Logo
Breaking News Exclusive
गरियाबंद में नेशनल हाईवे जाम, विधायक जनक ध्रुव बोले- ये ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी ? महिलाओं को उतारने पड़ते थे कपड़े, नंगेली ने स्तन काटकर हाथ पर रख दिए; पढ़िए Channar Rebellion की पीड़ा Live-in vs Marriage, किसमें ज्यादा Satisfaction, India का बदलता Relationship Trend Arranged Marriage vs Love Marriage, किसमें ज्यादा Divorce और क्यों ? Extra Marital Affair क्यों बढ़ रहे हैं, क्या Marriage System Fail हो रहा है? Sex Life अच्छी, फिर भी Couples Unhappy क्यों? Relationship का Hidden Truth पत्नी के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया बेलन, मुंह में कपड़ा ठूंसा, हांथ-पैर बांधकर पीटा; जानिए क्रूरता की वजह ? 24 घंटे में 4 एक्सीडेंट, 10 लोगों की मौत, कहीं परिवार खत्म, तो कहीं पिता-बेटे की मौत 45 दिन के सीजफायर पर टिकी दुनिया, अगले 48 घंटे आखिरी मौका, वरना बड़े हमले की तैयारी हाईकोर्ट बोला- जग्गी हत्याकांड में एक ही सबूत पर एक को बरी करना और दूसरों को दोषी ठहराना सही नहीं गरियाबंद में नेशनल हाईवे जाम, विधायक जनक ध्रुव बोले- ये ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी ? महिलाओं को उतारने पड़ते थे कपड़े, नंगेली ने स्तन काटकर हाथ पर रख दिए; पढ़िए Channar Rebellion की पीड़ा Live-in vs Marriage, किसमें ज्यादा Satisfaction, India का बदलता Relationship Trend Arranged Marriage vs Love Marriage, किसमें ज्यादा Divorce और क्यों ? Extra Marital Affair क्यों बढ़ रहे हैं, क्या Marriage System Fail हो रहा है? Sex Life अच्छी, फिर भी Couples Unhappy क्यों? Relationship का Hidden Truth पत्नी के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया बेलन, मुंह में कपड़ा ठूंसा, हांथ-पैर बांधकर पीटा; जानिए क्रूरता की वजह ? 24 घंटे में 4 एक्सीडेंट, 10 लोगों की मौत, कहीं परिवार खत्म, तो कहीं पिता-बेटे की मौत 45 दिन के सीजफायर पर टिकी दुनिया, अगले 48 घंटे आखिरी मौका, वरना बड़े हमले की तैयारी हाईकोर्ट बोला- जग्गी हत्याकांड में एक ही सबूत पर एक को बरी करना और दूसरों को दोषी ठहराना सही नहीं

: Holi 2023: पलाश के फूलों से महकेगी बस्तर की 'होली', दरभा की महिलाएं बना रही हैं प्राकृतिक गुलाल, ऐसे खरीदें

News Desk / Thu, Mar 2, 2023


दरभा की महिलाएं प्राकृतिक गुलाल बना रही हैं।

दरभा की महिलाएं प्राकृतिक गुलाल बना रही हैं। - फोटो : संवाद

विस्तार

जगदलपुर में दरभा के अल्वा गांव में पटेलपारा की महिलाएं पलाश के फूलों से होली के लिए गुलाल तैयार कर रही हैं। इनके समूह का नाम गेंदा फूल स्व.सहायता समूह है। लगभग 12 महिलाओं के इस समूह ने अब तक 50 किलो के आस-पास गुलाल तैयार कर लिया है। जिन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से सीमार्ट तक पहुंचाया जा रहा है। जहां से आम नागरिक केमिकल फ्री गुलाल खरीद सकेंगे। 

इन रंगों को तैयार करने के लिए पलाश के फूलों को सुखाकर पाउडर बनाया गया जिसके बाद इसमें मक्के का आटा मिलाकर चिकना किया गया। इन्हें रंगीन बनाने के लिए भी प्राकृतिक चीजों का ही इस्तेमाल किया गया है। जैसे लाल रंग के लिए लाल भाजी पीला रंग के लिए हल्दी और हरे रंग के लिए मेथी और हरे रंग की भाजियों का इस्तेमाल किया गया है। समूह की सदस्य सावित्री मंडावी का कहना है कि उन्हें एक क्विंटल गुलाल बनाने का ऑर्डर मिला थाए जिसे उनके समूह की महिलाएं बड़ी मेहनत से तैयार कर रही हैं। सावित्री बताती हैं कि उनका यह गुलाल केमिकल फ्री होने की वजह से स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक नहीं है। इसे बच्चे.बूढ़े सभी उपयोग कर सकते हैं। स्थानीय बाजारों में भी ये महिलाएं अपने प्राकृतिक गुलाल को बेचेंगी।


  
प्राकृतिक गुलाल बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पलाश के फूल के कई नाम हैं। इसे टेसू ढाक परसा केशुक और केसू भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऋतुराज वसंत की सुंदरता पलाश के बिना पूरी नहीं होती है। पलाश के फूल को वसंत का श्रृंगार माना जाता है।
स्किन और हेल्थ के लिए अच्छा है प्राकृतिक गुलाल होली के लिए आजकल बाजारों में मिलने वाल चटक और आकर्षक रंग केमिकलयुक्त होते हैं। जिससे स्किन को नुकसान पहुंचता है। यही नहीं बाजार में मिलने वाले ये रंग बच्चों के स्किन के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। सांस के माध्यम से भी केमिकलयुक्त रंग हमारे शरीर में पहुंचकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं इसीलिए विशेषज्ञ ये सलाह देते हैं कि होली के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रंग केमिकल फ्री होने चाहिए। बिहान की इन महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे प्राकृतिक गुलाल पूरी तरह से केमिकल फ्री हैं इसीलिए ये गुलाल बाजार में मिलने वाले रंगों की जगह अच्छा विकल्प साबित होंगे।

Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन