Logo
Breaking News Exclusive
मध्य प्रदेश सरकार ले रही 1800 करोड़ का कर्ज, अप्रैल में 4600 करोड़, जानिए कर्ज की पूरी कहानी ? चार ट्रेडिंग सेशन में 3400 अंक गिरा सेंसेक्स, निफ्टी का भी बुरा हाल, क्या आर्थिक संकट के संकेत ? 10 साल में कौन देगा सबसे ज्यादा रिटर्न, जानिए पूरी कहानी ? नई कस्टम ड्यूटी के बाद निवेशकों की हुई चांदी; जानिए कैसे उछले सोने-चांदी ETF ? कंपनी को साउथ अफ्रीका में मिला 4,045 करोड़ का ऑर्डर, रेलवे स्टॉक में 14% की तेजी, जानिए अब क्या करें ? कपड़े बेचने की आड़ में कर रहे थे गांजा सप्लाई, बाइक में बनाया सीक्रेट बॉक्स, 2 करोड़ का गांजा जब्त गरियाबंद में टूटे बिजली तार में करंट से जिंदा जला बाइक सवार, गर्दन तार में फंसी, करंट से उठीं आग की लपटें CM, तोमर-शिवराज के जिले फिसड्डी, 23 के X पर 50 फॉलोअर भी नहीं, जानिए हीरा सिंह श्याम समेत दूसरे नेताओं का हाल ? Lucknow Super Giants ने Bengaluru को 9 रन से हराया; RCB Vs LSG LIVE Score Update रेप पीड़िता का कटर से काटा गला, लड़की के मां की उंगलियां काटी, CCTV फुटेज आया सामने मध्य प्रदेश सरकार ले रही 1800 करोड़ का कर्ज, अप्रैल में 4600 करोड़, जानिए कर्ज की पूरी कहानी ? चार ट्रेडिंग सेशन में 3400 अंक गिरा सेंसेक्स, निफ्टी का भी बुरा हाल, क्या आर्थिक संकट के संकेत ? 10 साल में कौन देगा सबसे ज्यादा रिटर्न, जानिए पूरी कहानी ? नई कस्टम ड्यूटी के बाद निवेशकों की हुई चांदी; जानिए कैसे उछले सोने-चांदी ETF ? कंपनी को साउथ अफ्रीका में मिला 4,045 करोड़ का ऑर्डर, रेलवे स्टॉक में 14% की तेजी, जानिए अब क्या करें ? कपड़े बेचने की आड़ में कर रहे थे गांजा सप्लाई, बाइक में बनाया सीक्रेट बॉक्स, 2 करोड़ का गांजा जब्त गरियाबंद में टूटे बिजली तार में करंट से जिंदा जला बाइक सवार, गर्दन तार में फंसी, करंट से उठीं आग की लपटें CM, तोमर-शिवराज के जिले फिसड्डी, 23 के X पर 50 फॉलोअर भी नहीं, जानिए हीरा सिंह श्याम समेत दूसरे नेताओं का हाल ? Lucknow Super Giants ने Bengaluru को 9 रन से हराया; RCB Vs LSG LIVE Score Update रेप पीड़िता का कटर से काटा गला, लड़की के मां की उंगलियां काटी, CCTV फुटेज आया सामने

: MP News: कमलनाथ के करीबी सलूजा BJP में शामिल, राजनीतिक पंडित बोले- राहुल की यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश

News Desk / Thu, Nov 24, 2022


सीएम शिवराज नरेंद्र सलूजा का स्वागत करते हुए

सीएम शिवराज नरेंद्र सलूजा का स्वागत करते हुए - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

मध्यप्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बीच बीजेपी ने कांग्रेस को करारा झटका दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ के करीबी और मीडिया विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष नरेंद्र सलूजा भाजपा में शामिल हो गए हैं। खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सलूजा को भाजपा की सदस्यता दिलाई। कांग्रेस ने दावा किया कि इंदौर के खालसा कॉलेज में गुरुनानक जयंती पर कमलनाथ के साथ जो हुआ, उसके बाद सलूजा को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया था। यह कहना गलत है कि सलूजा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली है। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नरेंद्र सलूजा की भाजपा में आमद को खास बनाना चाहते थे। इस वजह से उन्होंने सीएम हाउस में यह कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने खुद ही सदस्यता दिलाई। सदस्यता लेने के बाद सलूजा ने कहा कि इंदौर खालसा कॉलेज में हुए घटनाक्रम के बाद 84 दंगों का जो सच सामने आया, उससे मेरा मन व्यथित था। मैं जिस धर्म में आस्था रखता हूं, उस धर्म के लोगों की हत्या के आरोपियों के साथ मैं काम कर रहा था। इस सच ने मेरी आंखें खोल दी। में ऐसे संगठन के साथ कार्य नहीं कर सकता, जिस पर मेरे अपने लोगों की हत्या के आरोप हैं। खालसा कॉलेज घटनाक्रम के बाद मैंने कांग्रेस की कोई पोस्ट नहीं की। न राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुआ। मैं एक कार्यकता के रूप में बीजेपी में शामिल हुआ हूं। बीजेपी जो जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी जी-जान से निभाऊंगा।

सीएम बोले- सलूजा अच्छे चिंतक हैं 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नरेंद्र सलूजा जी चिंतक हैं। बहुत अच्छी सोच रखने वाले हैं। भाजपा एक वैभवशाली गौरवशाली देश का निर्माण करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रही है। नरेन्द्र सलूजा जी के आने से भाजपा को मजबूती मिलेगी। बहुत बल मिलेगा। ऐसा नेता जो अपने तर्कों और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखते हैं, उनका भाजपा परिवार की ओर से ह्रदय से स्वागत है।
  
कांग्रेस का दावा- छह साल के लिए निष्कासित हैं सलूजा
कांग्रेस ने कहा है कि कुछ मीडिया संस्थानों में इस तरह की खबर चल रही है कि नरेंद्र सलूजा ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर अन्य पार्टी जॉइन कर ली है। तथ्यात्मक स्थिति यह है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण नरेंद्र सलूजा को 13 नवंबर 2022 को ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। सलूजा लगातार दूसरी पार्टी के संपर्क में थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। उनकी इन गतिविधियों की सूचना प्राप्त होने के बाद उन्हें 13 नवंबर को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया गया था। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि पार्टी में प्रतिबद्ध और अनुशासित कार्यकर्ताओं का पूरा सम्मान है, लेकिन अनुशासनहीनता और गद्दारी करने वाले व्यक्तियों के लिए कांग्रेस पार्टी में कोई जगह नहीं है। पार्टी से निकाले गए गद्दार वहां जा सकते हैं? जहां जाने के बाद सार्वजनिक मंच से उन्हें विभीषण कहा जाता है। 

राजनीतिक पंडितों का दावा- राहुल की यात्रा को प्रभावित करने की कोशिश
गुरुनानक जयंती पर इंदौर के खालसा कॉलेज में कार्यक्रम था। इसमें कमलनाथ भी गए थे। वहां कीर्तनकार इस बात से भड़क गए थे। अपमानित कर नाथ को वहां से निकल जाने को मजबूर किया गया। इसे लेकर कमलनाथ ने नरेंद्र सलूजा को हटा दिया था। खालसा कॉलेज विवाद की वजह से राहुल गांधी के इंदौर प्रवास के दौरान पड़ाव का स्थल भी बदलना पड़ा। चिमनबाग मैदान पर अब राहुल का काफिला रुकेगा। वरिष्ठ पत्रकार अरुण दीक्षित कहते हैं कि सलूजा कोई इतना बड़ा नाम नहीं है कि कांग्रेस को बहुत फर्क पड़े। निजी तौर पर राजनीतिक पहचान भी नहीं है। कमलनाथ ने उन्हें अपने मीडिया विभाग का समन्वयक बनाकर नाम दिया। मध्यप्रदेश में सिखों का नेतृत्व तनवंत सिंह कीर किया करते थे। अब प्रदेश के कई शहरों में सिख आबादी है। इसके बाद भी वह किसी सीट को प्रभावित कर दें, ऐसी स्थिति में नहीं है। साफ है कि यह सिर्फ बीजेपी की राहुल की यात्रा का प्रभाव कम करने की रणनीति का हिस्सा है। 

विस्तार

मध्यप्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बीच बीजेपी ने कांग्रेस को करारा झटका दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ के करीबी और मीडिया विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष नरेंद्र सलूजा भाजपा में शामिल हो गए हैं। खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सलूजा को भाजपा की सदस्यता दिलाई। कांग्रेस ने दावा किया कि इंदौर के खालसा कॉलेज में गुरुनानक जयंती पर कमलनाथ के साथ जो हुआ, उसके बाद सलूजा को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया था। यह कहना गलत है कि सलूजा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली है। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नरेंद्र सलूजा की भाजपा में आमद को खास बनाना चाहते थे। इस वजह से उन्होंने सीएम हाउस में यह कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने खुद ही सदस्यता दिलाई। सदस्यता लेने के बाद सलूजा ने कहा कि इंदौर खालसा कॉलेज में हुए घटनाक्रम के बाद 84 दंगों का जो सच सामने आया, उससे मेरा मन व्यथित था। मैं जिस धर्म में आस्था रखता हूं, उस धर्म के लोगों की हत्या के आरोपियों के साथ मैं काम कर रहा था। इस सच ने मेरी आंखें खोल दी। में ऐसे संगठन के साथ कार्य नहीं कर सकता, जिस पर मेरे अपने लोगों की हत्या के आरोप हैं। खालसा कॉलेज घटनाक्रम के बाद मैंने कांग्रेस की कोई पोस्ट नहीं की। न राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुआ। मैं एक कार्यकता के रूप में बीजेपी में शामिल हुआ हूं। बीजेपी जो जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी जी-जान से निभाऊंगा।

सीएम बोले- सलूजा अच्छे चिंतक हैं 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नरेंद्र सलूजा जी चिंतक हैं। बहुत अच्छी सोच रखने वाले हैं। भाजपा एक वैभवशाली गौरवशाली देश का निर्माण करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रही है। नरेन्द्र सलूजा जी के आने से भाजपा को मजबूती मिलेगी। बहुत बल मिलेगा। ऐसा नेता जो अपने तर्कों और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखते हैं, उनका भाजपा परिवार की ओर से ह्रदय से स्वागत है।
  
कांग्रेस का दावा- छह साल के लिए निष्कासित हैं सलूजा
कांग्रेस ने कहा है कि कुछ मीडिया संस्थानों में इस तरह की खबर चल रही है कि नरेंद्र सलूजा ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर अन्य पार्टी जॉइन कर ली है। तथ्यात्मक स्थिति यह है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण नरेंद्र सलूजा को 13 नवंबर 2022 को ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। सलूजा लगातार दूसरी पार्टी के संपर्क में थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। उनकी इन गतिविधियों की सूचना प्राप्त होने के बाद उन्हें 13 नवंबर को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया गया था। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि पार्टी में प्रतिबद्ध और अनुशासित कार्यकर्ताओं का पूरा सम्मान है, लेकिन अनुशासनहीनता और गद्दारी करने वाले व्यक्तियों के लिए कांग्रेस पार्टी में कोई जगह नहीं है। पार्टी से निकाले गए गद्दार वहां जा सकते हैं? जहां जाने के बाद सार्वजनिक मंच से उन्हें विभीषण कहा जाता है। 


राजनीतिक पंडितों का दावा- राहुल की यात्रा को प्रभावित करने की कोशिश
गुरुनानक जयंती पर इंदौर के खालसा कॉलेज में कार्यक्रम था। इसमें कमलनाथ भी गए थे। वहां कीर्तनकार इस बात से भड़क गए थे। अपमानित कर नाथ को वहां से निकल जाने को मजबूर किया गया। इसे लेकर कमलनाथ ने नरेंद्र सलूजा को हटा दिया था। खालसा कॉलेज विवाद की वजह से राहुल गांधी के इंदौर प्रवास के दौरान पड़ाव का स्थल भी बदलना पड़ा। चिमनबाग मैदान पर अब राहुल का काफिला रुकेगा। वरिष्ठ पत्रकार अरुण दीक्षित कहते हैं कि सलूजा कोई इतना बड़ा नाम नहीं है कि कांग्रेस को बहुत फर्क पड़े। निजी तौर पर राजनीतिक पहचान भी नहीं है। कमलनाथ ने उन्हें अपने मीडिया विभाग का समन्वयक बनाकर नाम दिया। मध्यप्रदेश में सिखों का नेतृत्व तनवंत सिंह कीर किया करते थे। अब प्रदेश के कई शहरों में सिख आबादी है। इसके बाद भी वह किसी सीट को प्रभावित कर दें, ऐसी स्थिति में नहीं है। साफ है कि यह सिर्फ बीजेपी की राहुल की यात्रा का प्रभाव कम करने की रणनीति का हिस्सा है। 

Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन