: छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री: समय से दो दिन पहले पहुंचा, आज चार संभागों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट
शनिवार को ऐसा रहा तापमान छत्तीसगढ़ के ज्यादातर जिलों में तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच बना हुआ है। रायपुर में दिन का तापमान 40.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा। वहीं जगदलपुर में तापमान 34.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा। बिलासपुर में 41.6 डिग्री, अंबिकापुर में 40.1, दुर्ग में 40.02 और राजनांदगांव में 40 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
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रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में यलो अलर्ट
मौसम वैज्ञानिक गायत्री वाणी ने बताया कि मानसून छत्तीसगढ़ पहुंच चुका है। अब यह रायपुर और पूरे प्रदेश में बाद में पहुंचेगा। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में अगले दो दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। 10 जून तक वज्रपात की गतिविधियों में कमी आएगी।
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जगदलपुर में पारा सामान्य से कम
बस्तर संभाग के जिलों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के कारण दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। शनिवार को जगदलपुर में दिन का तापमान 34.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से करीब 2.1 डिग्री कम है। वहीं, बस्तर में तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस, नारायणपुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस, बीजापुर में 34.9 डिग्री सेल्सियस और दंतेवाड़ा में 35.8 डिग्री रहा।
रायपुर में प्री-मानसून बारिश
रायपुर संभाग में आज और अगले 2 दिन प्री-मानसून बारिश के आसार हैं। शाम से ही गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। वहीं, शनिवार को रायपुर का तापमान 40.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम रहा। रात के तापमान में काफी गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान 27.17 डिग्री रहा।
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शनिवार को रायपुर में दिन में गर्मी रही, लेकिन शाम को आंधी-तूफान के कारण गर्मी से राहत मिली। अगले दो-तीन दिन में रायपुर में मानसून पहुंचने की उम्मीद है।
ऐसे होती है मानसून के आगमन की घोषणा
मौसम विज्ञान केंद्र मानसून के आगमन की घोषणा तब करता है, जब 80 फीसदी क्षेत्र में औसतन दो मिलीमीटर से अधिक बारिश हो जाती है। उस दौरान मानसून की घोषणा की जाती है। पिछले कुछ दिनों में राज्य के बस्तर संभाग में 2 मिमी से अधिक बारिश हुई है।
समय पर बारिश होने से सितंबर तक फसल तैयार हो जाती है
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार छत्तीसगढ़ में आमतौर पर 100 से 110 दिन में पकने वाली फसलें लगाई जाती हैं। समय पर बारिश होने से कृषि कार्य भी समय पर शुरू हो जाता है, इसलिए सितंबर के अंत तक फसल तैयार हो जाती है। इस साल मानसून समय पर आया है। ऐसे में किसान भी अपनी तैयारी में जुट गए हैं।
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