बस्तर में अमित शाह बोले- 50 साल का नुकसान 5 साल में भरेंगे : नक्सलवाद खत्म होने के बाद विकास पर फोकस, डायल-112 के 400 हाईटेक वाहनों को दिखाई हरी झंडी
MP CG Times / Mon, May 18, 2026
नक्सलवाद खात्मे के बाद पहली बार बस्तर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर के लोगों का 50 सालों में जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई हम 4-5 सालों में करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक बस्तर विकसित न हो तब तक हमारा संकल्प अधूरा होगा।
इससे पहले नेतानार में शाह ने कहा कि, आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि पिछले 6 महीनों के काम के बाद अब यह पूरा क्षेत्र आदिवासियों से भरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी धरा से अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ने का काम अमर शहीद गुंडाधुर ने किया था।
शाह ने कहा कि एक दौर वह भी था जब यहां एक साथ 6 पुलिसवालों की हत्या कर दी जाती थी, स्कूल उजाड़ दिए जाते थे और गरीबों का राशन तक छीन लिया जाता था। नक्सलियों का खौफ ऐसा था कि वे मासूम बच्चों को उनके बचपन में ही जबरन उठा ले जाते थे।

गृह मंत्री ने आगे कहा कि अब सरकार ने कड़े कदम उठाकर बस्तर से इस गनतंत्र को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही अब इस ऐतिहासिक धरती को एक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया जा रहा है।
यहां के आदिवासी बच्चों को अब वे तमाम आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों में ही मिलती थीं। अब हर गरीब परिवार तक पीने का साफ पानी पहुंचाया जा रहा है, उनके राशन कार्ड और आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं और उन्हें 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।
पुलिस अधिकारियों का किया गया सम्मान
नेतानार के बाद अमित शाह जगदलपुर के आसना में स्थित बादल अकादमी पहुंचे। यहां बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनआईए, एसएसबी और एनटीआरओ के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ एडीजी विवेकानंद सिन्हा और बस्तर आईजी सुंदरराज पी का भी सम्मान किया गया।
पहले गांव जाना मुश्किल था, अब हालात बदले- जानकी कश्यप
बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले जवानों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत की। उन्होंने बसवाराजू समेत 38 नक्सलियों के एनकाउंटर के बारे में बताया। इस दौरान नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी अपना दर्द बयां किया।
जगरगुंडा की रहने वाली जानकी कश्यप ने बताया कि उनकी आंखों के सामने नक्सलियों ने उनके देवर समेत 7-8 लोगों की हत्या कर दी थी। पीड़ित परिवारों ने कहा कि पहले गांव जाना मुश्किल था, लेकिन पुलिस की मौजूदगी और सड़कों के निर्माण से हालात बदले हैं।
शहीद जवान की बहन पिंकी सेठिया ने कहा कि, अब बस्तर के जंगल में ड्यूटी कर रहे जवानों के परिवार वालों को डर नहीं रहेगा कि हमारे बेटे जंगलों में ड्यूटी कर रहे हैं।
112 के 400 हाईटैक वाहन को दिखाई हरी झंडी
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTS) में डायल 112 के 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब क्राइम, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी पर एक ही नंबर पर मदद मिलेगी।
रायपुर के इस कार्यक्रम के तुरंत बाद अमित शाह नेतानार से जगदलपुर रवाना हो गए हैं। यहां अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
दौरे के अंतिम चरण में वे जगदलपुर में ही मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होकर विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे।
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