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: Bilaspur: दर्द से तड़प रही थी प्रेग्नेंट महिला, पुलिस ने डायल-112 की गाड़ी में टायर पर कराई डिलीवरी

News Desk / Mon, Oct 17, 2022


डायल-112 की गाड़ी में महिला ने दिया बच्चे को जन्म।

डायल-112 की गाड़ी में महिला ने दिया बच्चे को जन्म। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को दर्द से तड़प रही प्रेग्नेंट महिला की डिलीवरी डायल-112 की गाड़ी में कराई गई। रास्ते में प्रवस पीड़ा बढ़ी तो पुलिसकर्मियों ने सड़क किनारे गाड़ी रोक दी। फिर गाड़ी के अंदर ही टायर पर महिला ने प्यारे से बेटे को जन्म दिया। फिलहाल महिला और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं। डिलीवरी के बाद डायल-112 की टीम ने उन्हें सिम्स में भर्ती कराया है। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है। 

अचानक से शुरू हो गई प्रसव पीड़ा
जानकारी के मुताबिक, बड़ी कोनी के पटेल मोहल्ला निवासी चमेली पटेल पत्नी चंद्र पटेल मजदूरी करती है। वह नौ माह की गर्भवती थी। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे चमेली घर में ही आराम कर रही थी। परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान चमेली को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसने परिजनों को जानकारी दी। इससे पहले कि कोई कुछ कर पाता चमेली की स्थिति बिगड़ने लगी। 

मितानिन ने पुलिस के सहयोग से कराई डिलीवरी
इस पर परिजनों ने पुलिस की डायल-112 से मदद मांगी। कोनी थाने से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और चमेली सहित मितानिन और परिवार की महिला सदस्य को लेकर सिम्स अस्पताल के लिए निकली। रास्ते में सरकंडा पुल के पास पहुंचे थे कि चमेली का दर्द बहुत ज्यादा बढ़ गया। इस पर मितानिन ने गाड़ी रोकने के लिए कहा। इसके बाद मितानिन और डायल-112 के स्टाफ के सहयोग से वहीं चमेली की डिलीवरी कराई गई। 
 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को दर्द से तड़प रही प्रेग्नेंट महिला की डिलीवरी डायल-112 की गाड़ी में कराई गई। रास्ते में प्रवस पीड़ा बढ़ी तो पुलिसकर्मियों ने सड़क किनारे गाड़ी रोक दी। फिर गाड़ी के अंदर ही टायर पर महिला ने प्यारे से बेटे को जन्म दिया। फिलहाल महिला और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं। डिलीवरी के बाद डायल-112 की टीम ने उन्हें सिम्स में भर्ती कराया है। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है। 

अचानक से शुरू हो गई प्रसव पीड़ा
जानकारी के मुताबिक, बड़ी कोनी के पटेल मोहल्ला निवासी चमेली पटेल पत्नी चंद्र पटेल मजदूरी करती है। वह नौ माह की गर्भवती थी। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे चमेली घर में ही आराम कर रही थी। परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान चमेली को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसने परिजनों को जानकारी दी। इससे पहले कि कोई कुछ कर पाता चमेली की स्थिति बिगड़ने लगी। 

मितानिन ने पुलिस के सहयोग से कराई डिलीवरी
इस पर परिजनों ने पुलिस की डायल-112 से मदद मांगी। कोनी थाने से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और चमेली सहित मितानिन और परिवार की महिला सदस्य को लेकर सिम्स अस्पताल के लिए निकली। रास्ते में सरकंडा पुल के पास पहुंचे थे कि चमेली का दर्द बहुत ज्यादा बढ़ गया। इस पर मितानिन ने गाड़ी रोकने के लिए कहा। इसके बाद मितानिन और डायल-112 के स्टाफ के सहयोग से वहीं चमेली की डिलीवरी कराई गई। 
 


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