पति को गर्लफ्रेंड के साथ SEX करते देखा : पत्नी ने लिया बेवफाई का बदला, प्रेमिका को मार डाला, जंगल में गड्ढा खोदकर गाड़ा
MP CG Times / Wed, Feb 11, 2026
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: 3 फरवरी, 2021 को कटनी जिले के ढीमरखेड़ा इलाके में कुछ बच्चे खेलते हुए जंगल की तरफ गए वहां उनकी नजर इधर-उधर बिखरी हड्डियों पर पड़ी। पास जाकर देखा तो एक कंकाल पड़ा था। बच्चों ने गांव में खबर दी और जल्द ही यह बात कोटवार के जरिए पुलिस तक पहुंच गई।
ये भी जल्द ही साफ हो गया कि ये कंकाल रुक्मणी मरावी नाम की महिला का है जो तीन महीने पहले रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई थी। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज थी। कंकाल रुक्मणी का ही था इस बात को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने डीएनए जांच कराई थी जो पॉजिटिव मिली थी।
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: केस की तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि रुक्मणी का पति नरेश के अलावा गांव के युवक पूरन से भी संबंध था। वो दो बार पूरन के साथ भाग चुकी थी। दूसरी बार जब भागी तो वापस नहीं लौटी। पुलिस को पूरन और पति नरेश पर शक था, लेकिन जैसे जैसे जांच आगे बढ़ी कहानी में ट्विस्ट आता गया। कौन था रुक्मणी का कातिल?
पुलिस के सामने तीन संदिग्ध थे
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: पुलिस ने नरेश और पूरन, दोनों से कई दौर की पूछताछ की, लेकिन कोई भी ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस को नरेश पर इस बात का शक था कि क्या उसने सामाजिक बदनामी से तंग आकर अपनी पत्नी को रास्ते से हटा दिया? वहीं पूरन पर शक था कि रुक्मणी उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जिससे छुटकारा पाने के लिए उसने हत्या कर दी होगी।
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: पुलिस तीसरी थ्योरी पर भी काम कर रही थी कि क्या इस कहानी में कोई ऐसा किरदार भी है, जिस पर अभी तक किसी की नजर नहीं गई? पूरन और नरेश दोनों अपनी-अपनी जगह सही लग रहे थे और उनके पास हत्या का कोई सीधा मकसद नजर नहीं आ रहा था। बीस दिन बीत चुके थे और पुलिस के हाथ खाली थे। ऐसा लग रहा था कि यह केस भी अनसुलझी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
एक नए शख्स पर शक की सुई
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: जांच जब कहीं नहीं पहुंच रही थी, तब पुलिस ने गांव के लोगों से नए सिरे से बात करने का फैसला किया। इसी दौरान एक गांव वाले, जनार्दन ने एक ऐसी जानकारी दी, जो इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उसने बताया कि रुक्मणी के भागने की घटना को लेकर गांव में एक पंचायत भी बैठी थी।
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: उस पंचायत में रुक्मणी ने सबके सामने चिल्ला-चिल्लाकर कहा था कि वह अपने पति के साथ नहीं, बल्कि प्रेमी पूरन के साथ ही रहेगी। जनार्दन ने बताया कि उस पंचायत में गांव के कई बड़े-बूढ़ों के साथ-साथ एक और महिला भी मौजूद थी, जो चुपचाप सब कुछ देख और सुन रही थी - वह थी पूरन की पहली पत्नी, सम्मो बाई।

यह एक नया और अहम सुराग था। पुलिस ने जब सम्मोबाई के बारे में और जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह रुक्मणी के उसके पति के घर में आकर रहने से बेहद नाराज थी। अब पुलिस की शक की सुई पूरी तरह से सम्मोबाई पर टिक गई थी। उसके पास हत्या का सबसे मजबूत मकसद था - ईर्ष्या और अपना घर बचाने की हताशा।
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: पति नरेश ने भी यह पुष्टि की कि सम्मोबाई इस रिश्ते से इतनी परेशान थी कि एक बार वह रुक्मणी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने थाने भी पहुंच गई थी।
एक कबूलनामा और कत्ल की रात का सच
पुलिस ने सम्मोबाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वह टूटकर रोती रही और खुद को बेकसूर बताती रही। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस के सवालों का शिकंजा कसता गया, उसका झूठ का बांध ढहने लगा। आखिरकार, उसने जो कहानी सुनाई, उसे सुनकर पुलिसवाले भी सन्न रह गए।
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: सम्मो ने बताया, जब रुक्मणी पंचायत के फैसले के खिलाफ जाकर मेरे घर में रहने आ गई, तो मेरा जीना मुश्किल हो गया था। मेरा पति दिन-रात उसी के साथ रहता था। वह रात में भी मेरे पति के साथ सोती थी। एक रात मैंने उन्हें साथ देख लिया... मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ। उसी पल मैंने सोच लिया था कि अब या तो यह रहेगी या मैं।
MP Woman Kills Husbands Lover, Buries Body In Jungle: उसने आगे बताया, एक दिन मेरा पति किसी काम से बाहर गया हुआ था। घर में मैं और रुक्मणी अकेले थे। इसी बात पर हमारा फिर झगड़ा हुआ। उसने मुझे ताना मारा कि पूरन अब सिर्फ उसका है। मेरा खून खौल उठा।
लाश को ठिकाने लगाने में भाई ने की मदद
हत्या के बाद सम्मो बुरी तरह घबरा गई। उसे समझ नहीं आ रहा था कि अब इस लाश का क्या करे। उसने फौरन अपने भाई शिव कुमार को बुलाया। उसने अपने भाई को पूरी बात बताई और लाश को ठिकाने लगाने में मदद मांगी। भाई ने अपनी बहन को बचाने के लिए उसका साथ दिया। उसी रात, दोनों भाई-बहन ने मिलकर रुक्मणी के शव को एक बोरे में बंद किया।
अंधेरे का फायदा उठाकर वे शव को घर से करीब एक किलोमीटर दूर बंजारी माता नाला के पास जंगल में ले गए। वहां एक खाई में उन्होंने 4 से 5 फीट गहरा गड्ढा खोदा और रुक्मणी के शव को उसी में दफना दिया। लौटते समय, सम्मो ने खून से सने अपने कपड़े और हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को खेत के पास एक झाड़ी में छिपा दिया।
भाई बरी, सम्मो को उम्रकैद की सजा
वह गलत थी। करीब एक महीने बाद, जंगली जानवरों ने गंध पाकर गड्ढे को खोद दिया और शव को बाहर निकालकर खा लिया। इसी वजह से कंकाल सतह पर आ गया और बच्चों की नजर उस पर पड़ गई। सम्मोबाई के कबूलनामे के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर झाड़ियों से हत्या में इस्तेमाल हुई कुल्हाड़ी और खून सने कपड़े भी बरामद कर लिए।
पुलिस ने सम्मोबाई को हत्या करने और उसके भाई शिवकुमार को सबूत मिटाने और शव को ठिकाने लगाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार कर कटनी जिला कोर्ट में पेश किया। अदालत में मुकदमा चला। अभियोजन पक्ष ने सम्मो के खिलाफ पुख्ता सबूत (हत्या का हथियार, खून सने कपड़े, कबूलनामा और परिस्थितिजन्य साक्ष्य) पेश किए।
हालांकि, वे शिव कुमार के खिलाफ सीधे तौर पर कोई ऐसा सबूत पेश नहीं कर पाए, जो यह साबित कर सके कि वह हत्या में शामिल था। 13 जनवरी, 2025 को कटनी जिला कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने शिव कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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