: सेना प्रमुख ने पूर्वी लद्दाख में पर्वत प्रहार अभ्यास का किया निरीक्षण
News Desk / Sat, Sep 10, 2022

विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि भारत और चीन के कोर कमांडरों के बीच 17 जुलाई 2022 को चुशूल मोल्दो मीटिंग पॉइंट पर हुई सोलहवें दौर की वार्ता के दौरान तनाव को खत्म करने पर बनी सहमति के बाद दोनों पक्षों ने वार्ता के दौरान प्राप्त प्रगति को आगे बढ़ाने और भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के साथ प्रासंगिक मुद्दों को हल करने के लिए नियमित संपर्क बनाए रखा था.
"परिणामस्वरूप, दोनों पक्ष अब गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स (पीपी-15) के क्षेत्र से पीछे हटने और वहां पर दोनों ओर से बनाए गए अस्थाई ढांचे को ध्वस्त करने पर सहमत हुए हैं.
दोनों पक्षों में हुए समझौते के मुताबिक इस क्षेत्र में दोनों ओर से सेना को पीछे हटाने और अस्थाई निर्माण को तोड़ने की प्रक्रिया 8 सितंबर को साढ़े 8 बजे शुरू हुई और 12 बजे तक पूरी हो गई थी.
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