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Bitcoin vs Gold Investment : 10 साल में कौन देगा सबसे ज्यादा रिटर्न, जानिए पूरी कहानी ?
Wed, May 13, 2026
Bitcoin vs Gold Investment: बिटकॉइन और सोने में निवेश करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ सालों में, इन दोनों एसेट्स ने निवेशकों को ज़बरदस्त रिटर्न दिया है। हालांकि, जब अनिश्चितता ज्यादा होती है, तो निवेशक बिटकॉइन जैसे रिस्की एसेट्स से दूर रहना पसंद करते हैं। ऐसे समय में, वे आम तौर पर उन एसेट्स की ओर मुड़ते हैं, जिन्हें "सुरक्षित ठिकाना" माना जाता है, जैसे सोना और चांदी। लेकिन पिछले पांच सालों में इन दोनों में से कौन ज़्यादा सफल साबित हुआ है?
क्या यह अंदाजा लगाना मुमकिन है कि आने वाले दशक में कौन सा एसेट ज्यादा रिटर्न देगा? हालांकि पिछले कुछ सालों के रिटर्न को देखने से पता चलता है कि बिटकॉइन ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया है, फिर भी यह एक रिस्की एसेट बना हुआ है।
इसके अलावा भारत सहित कई देशों में इसके आस-पास का रेगुलेटरी माहौल अभी भी साफ़ नहीं है। आजकल, युवा लोग डिजिटल एसेट्स की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, और बिटकॉइन को तो "डिजिटल सोना" भी कहा जा रहा है।
बिटकॉइन और सोना, अब तक के सबसे ऊंचे स्तर
आज की तारीख में बिटकॉइन की कीमत $81,048.43 है। हालांकि, अक्टूबर 2025 में, एक बिटकॉइन की कीमत $126,000 तक पहुंच गई थी। जहां तक सोने की बात है। इसका अब तक का सबसे ऊंचा स्तर 29 जनवरी 2026 को दर्ज किया गया था, जब इसकी क़ीमत 180,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी।
अभी, भारतीय बाजार में सोने की कीमत लगभग 153,000 प्रति 10 ग्राम के आस-पास है, जबकि ग्लोबल बाजार में यह लगभग $4,700 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। सोने का मार्केट कैपिटलाइजेशन बिटकॉइन की तुलना में काफी ज्यादा है।
2026 में सोने ने असल में बिटकॉइन से बेहतर प्रदर्शन किया। पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से इन दोनों एसेट्स की क़ीमतों पर नीचे की ओर दबाव पड़ा है।
पिछले 5 और 10 सालों का प्रदर्शन
पिछले दशक के प्रदर्शन का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि बिटकॉइन ने सोने की तुलना में जबरदस्त रिटर्न दिया है। 2016 में, सोने की कीमत लगभग $1,200 प्रति औंस थी, जबकि बिटकॉइन लगभग $430 पर ट्रेड कर रहा था।
इस दौरान, बिटकॉइन ने सोने की तुलना में कई गुना ज्यादा रिटर्न दिया है। इस अंतर का मुख्य कारण सोने की कीमतों में बढ़ोतरी की धीमी गति है, जबकि Bitcoin की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। हालांकि इस दौरान Bitcoin में काफी गिरावट भी देखने को मिली, लेकिन सोना रिटर्न के मामले में थोड़ा पीछे रहने के बावजूद एक स्थिर और सुरक्षित एसेट बना रहा।
पिछले पांच सालों के प्रदर्शन को देखें, तो सोना साफ तौर पर विजेता बनकर उभरा है। पिछले तीन से चार सालों में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है। इस ट्रेंड का एक बड़ा कारण 2022 में क्रिप्टो मार्केट में आई भारी गिरावट थी।
2021 की शुरुआत Bitcoin के लिए शानदार रही। हालांकि, उसके बाद आई गिरावट ने पूरी स्थिति ही बदल दी। इसके विपरीत, पिछले तीन से चार सालों में सोने का प्रदर्शन असाधारण रहा है। खासकर 2025 में और 2026 के शुरुआती महीनों में इसने बहुत बढ़िया रिटर्न दिया है। इस पांच साल की अवधि में, सोना निस्संदेह सबसे आगे रहा है।
अगले 10 सालों में क्या होने वाला है?
बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है। अगले दशक में कौन सा एसेट Bitcoin या सोना ज्यादा बेहतर रिटर्न देगा? कई मार्केट एनालिस्ट पहले ही यह भविष्यवाणी कर चुके हैं कि आने वाले समय में Bitcoin की कीमतों में जबरदस्त उछाल आने वाला है।
इसी तरह, कई लोगों ने सोने की कीमतों में भी काफी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। हालांकि, भारत सहित कई देशों ने अभी तक क्रिप्टोकरेंसी के लिए कोई स्पष्ट रेगुलेटरी ढाँचा तैयार नहीं किया है।
फिर भी, Bitcoin को अभी भी सोने के मुकाबले ज़्यादा ग्रोथ की संभावना वाला एसेट माना जाता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सोना एक मैच्योर एसेट है, जबकि Bitcoin अभी भी अपने शुरुआती दौर में है। हालांकि, सख्त रेगुलेशन आर्थिक संकट या नई टेक्नोलॉजी के आने जैसे कारक इस स्थिति को बदल सकते हैं।
इस मोड़ पर कोई भी निश्चित रूप से यह नहीं कह सकता कि भविष्य में कौन सा एसेट Bitcoin या सोना दूसरे से बेहतर प्रदर्शन करेगा। वैश्विक बाजार की स्थितियां, भू-राजनीतिक तनाव और नए रेगुलेटरी बदलाव जैसे कई कारक लगातार बाज़ार की गतिशीलता को प्रभावित करते रहेंगे।
Gold-Silver ETF Hike : नई कस्टम ड्यूटी के बाद निवेशकों की हुई चांदी; जानिए कैसे उछले सोने-चांदी ETF ?
Wed, May 13, 2026
Gold-Silver ETF Hike: सोने और चांदी के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले का असर बाजार में तुरंत देखने को मिला। जैसे ही आधी रात से नई दरें लागू हुईं, MCX पर कीमती धातुओं की कीमतें तेजी से बढ़ीं, जिससे गोल्ड और सिल्वर ETFs में 15% तक की जबरदस्त तेजी आई।
25 गोल्ड ETFs में से, Quantum Gold Fund में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। यह लगभग 15% बढ़कर दिन के उच्चतम स्तर 143.37 पर पहुंच गया, जबकि इसकी पिछली क्लोजिंग कीमत 124.90 थी। Tata Gold ETF में 12% की तेजी आई, जबकि Zerodha Gold ETF लगभग 9% चढ़ा।
इसके अलावा, तीन गोल्ड ETFs में 8% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि बाकी 19 ETFs में 4% से 7% तक की तेजी देखी गई। सिल्वर ETFs में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। HDFC Silver ETF और UTI Silver ETF में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। लगभग पांच सिल्वर ETFs में 9% तक की तेज़ी आई, जबकि बाकी ETFs 6% से 9% के बीच चढ़े।
निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं
AMFI-रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर अभिषेक भीलवारिया ने ET को बताया कि बाज़ार में मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच छोटे निवेशकों को घबराहट में आकर फैसले लेने से बचना चाहिए। मैक्रोइकोनॉमिक दबाव बाजार पर बना हुआ है।
हालांकि, इसके बावजूद, भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। इसलिए, निवेशकों को लालच में आकर निवेश के फैसले लेने या डर के मारे घबराकर बेचने (panic-selling) से बचना चाहिए। वे अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार निवेश जारी रख सकते हैं।
SIPs के जरिए फायदा उठाया जा सकता है
अभिषेक के अनुसार, बाजार में बार-बार आने-जाने के बजाय निवेशकों को SIPs यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए अपना निवेश जारी रखना चाहिए। उनका मानना है कि लगातार निवेश करने से बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव को लंबे समय के फायदे में बदलने में मदद मिल सकती है।
जुलाई 2026 डिलीवरी के लिए चांदी 6% बढ़ी
घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। MCX पर जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी की वायदा कीमत 16,743 यानी लगभग 6% बढ़कर 295,805 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस बीच जून 2026 डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स 9,206 यानी 6% की बढ़त के साथ 162,648 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। पिछले ट्रेडिंग सेशन में चांदी बढ़त के साथ बंद हुई थी, जबकि सोने में मामूली गिरावट देखी गई थी।
सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई
सरकार ने सोने और चांदी के इंपोर्ट पर लगने वाली कुल कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत, 10% की बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% का एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया गया है। नतीजतन, इन दोनों कीमती धातुओं पर प्रभावी इंपोर्ट टैक्स बढ़कर 15% हो गया है। इस फैसले के बाद, घरेलू बाजार में कीमतों में भारी उछाल देखा गया।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में मिले-जुले रुझान
वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर $4,695.99 प्रति औंस पर आ गया, जबकि जून डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर $4,705.30 प्रति औंस पर पहुंच गए।
दूसरी ओर स्पॉट सिल्वर 0.2% बढ़कर $86.71 प्रति औंस पर पहुंच गया। ट्रेडिंग के दौरान चांदी ने 11 मार्च के बाद से अपना उच्चतम स्तर भी छुआ। इस बीच, प्लैटिनम 0.8% गिरकर $2,109.53 प्रति औंस पर आ गया, और पैलेडियम 0.2% गिरकर $1,487.47 प्रति औंस पर आ गया।