शहडोल में नाबालिग को वयस्क मानकर जेल भेजा : 12वीं बोर्ड की अंग्रेजी परीक्षा छूटी, CM के काफिले को काला झंडा दिखाने पर विवाद गरमाया
MP CG Times / Wed, Feb 11, 2026
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाने की कोशिश के बाद शुरू हुई पुलिस कार्रवाई अब गंभीर प्रशासनिक चूक के कारण विवादों में घिर गई है। इस कार्रवाई में हिरासत में लिए गए एक छात्र को वयस्क मानकर जेल भेज दिया गया, जबकि वह कानूनी रूप से नाबालिग था।
8 फरवरी को मुख्यमंत्री का काफिला गोपालपुर तिराहे से लालपुर हवाई पट्टी की ओर जा रहा था, तभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 लोगों को धारा 151 के तहत हिरासत में लिया। इनमें से 37 को सशर्त जमानत मिल गई, जबकि तीन को जेल भेज दिया गया।

नाबालिग छात्र भी भेजा गया जेल
जेल भेजे गए तीन लोगों में 17 साल 8 महीने 19 दिन उम्र का एक छात्र भी शामिल था। आरोप है कि उम्र का सत्यापन किए बिना उसे वयस्क मान लिया गया और बुढ़ार उप जेल भेज दिया गया, जबकि कानूनन नाबालिग को वयस्क जेल में नहीं रखा जा सकता।
परिजनों की गुहार के बावजूद नहीं मिली राहत
परिजनों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को बताया था कि छात्र नाबालिग है और मंगलवार को उसकी 12वीं बोर्ड की अंग्रेजी परीक्षा है, फिर भी तत्काल जमानत नहीं दी गई। तहसीलदार के समक्ष दोबारा पैरवी करने पर भी प्रक्रिया में देरी हुई।
दस्तावेज जांच में सामने आई असल उम्र
बाद में दस्तावेजों की जांच में छात्र की जन्मतिथि 22 मई 2008 पाई गई, जिससे वह नाबालिग साबित हुआ। तहसीलदार ने अपनी चूक स्वीकार करते हुए रिहाई पर सहमति जताई, लेकिन औपचारिकताएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं।

रिहा हुआ, लेकिन परीक्षा नहीं दे पाया
मंगलवार सुबह करीब 7 बजे छात्र को रिहा किया गया, जबकि उसकी परीक्षा सुबह 9 बजे से थी। जेल से घर और फिर परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका, जिससे वह परीक्षा नहीं दे पाया।
प्रशासनिक पक्ष क्या कहता है
एसपी रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि गिरफ्तारी के समय आरोपियों द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर दस्तावेज तैयार किए गए थे। वहीं आईजी चैत्रा एन ने कहा कि गिरफ्तारी के समय उम्र स्पष्ट नहीं हो पाई थी, बाद में नाबालिग होने की पुष्टि हुई है और अब वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी
इस घटना के बाद कांग्रेस ने प्रशासन पर राजनीतिक द्वेष और लाठीचार्ज के आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 13 फरवरी को शहडोल जाकर पीड़ित छात्र से मिलने की घोषणा की है। जिला कांग्रेस ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है।
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