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: Chhattisgarh Reservation Bill: 'विधानसभा से बड़ा है विधिक सलाहकार?' राज्यपाल पर भड़के सीएम बघेल, तीन जनवरी को रैली करेगी कांग्रेस

News Desk / Tue, Dec 27, 2022

हाइलाइट्स
  • आरक्षण विधेयक पर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक घमासान जारी
  • सीएम बघेल ने राज्यपाल पर लगाया टालमटोल का आरोप
  • सरकार से मिले जवाबों का परीक्षण करेंगी राज्यपाल
  • राज्यपाल के रवैये के खिलाफ तीन जनवरी को कांग्रेस की रैली
रायपुर: छत्तीसगढ़ में आरक्षण बिल पर घमासान अब भी जारी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्यपाल अनुसुइया उइके आरक्षण विधेयकों को मंजूरी नहीं देने के लिए बहाने बना रही हैं। अब कांग्रेस इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेगी। विधानसभा में पारित आरक्षण विधेयकों को राज्यपाल से अभी तक मंजूरी नहीं मिलने को लेकर बघेल ने सोमवार को कहा कि सत्ताधारी दल तीन जनवरी को रैली आयोजित करेगा।

राज्यपाल पर टालमटोल का आरोप

आरक्षण विधेयकों पर मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान बघेल ने कहा कि आरक्षण के मामले पर राज्यपाल लगातार टालने का बहाना ढूंढ रही हैं। विधानसभा में आरक्षण का विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ है। बघेल ने पूछा कि क्या विधिक सलाहकार विधानसभा से बड़ा हो गया है? उन्होंने कहा, 'यह एक उदाहरण है कि कैसे संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और उन्हें नीचा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।'

सरकार ने भेजे जवाब

राज्य में आरक्षण विधेयकों की मंजूरी से पहले राज्यपाल ने राज्य सरकार से 10 बिंदुओं पर सवाल किया था। इसका जवाब राज्य सरकार ने राज्यपाल को भेज दिया है। बघेल ने कहा कि सभी अधिकारी इस बात पर विरोध में थे कि राज्यपाल ने जो 10 प्रश्न भेजे हैं उसका जवाब देना है, क्योंकि संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। फिर भी राज्यपाल की जिद को ध्यान में रखते हुए और छत्तीसगढ़ की पौने तीन करोड़ जनता के हित में वह लागू हो जाए तथा कम से कम उनका इगो सेटिस्फाई हो जाएगा, इसलिए मैंने जवाब दिया।

राज्यपाल ने कहा- परीक्षण कराऊंगी

मुख्यमंत्री ने कहा, 'राज्यपाल अब फिर से बहाना ढूंढ रही हैं कि परीक्षण कराउंगी। क्या विधिक सलाहकार विधानसभा से बड़े हो गए हैं? क्योंकि परीक्षण कोर्ट करती है। हाईकोर्ट हो या सुप्रीम कोर्ट हो। क्या परीक्षण विधिक सलाहकार करेगा। इसी कारण यह विधेयक रुक रहा है। यह दुर्भाग्यजनक है।'
तीन जनवरी को कांग्रेस की रैली
बघेल ने आगे कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी तीन जनवरी को इस मुद्दे पर बड़ी रैली करेगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में इस महीने की तीन तारीख को छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण) संशोधन विधेयक, 2022 और छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश में आरक्षण) संशोधन विधेयक 2022 पारित किया गया था।
विधेयक में ये प्रावधान
विधेयकों के अनुसार राज्य में अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
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