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मां से आखिरी फोन, दोस्तों संग पार्टी, फिर मौत : घर में थार दिलाने कहा, 10 मिनट बाद खाई में गिरा, पढ़िए पूरी कहानी

जाम गेट पर हुआ दर्दनाक हादसा सिर्फ एक परिवार का निजी शोक नहीं, बल्कि खतरनाक पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की गंभीर कमी की चेतावनी भी है। दोस्तों के साथ पार्टी, मां से आखिरी बातचीत और सुबह की एक छोटी-सी चूक ने एक होनहार छात्र की जिंदगी छीन ली। घटना मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर की है।

मां से आखिरी फोन कॉल

मंगलवार सुबह करीब 6 बजे सुजल ने अपनी मां संगीता से फोन पर बात की। उसने बताया कि वह अगले दिन कॉलेज जाकर असाइनमेंट जमा करेगा। बातचीत के दौरान उसने थार गाड़ी दिलाने की इच्छा भी जताई। मां ने उसे आराम करने और कमरे में ही रहने की सलाह दी। कुछ ही मिनटों बाद जाम गेट पर हादसा हो गया।

सुजल की बहन नीलम बताती हैं कि भाई की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई थी। “वह बिल्कुल सामान्य बात कर रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह हमारी आखिरी बातचीत होगी,” कहते हुए उनकी आंखें भर आती हैं।

पिता बोले—सब कुछ उजड़ गया

सुजल के पिता मड़ेसिंह, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। वो कहते हैं कि, वह हमारा सबसे छोटा बेटा था। रविवार को ही इंदौर गया था। प्रोफेसर ने असाइनमेंट के लिए बुलाया था। हादसे से पहले उसने मां से बात की थी, लेकिन दोस्त के फोन से। उसी दोस्त ने बाद में हादसे की सूचना दी। अब सब कुछ खत्म-सा हो गया है।” परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, बड़ा बेटा भी इंजीनियर है।

रातभर पार्टी, सुबह जाम गेट की ओर

दोस्त लोकेश सिंह के मुताबिक, सोमवार रात 11 बजे से दोस्तों ने पार्टी शुरू की। तड़के 3 बजे खाना खाया गया। इसके बाद सुजल ने घूमने जाने की जिद की। किराए की गाड़ी नहीं मिली तो दोस्त मंसाराम की थार ली गई। सुबह करीब 4 बजे सभी जाम गेट के लिए निकले और 6 बजे वहां पहुंचे।

जाम गेट पहुंचकर सुजल ने मां से फोन पर बात की। इसके बाद पास की दुकान से मैगी और बंदरों को खिलाने के लिए बिस्किट खरीदे। दोस्त पीछे-पीछे मैगी खाते हुए आ रहे थे।

एक फिसलन और सब खत्म

लोकेश बताते हैं कि सुजल पहाड़ी के किनारे खड़े होकर बंदरों को बिस्किट खिला रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया। “मैं उसे बचाने के लिए कूदा, लेकिन करीब 20 फीट नीचे जाकर अटक गया,” लोकेश कहते हैं उन्हें भी चोटें आईं। चीख-पुकार सुनकर अन्य दोस्त पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

6 घंटे बाद निकला शव

जाम गेट के सुरक्षा कर्मी के अनुसार, सुबह 6:15 बजे हादसे की जानकारी मिली। खाई करीब 2000 फीट गहरी है, नीचे घना जंगल, चट्टानें और नदी है। करीब 20 लोगों की टीम दूसरी पहाड़ी से उतरकर नीचे पहुंची। नीचे मोबाइल नेटवर्क नहीं था, इसलिए आवाज देकर ही संपर्क किया गया।

टीम के पहुंचने पर सुजल की सांस चल रही थी, लेकिन कुछ देर में उसने दम तोड़ दिया। करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद शव को ऊपर लाया गया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सुरक्षा इंतजाम नदारद

जिस जगह हादसा हुआ, वहां न फेंसिंग है और न स्थायी सुरक्षा गार्ड। पर्यटन स्थल होने के बावजूद खतरनाक किनारों पर लोग बेखौफ सेल्फी और वीडियो बनाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में यहां अक्सर पार्टी होती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नाम मात्र की रहती है। यह हादसा सवाल खड़ा करता है—क्या प्रशासन किसी और जान के जाने के बाद जागेगा?

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