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: रायपुर में हीरे और सोने के गहनों की लूट: मां को घर में बंधक बनाया, बेटे को निगरानी में रखा, महिला का दोस्त ही निकला मास्टरमाइंड

Chhattisgarh Raipur Diamond and gold jewellery robbery: छत्तीसगढ़ के रायपुर में अकेली मां को घर में बंधक बनाकर करीब 21 लाख के सोने और हीरे के जेवरात लूट लिए गए, जबकि बेटे पर नजर रखी जा रही थी। भागते समय लुटेरे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। पुलिस ने 40 किलोमीटर के दायरे में लगे 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक लूट का मास्टरमाइंड पीड़ित महिला का दोस्त ही निकला। आरोपियों को सब पता था कि जेवरात कहां रखे हैं, कैश कहां है। तीनों आरोपियों ने प्लानिंग के साथ लूट को अंजाम दिया। अब पढ़िए लुटेरों ने कैसे दिया वारदात को अंजाम? दरअसल, 24 फरवरी को टिकेश्वरी रजक ने गुढ़ियारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ सुखराम नगर गोगांव में रहती है। दोपहर करीब 2.30 बजे काम से लौटने के बाद वह अपने घर पर आराम कर रही थी, तभी दो नकाबपोश युवक घर में घुस आए। लुटेरों ने महिला का मुंह दबाया, फिर उसके हाथ तौलिए से बांध दिए। इसके बाद उन्होंने महिला से अलमारी की चाबी मांगी। लॉकर की चाबी नहीं मिलने पर उन्होंने उसे रॉड से तोड़ दिया। अलमारी में रखे करीब 21 तोला सोना, हीरे की अंगूठी और करीब 1 किलो चांदी के जेवर बैग में भरकर ले गए। इसके बाद उन्होंने रस्सी काटकर महिला के पैर भी बांध दिए। घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और भाग गए। महिला ने किसी तरह तकिए के नीचे रखे मोबाइल से मकान मालिक को फोन किया और उनसे संपर्क कर मदद मांगी। मास्टरमाइंड महिला के बेटे पर रखता था नजर रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि वारदात का मास्टरमाइंड महिला का दोस्त और परिचित सुनील चौहान है। सुनील अक्सर घर आता-जाता था। उसे पता था कि किस कमरे में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी रखी है। इसके बाद मास्टरमाइंड सुनील चौहान ने अपने दो चचेरे भाइयों विक्रम सिंह चौहान और तिरेंद्र चौहान के साथ मिलकर 2 महीने पहले लूट की साजिश रची। लूट से 8 दिन पहले तीनों ने घर की रेकी की। महिला घर में अकेली थी। महिला का बेटा आमापारा में बर्फ की दुकान पर था। इसी दौरान विक्रम और तिरेंद्र घर में घुसे। लुटेरों को डर था कि बेटा वापस घर न चला जाए। इसलिए मास्टरमाइंड सुनील चौहान ने वारदात के वक्त दुकान में बैठे बेटे पर नजर रखी, ताकि वे पकड़े न जाएं। लूट के बाद आरोपी बाइक से भागे रायपुर एसएसपी ने बताया कि लूट के बाद आरोपी बाइक से दुर्ग की ओर भागे। पुलिस ने रायपुर से दुर्ग तक 40 किलोमीटर लंबी सड़क और गलियों में लगे 1000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इन सीसीटीवी फुटेज की मदद से लुटेरों की पहचान हो सकी। आरोपी विक्रम सिंह चौहान अपहरण और तिरेंद्र चौहान मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों से 21 लाख रुपए का माल बरामद किया है। साथ ही तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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