क्या एक और पत्रकार के कत्ल की थी साजिश ? : MP-CG बॉर्डर पर जेठू-बाली और लल्लन का 'चक्रव्यूह', चारों ओर से घेरा, रॉड से कार तोड़ी, देखिए अटैक का LIVE VIDEO
MP CG Times / Thu, Jan 15, 2026
Journalist Attack Mining Mafia | Jethu, Sudhir Bali Lallan Tiwari | Crusher Owners Illegal Mining: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर का खौफनाक मर्डर हुआ। हत्यारों ने पहले डिनर पर बुलाया। खाना खिलाकर जमकर पीटा। जब मुकेश अधमरा हो गया, तो उसका गला घोंटा, फिर धारदार हथियार से सिर पर मारा, जिससे ढाई इंच घाव हो गया। इसे अभी एक साल ही बीते थे कि एक और दिलदहलाने वाली वारदात सामने आई। 3 क्रेशर मालिकों ने खनन की रिपोर्टिंग कर लौट रहे पत्रकार को रास्ते में रोक लिया।
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पत्रकार के मुताबिक वह रिपोर्टिंग कर घर लौट रहे थे। रात हो गई थी। आधे रास्ते में एक कार आकर रुकी। कुछ हाईवा आकर रुके। पीछे भी एक कार आकर रुकी। VIDOE में दिख रहा है कि क्रेशर मालिकों ने पूरी प्लानिंग के साथ घेर लिया। अपने चक्रव्यूह में ऐसे फंसाया कि भाग न सके।
एक साथ 3 क्रेशर के मालिक जय प्रकाश शिवसदानी उर्फ जेठू, सुधीर बाली और लल्लन तिवारी अपने ड्राइवर और कुछ अज्ञात लोगों के साथ अटैक किए। हालांकि क्रेशर मालिकों ने भी पत्रकार पर 1 लाख रुपए मांगने और ब्लैकमेलिंग की FIR दर्ज कराई है। इन सबके बीच एक सवाल है - क्या जान से मारने की थी साजिश ? पढ़िए इस रिपोर्ट में पत्रकार पर अटैक की पूरी कहानी ?

क्रेशर व्यवसायी ने कार में बैठे पत्रकार को बाहर आने की धमकी दी।
अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरी वारदात ?
छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश बॉर्डर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पत्रकार पर 3 क्रेशर कारोबारियों ने हमला कर दिया। आरोपियों ने पत्रकार की कार रोक कर गाली-गलौज की, फिर जान से मारने की धमकी दी। गाड़ी से उतरने के लिए कहा। पत्रकार कार से बाहर नहीं निकला तो लोहे की रॉड से शीशा तोड़ दिया। पत्रकार के चेहरे और माथे पर चोटें आईं। मामला गौरेला थाना क्षेत्र का है।
वारदात में घायल हालत में पत्रकार ने कार आगे बढ़ाई, जो खेत में चली गई। इस दौरान कार का एक दरवाजा खुल गया। आरोपियों ने पत्रकार के साथी को पकड़ लिया। पत्रकार ने कार तेजी से आगे बढ़ाई और किसी तरह नजदीकी थाने पहुंचा। आरोपियों ने पत्रकार के साथी को रॉड से पीटा। किसी तरह भागकर उसने अपनी जान बचाई।
पत्रकार अवैध खनन से जुड़ी रिपोर्टिंग करने गए थे। दूसरी ओर क्रेशर व्यवसायी ने पत्रकार और उसके साथी पर उनसे पैसे मांगने का आरोप लगाया है। फिलहाल, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की है। दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक कार को 3 लोग रास्ते में रोक लेते हैं। कार में बैठा शख्स उसे आगे की बात कह रहा है, लेकिन इसी दौरान 3 लोगों में एक व्यक्ति रॉड से कार की शीशे पर हमला करता है। जानकारी के मुताबिक आरोपियों का क्रेशर प्लांट सीमा से लगे एमपी के अनूपपुर जिले में संचालित है।

दूसरे क्रेशर व्यवसायी ने कार को जबरन खोलने की कोशिश की।
अब जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, पेंड्रा के सुशांत गौतम (33) पेशे से पत्रकार हैं। वे 8 जनवरी 2026 को अमरकंटक और मैकल पर्वत क्षेत्र से अवैध खनन और क्रेशर संचालन की कवरेज के लिए गए थे। उनके साथ सहयोगी रितेश गुप्ता भी थे। शाम को रिपोर्टिंग के बाद जब वो लौट रहे थे।
जैसे ही धनौली गांव पहुंचे तो वहां कुछ लोगों ने सामने से एक सफेद कार, साइड में एक हाइवा और पीछे से एक फोर व्हीलर लगाकर उनका रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया।
इसके बाद जय प्रकाश शिवसदानी उर्फ जेठू, सुधीर बाली और लल्लन तिवारी अपने ड्राइवर और कुछ अज्ञात लोगों के साथ वहां आए गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी और जबरन गाड़ी से उतरने के लिए दबाव बनाया।

