EX डिप्टी CM के बेटे-बहू-पोती को काट डाला : Pyare Lal Kanwar की फैमिली के टुकड़े-टुकड़े किए, बच्ची तक को नहीं छोड़ा, जानिए कितने हत्यारों को उम्र कैद ?
MP CG Times / Sat, Mar 28, 2026
छत्तीसगढ़ के Korba district के Urga थाना क्षेत्र के Bhaisma Village में 21 April 2021 को हुए brutal family murder ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में Pyarelal Kanwar के छोटे बेटे Harish Kanwar, उनकी बहू और 4 साल की पोती की निर्मम हत्या हुई थी। हत्यारों ने तीनों के चेहरे, सिर, गर्दन, मुंह, नाक, कान और पैरों पर धारदार हथियारों से कई बार वार किए।
जांच में सामने आया कि बड़े भाई Harbhajan Kanwar के साले Parmeshwar और उनके साथी Ram Prasad Manewar ने घर में घुसकर यह जघन्य अपराध अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक महिला और चार पुरुष शामिल थे।

Lower Court Verdict
निचली अदालत ने Advocate Krishna Dwivedi के सबूतों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों में से दो को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। बाकी तीन आरोपियों को संदेह का लाभ नहीं मिला था। अदालत ने स्पष्ट किया कि हत्या की योजना और वारदात की योजना पूरी तरह से premeditated थी।
High Court Decision
हाल ही में High Court ने इस मामले में अपने फैसले में दो आरोपियों Parmeshwar और Ram Prasad Manewar की उम्रकैद बरकरार रखी, जबकि अन्य तीन आरोपियों को बरी कर दिया गया। इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Convicted vs Acquitted
अभियोजक Rajiv Kumar Dubey के मुताबिक, कुल पांच आरोपियों में शामिल थे:
Harbhajan Singh Kanwar
उनकी पत्नी Dhankuwar Kanwar
साला Parmeshwar
दोस्त Ram Prasad Manewar
और Surendra Kumar Kanwar
High Court ने Parmeshwar और Ram Prasad Manewar को उम्रकैद की सजा दी, जबकि Harbhajan Kanwar, उनकी पत्नी और Surendra Kumar Kanwar को बरी कर दिया।

Political Background of Pyarelal Kanwar
Pyarelal Kanwar, जो कि इस परिवार के मुखिया थे, अविभाजित Madhya Pradesh में आदिवासी नेतृत्व के प्रमुख चेहरा माने जाते थे। वे कोरबा जिले की Rampur Assembly Constituency से विधायक रह चुके थे।
उनका राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली था। Congress के नेतृत्व में उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए। वहीं BJP के Nanikram Kanwar उनके परंपरागत प्रतिद्वंदी रहे। 1997-1998 में जातिगत समीकरणों के आधार पर Pyarelal Kanwar को मध्यप्रदेश का Deputy Chief Minister बनाया गया था, उस समय Digvijay Singh मुख्यमंत्री थे।
बाद में Pyarelal Kanwar को Jabalpur Madhatal Land Scam में शामिल पाए जाने के कारण पद से हटाया गया। इसके बाद वे केवल एक बार विधायक बने और फिर राजनीति में हाशिए पर चले गए। उनके छोटे बेटे Harish Kanwar आज उसी राजनीतिक और परिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े इस दर्दनाक केस में चर्चा में आए।
Crime Details
मामले की जांच में यह पाया गया कि वारदात के दौरान तीनों पीड़ितों को अपने घर में बंद किया गया। धारदार हथियारों से हमला करने के बाद हत्यारों ने वारदात को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरी घटना पैसे और जमीन के लेन-देन को लेकर की गई थी।
Police Investigation
Korba Police ने पूरी घटनास्थल पर जांच की। पुलिस ने सभी साक्ष्य एकत्र किए, जिनमें वारदात के समय का फोरेंसिक सबूत, हथियार, और गवाहों के बयान शामिल थे। इस केस में Panchayat Records और जमीन के कागजात भी मुख्य सबूत साबित हुए।
Social Impact
इस घटना ने पूरे Korba District में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में डर पैदा किया। स्थानीय नागरिकों और नेताओं ने पुलिस और न्यायपालिका से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
इस हाईप्रोफाइल केस में High Court का फैसला दोहरे असर का रहा। जहां दो आरोपियों को उम्रकैद मिली, वहीं तीन आरोपियों की बरी होने से समुदाय में चर्चा और राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठे। Harish Kanwar Family Murder Case अब भी मध्यप्रदेश के कानूनी और राजनीतिक मामलों में एक महत्वपूर्ण केस माना जा रहा है।
इस केस ने यह साबित किया कि परिवार और राजनीति के बीच पुरानी जमीनी रंजिश और धन-संपत्ति विवाद कभी-कभी जघन्य अपराधों का रूप ले सकते हैं।
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