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Raipur में जिंदा निगल गया जहरीला टैंक : Ramkrishna Hospital में गटर बना मौत का कुंआ, तड़प-तड़पकर मरे 3, रोते-बिलखते रहे परिजन

 Ramkrishna Hospital में गटर बना मौत का कुंआ, तड़प-तड़पकर मरे 3, रोते-बिलखते रहे परिजन

रायपुर, पचपेड़ी नाका। मंगलवार रात का वक्त… अस्पताल की इमारत के पीछे सन्नाटा था, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह सन्नाटा चीखों, अफरा-तफरी और मौत के साए में बदल गया।

रामकृष्ण अस्पताल परिसर में बने सीवरेज टैंक में उतरे चार सफाईकर्मी शायद यह नहीं जानते थे कि वे सफाई नहीं, बल्कि मौत के कुएं में उतर रहे हैं।

कुछ ही देर में अंदर से कोई आवाज नहीं आई… फिर हलचल हुई… और फिर बाहर खड़े लोगों ने देखा — एक-एक कर मजदूर बेहोश होकर गिरते जा रहे हैं।

मौत का गड्ढा: जब एक को बचाने उतरे, तीनों फंस गए

Ramkrishna Hospital Accident Sewer Workers Death Gas Leak: जानकारी के मुताबिक, रात करीब 8 बजे के बाद सीवरेज टैंक की सफाई का काम शुरू हुआ।

Ramkrishna Hospital Accident Sewer Workers Death Gas Leak: जैसे ही पहला कर्मचारी टैंक में उतरा, वह जहरीली गैस के संपर्क में आते ही बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए दूसरा उतरा… फिर तीसरा… फिर चौथा…

Ramkrishna Hospital Accident Sewer Workers Death Gas Leak: लेकिन यह बचाव नहीं, बल्कि मौत का सिलसिला बन गया। एक-एक कर सभी नीचे गिरते गए… अंदर दम घुट रहा था… सांसें टूट रही थीं… और बाहर खड़े लोग सिर्फ अंदाजा लगा पा रहे थे कि अंदर क्या हो रहा होगा।

नाम जो अब सिर्फ याद बन गए

इस दर्दनाक हादसे में

  • अनमोल मांझी (25)

  • गोविंद सेंद्रे (35)

  • पेर्रा कुमार / सत्यम कुमार (22)

की मौत हो गई। एक अन्य कर्मचारी गंभीर हालत में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

आंखों देखी: “सांस चल रही थी… लेकिन बचा नहीं पाए”

Ramkrishna Hospital Accident Sewer Workers Death Gas Leak: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब लोगों ने हिम्मत जुटाकर अंदर झांका, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। किसी की हल्की सांस चल रही थी…किसी का शरीर पूरी तरह ढीला पड़ चुका था…

Ramkrishna Hospital Accident Sewer Workers Death Gas Leak: उन्हें बाहर निकालने की कोशिशें शुरू हुईं, लेकिन जहरीली गैस के असर ने शरीर को पूरी तरह जकड़ लिया था।यह वो पल था… जब इंसानियत, डर और बेबसी — तीनों एक साथ खड़े थे।

अस्पताल के बाहर मातम: “मेरा भाई मुझे लौटा दो…”

Ramkrishna Hospital Accident Sewer Workers Death Gas Leak: घटना के बाद अस्पताल के बाहर जो मंजर था, वह दिल दहला देने वाला था। गोविंद सेंद्रे के भाई की चीखें हर किसी को झकझोर रही थीं—

“मेरा भाई मुझे लौटा दो…”परिजन बिलख रहे थे…महिलाएं जमीन पर बैठकर रो रही थीं…और हर आंख में सिर्फ एक सवाल था —“हमारे अपने क्यों गए?”

