PM मोदी की अपील पर VIP काफिले का 'तमाचा' ? : मंत्री दिलीप जायसवाल के दौरे में गाड़ियों की फौज, जानिए ईंधन बचाओ पर कैसे उबली सियासत ?
देशभर में पेट्रोल-डीजल बचाने और संसाधनों के सीमित इस्तेमाल को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi लगातार अपील कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी के नेता और मंत्री लगातार पीएम मोदी की अपील पर करारा तमाचा जड़ रहे हैं। रोजाना सैकड़ों गाड़ियों का काफिला लेकर चल रहे हैं। उनकी इस अपील की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। जब राज्य सरकार के मंत्री Dilip Jaiswal का लंबा VIP काफिला सड़कों पर दौड़ता दिखा, तो हर किसी के होश उड़ गए।
मंत्री के दौरे का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सवालों की बौछार शुरू हो गई है। लोग पूछ रहे हैं कि जब आम जनता से ईंधन बचाने की अपील की जा रही है, तब नेताओं के काफिलों में दर्जनों गाड़ियां क्यों दौड़ रही हैं?

सहयोग शिविर के निरीक्षण पर पहुंचे थे मंत्री
मंगलवार को “सहयोग शिविर” योजना के तहत आयोजित कार्यक्रमों के निरीक्षण के लिए मंत्री दिलीप जायसवाल पहुंचे थे। दौरे की शुरुआत बाबा गरीबनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंत्री ने जिले के अलग-अलग प्रखंडों में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया।
इसके बाद सरकारी योजनाओं की समीक्षा की, लेकिन योजनाओं से ज्यादा चर्चा उनके साथ चल रहे गाड़ियों के लंबे काफिले की होने लगी। सड़क पर एक के पीछे एक दौड़ती SUVs और सरकारी वाहनों की कतार ने लोगों का ध्यान खींच लिया।
“ईंधन बचाओ” बनाम “VIP काफिला”
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों से ईंधन बचाने, अनावश्यक यात्रा कम करने और ऊर्जा संरक्षण की अपील करते रहे हैं। ऐसे में मंत्री के दौरे के दौरान दिखे बड़े काफिले ने सरकार के संदेश और नेताओं की जमीन हकीकत के बीच विरोधाभास को उजागर कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आम आदमी पेट्रोल के बढ़ते दाम से परेशान है। लोग दोपहिया वाहन कम निकालने और खर्च बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नेताओं के काफिलों में दर्जनों गाड़ियां बिना रोक-टोक दौड़ती दिखाई देती हैं।

सोशल मीडिया पर उठे तीखे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने VIP कल्चर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने लिखा कि “सादगी का संदेश सिर्फ जनता के लिए है क्या?” कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर मंत्री स्तर के दौरे सीमित वाहनों में किए जाएं तो लाखों लीटर ईंधन बचाया जा सकता है।
बिहार के मंत्री काफिले को लेकर घिरे
बता दें कि ये कहानी बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल की है। वह मुजफ्फरपुर के दौरे पर थे। हालांकि मंत्री समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी मंत्री के दौरे में सुरक्षा प्रोटोकॉल, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नेताओं की वजह से कई वाहन शामिल रहते हैं। इसे दिखावा या फिजूलखर्ची कहना गलत होगा, क्योंकि यह सरकारी प्रोटोकॉल का हिस्सा होता है।

VIP संस्कृति पर फिर बहस तेज
फिलहाल मुजफ्फरपुर में “सहयोग शिविर” से ज्यादा चर्चा मंत्री के काफिले की हो रही है। प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने वाली अपील और नेताओं के भव्य काफिलों के बीच दिखा यह विरोधाभास अब VIP संस्कृति पर नई बहस छेड़ रहा है।
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