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: MP में आचार संहिता की तारीख तय ! CM SHIVRAJ ने दी जानकारी, जानिए क्या है Code Of Conduct ?

code of conduct date in madhya pradesh: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी पूरी हो चुकी है। कहा जा रहा है कि चुनाव आयोग 10 अक्टूबर को प्रदेश में चुनाव की घोषणा कर आदर्श आचार संहिता लागू कर सकता है। इसके साथ ही राजनीतिक दल और प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार का खर्चा जुड़ना भी शुरू हो जाएगा। आदर्श आचार संहिता के लागू होते ही प्रदेश की कमान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के हाथों में आ जाएगी। सभी जिलों में निर्वाचन अधिकारी भी अलर्ट मोड पर आ गए हैं और जिले में चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

वैसे आचार संहिता का खुलासा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि 10 अक्टूबर को प्रदेश में आचार संहिता लग सकता है। ये बात उन्होंने भोपाल में एक कार्यक्रम में कही है। बताया जा रहा है छत्तीसगढ़ में चुनाव दो चरण में होंगे, जबकि अन्य राज्यों में चुनाव एक ही चरण में होंगे। जबकि नतीजे सितंबर के दूसरे सप्ताह में घोषित होंगे। ये करना होगा मध्यप्रदेश मुख्यनिर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। आदर्श आचरण संहिता लागू होते ही किसी भी सरकारी संपत्ति पर दीवार लेखन, होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर, पेंटिंग को हटाने की कार्रवाई 24 घंटे, सार्वजनिक स्थल के लिए 48 घंटे और निजी संपत्ति पर 72 घंटे में एक्शन लेना होगा। इसके साथ ही कानून व्यवस्था और सुरक्षा की हर दिन आयोग को जानकारी देना होगा। वोटर आईडी कार्ड वितरण कार्य की हर सप्ताह समीक्षा करना होगा। जिलों में मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) का गठन करना होगा। मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल हो रही सभी ईवीएम-व्हीव्हीपीएटी को आचार संहिता लागू होते ही स्ट्रांग रूम में जमा करना होगा। MP में मतदाताओं का आंकड़ा निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की अंतिम सूची जारी कर दी है। इसके अनुसार मध्य प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 60 लाख 60 हजार 925 है। जिसमें मेल वोटर 2 करोड़ 88 लाख 25 हजार 607 है। जबकि महिला मतदाता 2 करोड़ 72 लाख 33 हजार 945 है। वहीं, थर्ड जेंडर 1373 है। वहीं 75 हजार 304 पोस्टल बैलेट से वोट डाले जाएंगे। आदर्श आचार संहिता क्‍या है ? देश और राज्यों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है। चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आचार संहिता कहते हैं। लोकसभा/विधानसभा चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है। कब से लागू होती है आचार संहिता ? आचार संहिता चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही लागू हो जाती है।अलग-अलग राज्यों की विधानसभा के चुनाव अलग-अलग समय पर होते रहते हैं। वहीं देश में लोकसभा के चुनाव हर पांच साल पर होते हैं। चुनाव आयोग के चुनाव कार्यक्रमों का एलान करते ही आचार संहिता लागू हो जाती है। कब तक लगी रहेगी आचार संहिता ? आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक लागू रहती है। चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही आचार संहिता देश/राज्य में लगती है और वोटों की गिनती होने तक जारी रहती है। आचार संहिता के मुख्‍य नियम — आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद कई नियम भी लागू हो जाते हैं। इनकी अवहेलना कोई भी राजनीतिक दल या राजनेता नहीं कर सकता। — किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले पुलिस से अनुमति लेनी होगी। — सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा। — सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फायदा पहुंचाने वाले काम के लिए नहीं होगा। — किसी भी तरह की सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास आदि नहीं होगा। — किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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