इतने में तीसरा कारोबारी लोहे की रॉड लेकर आया पत्रकार की तरफ आया।
लल्लन तिवारी ने लोहे की रॉड से तोड़ा शीशा
सुशांत और उनके साथी रितेश गाड़ी के अंदर से लगातार 'ऐसा मत करो' चिल्लाते रहे और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे। इसी दौरान एक लल्लन तिवारी ने लोहे की रॉड से कार के ड्राइवर साइड का कांच तोड़ दिया।
इस हमले में सुशांत के चेहरे और माथे पर चोटें आईं। घायल हालत में पत्रकार ने कार आगे बढ़ाई, जो खेत में चली गई। इस दौरान कार का एक दरवाजा खुल गया। आरोपियों ने पत्रकार के साथी को पकड़ लिया। इस दौरान पत्रकार ने कार की तेजी से आगे बढ़ाई और किसी तरह नजदीकी थाने पहुंचा।
देखिए LIVE VIDEO
https://youtu.be/zMnl0qrGGYs?si=xvPtQ-IVsafJiDoF
सहयोगी को पकड़कर रॉड से पीटा
आरोपियों ने पत्रकार के सहयोगी रितेश का मोबाइल फोन छीन लिया और बंद कर दिया गया। उसे रॉड से पीटा गया। किसी तरह भाग कर रितेश पास के गांव पहुंचा। जहां ग्रामीणों ने रितेश को गौरेला थाने पहुंचाया
पीड़ित के अनुसार, अवैध खनन और क्रेशर गतिविधियों की रिपोर्टिंग को रोकने और खबर दबाने के उद्देश्य से यह हमला किया गया। घटना से जुड़े वीडियो, फोटो और मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपने की बात कही गई है।

तीसरे क्रेशर कारोबारी ने ही रॉड से कार के शीशे पर किया हमला।
क्रेशर व्यवसायी ने पत्रकार पर लगाए पैसे मांगने के आरोप
दूसरी ओर, इसी घटना को लेकर गौरेला निवासी क्रेशर व्यवसायी जय प्रकाश शिवदासानी ने भी सुशांत गौतम के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के ग्राम पमरा में उनका क्रेशर व्यवसाय संचालित है। पेंड्रा निवासी सुशांत गौतम और रितेश गुप्ता खुद को पत्रकार बताकर उनसे लगातार पैसे की मांग कर रहे थे।
शिकायत के अनुसार, 25 दिसंबर 2025 को सुशांत गौतम ने क्रेशर कारोबार से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसके बाद एक लाख रुपए की मांग की। दबाव बनाकर 10 हजार रुपए जबरन ले लिए गए। इसके बाद भी लगातार पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है। 8 जनवरी 2026 की शाम दोनों आरोपी क्रेशर परिसर पहुंचे और फोटो-वीडियो बनाने लगे।
उसी दिन धनौली के पास दोनों पक्षों के बीच आमना-सामना हुआ। जय प्रकाश शिवदासानी का आरोप है कि इस दौरान उनसे 80 हजार रुपए की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर मीडिया में खबर चलाने और प्रशासनिक कार्रवाई की धमकी दी गई।
इसी दौरान गाली-गलौज हुई और आरोप है कि कार से कुचलकर जान से मारने की कोशिश की गई। इस घटना में जय प्रकाश को सिर, पसली, पीठ और कमर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें सेनेटोरियम अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक आरोपी ने कार का शीशा तोड़ दिया।

पीड़ित के अनुसार, अवैध खनन और क्रेशर गतिविधियों की रिपोर्टिंग को रोकने हमला किया गया है।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की
GPM SP मनोज खेलारी ने बताया कि पहले पत्रकार ने क्रेशर व्यवसायी के खिलाफ धमकी देने और जानलेवा हमला करने की शिकायत दर्ज कराई है। वहीं दूसरे पक्ष ने भी पत्रकार के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग अपराध दर्ज कर लिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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Anuppur Pendra छत्तीसगढ़ में पत्रकार मुकेश चंद्राकर का मर्डर हुआ। हत्यारों ने पहले डिनर पर बुलाया। खाना खिलाकर जमकर पीटा। जब मुकेश अधमरा हो गया, तो उसका गला घोंटा, फिर धारदार हथियार से सिर पर मारा, जिससे ढाई इंच घाव हो गया। ये भयंकर कत्ल ने देशभर को हिला दिया था। इसे अभी एक साल ही हुए हैं। इसी बीच एक और दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। आज वही कहानी दोहराई जा रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार पत्रकार बच गया, वरना सिस्टम फिर फाइलें खोलकर संवेदना लिख रहा होता। यह सिर्फ हमला नहीं, चौथे स्तंभ को खामोश करने की साजिश है। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के बॉर्डर पर एक पत्रकार पर अटैक हुआ है। 3 क्रेशर के मालिकों ने आधीरात सड़क पर घेरकर पत्रकार पर हमला किया। गाड़ी का शीशा तोड़ा। पत्रकार के साथी को पकड़कर पीटने का आरोप है। लोहे के रॉड से हमला किया। ये हम नहीं पेंड्रा के एक पत्रकार की आपबीती है, जिसने FIR लिखाई है। मोबाइल भी छीन लिए गए थे, ताकि वारदात के वक्त के सबूत मिटाए जा सकें, लेकिन एक मोबाइल में सबूत बच गए।
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