: इंजीनियर-ठेकेदार की बड़ी लापरवाही: सड़क खोदकर छोड़ दिया नौसिखिया ठेकेदार, बारिश ने होते ही सड़क जाम, राहगीर हताश
MP CG Times / Tue, Dec 28, 2021
श्रीकांत जायसवाल,कोरिया। कोरिया लोक निर्माण विभाग मनेंद्रगढ़ के इंजीनियर और ठेकेदार की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. चिरमिरी मनेंद्रगढ़ के मध्य (जेल बिल्डिंग रोड) दो छोटी पुलिया के खोदे जाने से आज पूरा आवागमन बाधित हो गया है. एकाएक पानी गिर जाने से सड़क के दोनों ओर लोगों का जमावड़ा लगा है.
दरअसल चिरिमिरी से मनेंद्रगढ़ की तरफ साजा पहाड़ होकर जाने वाली सड़क को पिछले 10 दिन से नौसिखिया ठेकेदार द्वारा खोदाई कर छोड़ दिया गया है. विशेषज्ञों के मुताबिक दिनभर व्यस्त रहने वाली सड़क को खोदे जाने से पहले उसमें उपयोग लाई जाने वाली सामग्री गिराई जानी थी और मात्र 2 या 3 दिन में उस मार्ग को चालू कर देना था.
विभाग के मंशा के अनुरूप यदि कंक्रीट पुलिया बनाई जाती, तो महीनों समय खराब होता. इसलिए विभाग के इंजीनियरों ने यह निर्णय लिया कि ह्यूम पाइप पुलिया बनाकर इस टूटे पुल को तुरंत चालू किया जा सकता है. लेकिन जिम्मेदार इंजीनियर इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं.
पापा हमारे शिवराज कैबिनेट में मंत्री हैं ! PM, CM आदिवासियों के मसीहा, फिर ये विलेन कैसे ? बिसाहूलाल के बेटे ने आदिवासी परिवार को घर से किया बेदखल
विभाग की मनमानी और लापरवाही का यह आलम है कि जिम्मेदार अधिकारी और इंजीनियर अभी तक उक्त सड़क की सुध भी नहीं ले रहे है. यही कारण है कि आज एकाएक पानी गिर जाने से राहगीरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. सड़क के दोनों और दुपहिया और चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं.
राहगीर अपने वाहन बड़ी मशक्कत मोड़ कर नागपुर होकर अपने गंतव्य तक जाने के लिए निकले हैं. मौके पर कोई अधिकारी कर्मचारी भी नहीं है. लोग काफी परेशान हैं. उन्होंने संबंधित जनप्रतिनिधियों से इस मार्ग को तत्काल बनवाए जाने की मांग की है.
read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001
दरअसल चिरिमिरी से मनेंद्रगढ़ की तरफ साजा पहाड़ होकर जाने वाली सड़क को पिछले 10 दिन से नौसिखिया ठेकेदार द्वारा खोदाई कर छोड़ दिया गया है. विशेषज्ञों के मुताबिक दिनभर व्यस्त रहने वाली सड़क को खोदे जाने से पहले उसमें उपयोग लाई जाने वाली सामग्री गिराई जानी थी और मात्र 2 या 3 दिन में उस मार्ग को चालू कर देना था.
विभाग के मंशा के अनुरूप यदि कंक्रीट पुलिया बनाई जाती, तो महीनों समय खराब होता. इसलिए विभाग के इंजीनियरों ने यह निर्णय लिया कि ह्यूम पाइप पुलिया बनाकर इस टूटे पुल को तुरंत चालू किया जा सकता है. लेकिन जिम्मेदार इंजीनियर इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं.
पापा हमारे शिवराज कैबिनेट में मंत्री हैं ! PM, CM आदिवासियों के मसीहा, फिर ये विलेन कैसे ? बिसाहूलाल के बेटे ने आदिवासी परिवार को घर से किया बेदखल
विभाग की मनमानी और लापरवाही का यह आलम है कि जिम्मेदार अधिकारी और इंजीनियर अभी तक उक्त सड़क की सुध भी नहीं ले रहे है. यही कारण है कि आज एकाएक पानी गिर जाने से राहगीरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. सड़क के दोनों और दुपहिया और चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं.
राहगीर अपने वाहन बड़ी मशक्कत मोड़ कर नागपुर होकर अपने गंतव्य तक जाने के लिए निकले हैं. मौके पर कोई अधिकारी कर्मचारी भी नहीं है. लोग काफी परेशान हैं. उन्होंने संबंधित जनप्रतिनिधियों से इस मार्ग को तत्काल बनवाए जाने की मांग की है.
read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन