर पिता के साथ ही किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। जबकि बड़ा बेटा संजय ग्राम घिनारा में पत्नी और बच्चों के साथ रहता था।

पुलिस ने बताया कि संजय कभी-कभी गांव आता था। वह रविवार को भी घर आया था। इस दौरान बहादुर सिंह अपने दोनों बेटों के साथ खेत पर काम करने गए थे। संजय घर में ही था। इस बीच बहादुर सिंह दोपहर में घर पहुंच गए। आरोप है कि संजय वहां पहले से ही डंडा लेकर खड़ा था। उसने आते ही जमीन और खेतों के बंटवारे को लेकर पिता से झगड़ा शुरू कर दिया। 

दोनों के बीच कहासुनी में विवाद इतना बढ़ गया कि संजय ने डंडे से पिता पर हमला कर दिया। डंडे से पीटने के कारण सिर पर चोट लगने से बहादुर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को छिपाने के लिए संजय ने उसे घर के ही कुएं में फेंक दिया। फिर बाड़ी से जाकर झाड़ियां व कचरा ले आया और उसे कुंए में डालकर बंद कर दिया। 


शाम को जब दोनों बेटे व अन्य सदस्य घर लौटे तो बहादुर सिंह नहीं दिखाई दिए। इस पर उन्होंने संजय से पूछा तो वह इधर-उधर के जवाब देने लगा। इस बीच उनकी नजर दरवाजे के पास खून के छींटों पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने संजय से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने कुएं से शव निकाल पोस्टमार्ट के लिए भेजा।

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