अस्पताल में एंट्री रोकी गई, बढ़ा गुस्सा

Ramkrishna Hospital Accident Sewer Workers Death Gas Leak: परिजनों को अस्पताल के अंदर जाने से रोक दिया गया। यही वो पल था, जब दुख गुस्से में बदल गया। लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी… “जवाब दो… जवाब दो…”

Ramkrishna Hospital Accident Sewer Workers Death Gas Leak: स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस और परिजनों के बीच झूमाझटकी हुई

गुस्साए लोगों ने पत्थर फेंके

अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

गंभीर आरोप: बिना सुरक्षा के उतारा गया गटर में

परिजनों ने साफ आरोप लगाया है- सफाईकर्मियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के गटर में उतारा गया

ना कोई गैस चेकिंग…
ना मास्क…
ना ऑक्सीजन सपोर्ट…

जबकि यह सर्वविदित है कि सीवरेज टैंक में जहरीली गैस जानलेवा होती है। इसके बावजूद सावधानी नहीं बरती गई।

अस्पताल प्रबंधन का बयान

रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल प्रबंधन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा—

“हमारे संस्थान में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में आवश्यक रखरखाव कार्य कर रहे तीन श्रमिक शामिल थे। ये श्रमिक एक बाहरी कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के माध्यम से तैनात थे और नियमित कार्य के तहत STP क्षेत्र में प्रवेश किए थे, जहां कार्य के दौरान वे एक गंभीर आपात स्थिति का सामना कर बैठे। इनमें से 2 श्रमिकों का निधन हो गया है।”

मौत और लापरवाही के बीच जांच शुरू

घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

हादसे के कारण
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी की भूमिका

इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटनास्थल के पास खड़ी एंबुलेंस को लेकर भी सवाल उठे हैं—आरोप है कि उसे मीडिया से बचने के लिए वहां लगाया गया था

सीवर/गटर में उतरने से पहले जरूरी सावधानियां (Safety Guidelines)

गटर या सीवरेज टैंक में काम करना बेहद खतरनाक होता है। छोटी सी लापरवाही जानलेवा बन सकती है।

जरूरी सुरक्षा उपाय (Must Safety Measures)

  • गटर में उतरने से पहले टॉक्सिक गैस टेस्ट करना अनिवार्य

  • सफाईकर्मियों को ऑक्सीजन मास्क / रेस्पिरेटर उपलब्ध कराना

  • सेफ्टी बेल्ट और रस्सी का इस्तेमाल

  • मौके पर ऑक्सीजन सिलेंडर और फर्स्ट एड किट होना चाहिए

  • अंदर जाने से पहले ब्लोअर मशीन से गैस बाहर निकालना

  • हमेशा टीम में काम करें, अकेले कभी न उतरें

क्यों खतरनाक होता है सीवर? (Hidden Dangers)

सीवर टैंक में कई जहरीली गैसें बनती हैं:

  • हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S) – तुरंत बेहोश कर सकती है

  • मीथेन गैस – दम घुटने और विस्फोट का खतरा

  • कार्बन मोनोऑक्साइड – बिना चेतावनी के जान ले सकती है

ये गैसें रंगहीन और गंधहीन हो सकती हैं, इसलिए खतरा दिखता नहीं है।

अगर कोई गटर में बेहोश हो जाए तो क्या करें? (Emergency Response)

तुरंत ये कदम उठाएं:

  • खुद बिना सुरक्षा के अंदर कभी न उतरें

  • तुरंत दमकल/रेस्क्यू टीम को कॉल करें

  • ऑक्सीजन सपोर्ट और मेडिकल मदद बुलाएं

  • बाहर खड़े लोग रस्सी या उपकरण से निकालने की कोशिश करें

ये गलती न करें:

  • बिना मास्क या सुरक्षा के अंदर जाना

  • एक के बाद एक लोग कूदना (यह सबसे आम और खतरनाक गलती है)

कानूनी नियम (Safety Laws in India)

भारत में मैन्युअल स्कैवेंजिंग और असुरक्षित सीवर सफाई पर प्रतिबंध है।

“The Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013” के तहत:

  • बिना सुरक्षा के सीवर में उतारना अपराध है

  • जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई और सजा हो सकती है

क्या करें – क्या न करें

क्या करें:

  • सुरक्षा उपकरण की मांग करें

  • बिना तैयारी के काम से मना करें

  • खतरा लगे तो तुरंत अधिकारियों को बताएं

क्या न करें:

  • दबाव में आकर गटर में न उतरें

  • बिना गैस चेक किए काम शुरू न करें

  • अकेले अंदर न जाएं

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अकेले अंदर न जाएं

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