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: फायरिंग रेंज की जद में बस्ती: पुलिस की गोलियां छतों-दीवारों को भेदती रसोई तक पहुंची; अफसर बोले- हमारी नहीं

News Desk / Mon, Jan 16, 2023


छत्तीसगढ़ के कांकेर में पुलिस की फायरिंग रेंज ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। इस फायरिंग रेंज की जद में गांव की बस्ती तक आ गई है। अभ्यास के दौरान जवानों की बंदूक से निकली गोलियां लोगों के घरों की छत और दीवारों को भेदते हुए रसोई घर तक पहुंच रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसे लेकर पुलिस और प्रशासन से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं अफसरों ने मौके पर मिली गोली को अपना मानने से इनकार कर दिया है। 

घटना के समय महिला रसोई में बना रही थी खाना
दरअसल, भानुप्रतापपुर के रानवाही से सटे देवदरहा पहाड़ी पर पुलिस की फायरिंग रेंज बनाई गई है। अभ्यास के दौरान रविवार दोपहर इंसास राइफल से निकली गोली ग्रामीण माखन पटेल की रसोई में पहुंच गई। इस दौरान घर की महिला थामेश्वरी पटेल भोजन बना रही थी। थामेश्वरी ने बताया कि तेज आवाज के साथ कोई चीज दीवार में आकर धंस गई। फिर नीचे गिर पड़ी। पास जाकर देखा तो बंदूक की गोली पड़ी हुई थी। इसके बाद परिवार वालों और आसपास के लोगों को जानकारी दी। 

गांव से करीब 500 मीटर दूर है फायरिंग रेंज
ग्राम कोटवार वीरेंद्र चालकी ने बताया पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से फायरिंग का अभ्यास देवदरहा पहाड़ी में किया जाता है। यह पहाड़ी गांव से करीब 500 मीटर दूर है। यहां लगातार फायरिंग होती रहती है। इसकी आवाज सुनना आम बात है। यहां अभ्यास के दौरान चलाई जा रही बंदूक की गोलियां हमारे घरों तक आ रही है। ग्रामीण दरबारीराम जैन ने कहा पुलिस को फायरिंग क्षेत्र बदलना चाहिए। यह आबादी वाला एरिया है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

फायरिंग से पहले मुनादी भी बंद 
कोटवार और ग्रामीणों ने बताया पिछले दो साल से यहां पुलिस फायरिंग अभ्यास कर रही है। शुरुआत में फायरिंग से पहले गांव में मुनादी कराई जाती थी, अब बंद कर दी गई है। कभी भी फायरिंग शुरू कर दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया पहाड़ी के पास छोटे-छोटे ईंट-भट्टे हैं। कुछ लोग खेती करते हैं। कुछ ग्रामीण जंगल में वनोपज के लिए जाते थे। अब फायरिंग रेंज में अचानक गोली चलने के कारण ग्रामीणों ने ये सभी कार्य बंद कर दिए हैं। उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। 

एसडीओपी ने कहा- यह बंदूक की गोली नहीं
एसडीओपी प्रशांत पैंकरा ने कहा यह फायरिंग अभ्यास के दौरान बंदूक से निकली गोली नहीं है। फायरिंग रेंज में 300 मीटर दूर तक ही गोली जाएगी। 500 मीटर तक संभव नहीं है। इन गालियों की जांच कराई जाएगी। अब फायरिंग के पहले मुनादी भी कर सावधानी बरतने का अलर्ट जारी किया जाएगा। साथ ही फायरिंग क्षेत्र में अलग से जवान भी तैनात किए जाएंगे ताकि कोई अनहोनी ना हो। 


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