Logo
Breaking News Exclusive
कोतमा बस स्टैंड पर गूंज रहीं चीखें, SDRF के जवानों के छिल गए हाथ, देखिए खूनी मंजर की 15 तस्वीरें कोतमा में बिना परमिशन 12 फीट खुदाई, नींद में खर्राटे मार रही थी पालिका; किसकी चूक से बिछी लाशें ? कोतमा में 15 सेकंड में गिरी 4 मंजिला बिल्डिंग, लील गई जिंदगियां, बिना परमिशन खुदाई; जानिए चीख-पुकार की इनसाइड स्टोरी ? सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, होटल में बुलाकर संबंध बनाए, फिर धमकाया, गिरफ्तार गन्ने के जूस वाले बर्फ में मरा मेंढक मिला, अब शहर की बर्फ फैक्ट्रियों की होगी जांच 664 सरकारी Jobs, No इंटरव्यू; CBT से होगा सेलेक्शन Girlfriend को परेशान करने वाले पाकिस्तानी मूल के युवक को जिंदा दफनाया, 5 दिन बाद मिली लाश, लड़की समेत 5 गिरफ्तार Anuppur में कितनी नदियां हैं, Narmada, Son और Johila कहां से निकलती है, कहां खत्म होती है ? 85 में 68 MLA नहीं चाहते BJP का मुख्यमंत्री, जानिए 97% MLA किसे बनाना चाह रहे CM ? Online Earning 2026, MP के युवाओं के लिए घर बैठे ₹30,000 महीना कमाने के 5 आसान तरीके कोतमा बस स्टैंड पर गूंज रहीं चीखें, SDRF के जवानों के छिल गए हाथ, देखिए खूनी मंजर की 15 तस्वीरें कोतमा में बिना परमिशन 12 फीट खुदाई, नींद में खर्राटे मार रही थी पालिका; किसकी चूक से बिछी लाशें ? कोतमा में 15 सेकंड में गिरी 4 मंजिला बिल्डिंग, लील गई जिंदगियां, बिना परमिशन खुदाई; जानिए चीख-पुकार की इनसाइड स्टोरी ? सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, होटल में बुलाकर संबंध बनाए, फिर धमकाया, गिरफ्तार गन्ने के जूस वाले बर्फ में मरा मेंढक मिला, अब शहर की बर्फ फैक्ट्रियों की होगी जांच 664 सरकारी Jobs, No इंटरव्यू; CBT से होगा सेलेक्शन Girlfriend को परेशान करने वाले पाकिस्तानी मूल के युवक को जिंदा दफनाया, 5 दिन बाद मिली लाश, लड़की समेत 5 गिरफ्तार Anuppur में कितनी नदियां हैं, Narmada, Son और Johila कहां से निकलती है, कहां खत्म होती है ? 85 में 68 MLA नहीं चाहते BJP का मुख्यमंत्री, जानिए 97% MLA किसे बनाना चाह रहे CM ? Online Earning 2026, MP के युवाओं के लिए घर बैठे ₹30,000 महीना कमाने के 5 आसान तरीके

: Holi 2023: पलाश के फूलों से महकेगी बस्तर की 'होली', दरभा की महिलाएं बना रही हैं प्राकृतिक गुलाल, ऐसे खरीदें

News Desk / Thu, Mar 2, 2023


दरभा की महिलाएं प्राकृतिक गुलाल बना रही हैं।

दरभा की महिलाएं प्राकृतिक गुलाल बना रही हैं। - फोटो : संवाद

विस्तार

जगदलपुर में दरभा के अल्वा गांव में पटेलपारा की महिलाएं पलाश के फूलों से होली के लिए गुलाल तैयार कर रही हैं। इनके समूह का नाम गेंदा फूल स्व.सहायता समूह है। लगभग 12 महिलाओं के इस समूह ने अब तक 50 किलो के आस-पास गुलाल तैयार कर लिया है। जिन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से सीमार्ट तक पहुंचाया जा रहा है। जहां से आम नागरिक केमिकल फ्री गुलाल खरीद सकेंगे। 

इन रंगों को तैयार करने के लिए पलाश के फूलों को सुखाकर पाउडर बनाया गया जिसके बाद इसमें मक्के का आटा मिलाकर चिकना किया गया। इन्हें रंगीन बनाने के लिए भी प्राकृतिक चीजों का ही इस्तेमाल किया गया है। जैसे लाल रंग के लिए लाल भाजी पीला रंग के लिए हल्दी और हरे रंग के लिए मेथी और हरे रंग की भाजियों का इस्तेमाल किया गया है। समूह की सदस्य सावित्री मंडावी का कहना है कि उन्हें एक क्विंटल गुलाल बनाने का ऑर्डर मिला थाए जिसे उनके समूह की महिलाएं बड़ी मेहनत से तैयार कर रही हैं। सावित्री बताती हैं कि उनका यह गुलाल केमिकल फ्री होने की वजह से स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक नहीं है। इसे बच्चे.बूढ़े सभी उपयोग कर सकते हैं। स्थानीय बाजारों में भी ये महिलाएं अपने प्राकृतिक गुलाल को बेचेंगी।


  
प्राकृतिक गुलाल बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पलाश के फूल के कई नाम हैं। इसे टेसू ढाक परसा केशुक और केसू भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऋतुराज वसंत की सुंदरता पलाश के बिना पूरी नहीं होती है। पलाश के फूल को वसंत का श्रृंगार माना जाता है।
स्किन और हेल्थ के लिए अच्छा है प्राकृतिक गुलाल होली के लिए आजकल बाजारों में मिलने वाल चटक और आकर्षक रंग केमिकलयुक्त होते हैं। जिससे स्किन को नुकसान पहुंचता है। यही नहीं बाजार में मिलने वाले ये रंग बच्चों के स्किन के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। सांस के माध्यम से भी केमिकलयुक्त रंग हमारे शरीर में पहुंचकर फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं इसीलिए विशेषज्ञ ये सलाह देते हैं कि होली के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रंग केमिकल फ्री होने चाहिए। बिहान की इन महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे प्राकृतिक गुलाल पूरी तरह से केमिकल फ्री हैं इसीलिए ये गुलाल बाजार में मिलने वाले रंगों की जगह अच्छा विकल्प साबित होंगे।

Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन