Logo
Breaking News Exclusive
रेखा गुप्ता ने कहा- जब तक हर एक राम मारा न जाए, समाज साफ-सुथरा नहीं हो मुस्कान-साहिल ने मारकर नीले ड्रम में डाला था; कोर्ट बोला- माफी स्वीकार नहीं; फैसले के बाद सौरभ की मां रो पड़ीं वित्त विभाग ने वित्तीय संकट बताया; मोहन यादव, 2 मंत्री और गृह सचिव को मिली गाड़ियां बिहार में 25 से ज्यादा लोग सवार थे; छेद से भरने लगा पानी, 15 साल की चांदनी ने 2 बच्चों को बचाया ड्राइवर सीट के पीछे छिपाकर ले जा रहे थे यूपी-झारखंड के तस्कर, दो आरोपी गिरफ्तार तेरहवीं के भोज में जा रहे थे सभी; एक ही परिवार की 7 बच्चियों ने गंवाई जान, 15 साल की चांदनी ने 2 की जान बचाई ग्राम पंचायत मौहारी में दिखी आस्था की अनूठी मिसाल, जानिए इसके पीछे की वजह ? खटिया के पाए से पीट-पीटकर मारा, शवों को ताले में बंद कर गुजरात भागा, जंगल में छिपने पर पुलिस ने दबोचा व्यापारियों को बनाया निशाना, फर्जी वेबसाइट पर दिखाया था मुनाफा, 14 लाख वापस मिले, आरोपी गिरफ्तार  अजगर के मुंह से निकाला 200 ग्राम का ट्यूमर, अंबिकापुर से 250 KM दूर बिलासपुर लाकर बचाई जान, ड्रिप पर रखा गया रेखा गुप्ता ने कहा- जब तक हर एक राम मारा न जाए, समाज साफ-सुथरा नहीं हो मुस्कान-साहिल ने मारकर नीले ड्रम में डाला था; कोर्ट बोला- माफी स्वीकार नहीं; फैसले के बाद सौरभ की मां रो पड़ीं वित्त विभाग ने वित्तीय संकट बताया; मोहन यादव, 2 मंत्री और गृह सचिव को मिली गाड़ियां बिहार में 25 से ज्यादा लोग सवार थे; छेद से भरने लगा पानी, 15 साल की चांदनी ने 2 बच्चों को बचाया ड्राइवर सीट के पीछे छिपाकर ले जा रहे थे यूपी-झारखंड के तस्कर, दो आरोपी गिरफ्तार तेरहवीं के भोज में जा रहे थे सभी; एक ही परिवार की 7 बच्चियों ने गंवाई जान, 15 साल की चांदनी ने 2 की जान बचाई ग्राम पंचायत मौहारी में दिखी आस्था की अनूठी मिसाल, जानिए इसके पीछे की वजह ? खटिया के पाए से पीट-पीटकर मारा, शवों को ताले में बंद कर गुजरात भागा, जंगल में छिपने पर पुलिस ने दबोचा व्यापारियों को बनाया निशाना, फर्जी वेबसाइट पर दिखाया था मुनाफा, 14 लाख वापस मिले, आरोपी गिरफ्तार  अजगर के मुंह से निकाला 200 ग्राम का ट्यूमर, अंबिकापुर से 250 KM दूर बिलासपुर लाकर बचाई जान, ड्रिप पर रखा गया

: सुन लो सरकार! 'नहर की मरम्मत करवा दो, हम किसान तीन दिन से भूख हड़ताल पर हैं'

News Desk

News Desk / Sun, Nov 20, 2022

सुन लो सरकार! 'नहर की मरम्मत करवा दो, हम किसान तीन दिन से भूख हड़ताल पर हैं'

भूख हड़ताल पर किसान

भूख हड़ताल पर किसान - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

शिवपुरी जिले में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे किसानों का कहना है कि दो गांव के किसान पिछले तीन दिनों से तहसील कार्यालय के सामने बैठे हैं। नाराज किसान तहसील कार्यालय के सामने तंबू गाड़कर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। बावजूद इसके जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी किसानों की अभी तक कोई सुध नहीं लिए। किसानों के अनुसार, अगर खेतों में पानी नहीं पहुंचेगा तो भी वह मर जाएंगे। ऐसे में यहां पर भूख हड़ताल पर बैठकर मरना ही उचित है, क्योंकि अभी तक गेहूं की बोवनी तक नहीं हुई है।

दरअसल, पचीपुरा तालाब से निकली नहर से पचीपुरा, बैराड़, बबनपुरा और गौदोंलीपुरा गांवों के खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। लेकिन पिछले लंबे समय से नहर की साफ- सफाई और मरम्मत नहीं होने के कारण नहर के अंतिम छोर से लगे दो गांव बवनपुरा और गौदोंलीपुरा के किसानों को इस साल रवि फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।

बबनपुरा और गौंदोलीपुरा के किसान लंबे समय से सिंचाई विभाग से नहर को सही करवाने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिल सके। लेकिन किसानों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो किसानों को भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होना पड़ गया। शुक्रवार से बैराड़ तहसील के सामने भूख हड़ताल पर बैठे किसानों की अभी तक किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने कोई सुध नहीं ली है।

साल 2019 में भी भूख हड़ताल पर बैठे थे किसान...
ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले साल 2019 में भी नहर फूट गई थी। तब भी उन्होंने प्रशासन से नहर को सही करवाने के लिए काफी गुहार लगाई थी। उस समय भी उन्हें भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने नहर को सही करवाया था। अब फिर से किसान एक बार फिर आंदोलन की राह है। किसानों का कहना है, यदि समय रहते हुए यह नहर सही नहीं करवाई गई तो वह आगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। वह उस समय तक यहां से नहीं उठने वाले हैं, जब तक कि खेत में पानी नहीं पहुंच जाता।

विस्तार

शिवपुरी जिले में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे किसानों का कहना है कि दो गांव के किसान पिछले तीन दिनों से तहसील कार्यालय के सामने बैठे हैं। नाराज किसान तहसील कार्यालय के सामने तंबू गाड़कर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। बावजूद इसके जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी किसानों की अभी तक कोई सुध नहीं लिए। किसानों के अनुसार, अगर खेतों में पानी नहीं पहुंचेगा तो भी वह मर जाएंगे। ऐसे में यहां पर भूख हड़ताल पर बैठकर मरना ही उचित है, क्योंकि अभी तक गेहूं की बोवनी तक नहीं हुई है।

दरअसल, पचीपुरा तालाब से निकली नहर से पचीपुरा, बैराड़, बबनपुरा और गौदोंलीपुरा गांवों के खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। लेकिन पिछले लंबे समय से नहर की साफ- सफाई और मरम्मत नहीं होने के कारण नहर के अंतिम छोर से लगे दो गांव बवनपुरा और गौदोंलीपुरा के किसानों को इस साल रवि फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।


Source link

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन