Share Market Crash Details : चार ट्रेडिंग सेशन में 3400 अंक गिरा सेंसेक्स, निफ्टी का भी बुरा हाल, क्या आर्थिक संकट के संकेत ?
Share Market Crash Details: पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को 23,400 के स्तर से नीचे बंद होकर निफ्टी ने आगे और बड़ी गिरावट की संभावना का संकेत दिया है। पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी 1,165 अंक गिरा है, जबकि सेंसेक्स 3,400 अंक टूटा है, जिससे अप्रैल में हासिल की गई 7% की मजबूत रिकवरी का एक बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है।
बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि इससे आसानी से राहत नहीं मिलेगी। शेयर बाजार को अब हर उछाल पर बिकवाली होने के लगातार जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। वैश्विक स्तर पर बाजार कमजोर बने हुए हैं। आर्थिक संकट की आहट सुनाई देने लगी है।
मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट
मंगलवार को, निफ्टी लगभग 2% गिरकर 23,400 के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि सेंसेक्स में 1.9% की गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार में नुकसान और भी ज़्यादा था। निफ्टी मिडकैप 100 2.5% गिरा और निफ्टी स्मॉलकैप 100 3.2% टूटा, जो बेंचमार्क इंडेक्स से काफी पीछे रहा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि घरेलू इक्विटी बाजार तब तक अस्थिर और कमज़ोर रहने की संभावना है, जब तक पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर बातचीत में कोई सार्थक प्रगति नहीं होती या तनाव कम होने के संकेत नहीं मिलते।
उन्होंने बताया कि अमेरिका-ईरान बातचीत रुकने से ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर $107.4 प्रति बैरल हो गईं, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली जारी रखी। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.62 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया।
मंगलवार को ही मुद्रा 40 पैसे और कमज़ोर होकर 95.60 के स्तर के आसपास पहुंच गई, जिससे बढ़ते आयात बिल और तेज होती महंगाई को लेकर चिंताएँ और बढ़ गईं। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर भी चिंताएँ बढ़ रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के दिनों में बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि कच्चे तेल, खाने के तेल और सोने के बढ़ते आयात के कारण अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि बाजार इन टिप्पणियों को बाहरी संतुलन के संबंध में एक चेतावनी के तौर पर देख रहा है।
रियल एस्टेट और IT सेक्टर में भारी गिरावट
IT और रियल एस्टेट सेक्टर में भारी गिरावट देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स 3% से ज़्यादा गिर गया। इसकी वजह सिर्फ मैक्रोइकोनॉमिक चुनौतियां ही नहीं, बल्कि AI-आधारित प्राइसिंग से होने वाली संभावित रुकावटों को लेकर नई चिंताएँ भी थीं।
Geojit Investments के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि IT स्टॉक्स का प्रदर्शन खराब रहा। इसकी वजह AI-आधारित प्राइसिंग के दबाव और संभावित रुकावटों को लेकर बढ़ती आशंकाएं थीं। ये आशंकाएं OpenAI की हालिया पहलों के बाद बढ़ी हैं, जिनका मकसद पूरे इंडस्ट्री में AI को अपनाना है।
Nifty किस दिशा में जा रहा है?
टेक्निकल चार्ट पर, Nifty इंडेक्स अब एक अहम मोड़ पर पहुंच रहा है। Religare Broking के रिसर्च के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने बताया कि अपनी पिछली कंसोलिडेशन रेंज से बाहर निकलने के बाद, Nifty अब 23,150 के स्तर के पास मौजूद गैप सपोर्ट ज़ोन की ओर बढ़ रहा है।
अगर बाज़ार में कोई उछाल आता है, तो 23,800 का पिछला सपोर्ट स्तर एक मज़बूत रेजिस्टेंस पॉइंट का काम कर सकता है। Pharma, Healthcare, कुछ चुनिंदा FMCG स्टॉक्स और Energy जैसे सेक्टरों में निवेश के चुनिंदा मौके मिल सकते हैं; हालांकि, कमजोर सेक्टरों में शॉर्टिंग के मौके भी नजर आ रहे हैं।
खेमका ने कहा कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने लंबे समय तक चलने वाले जियोपॉलिटिकल संघर्ष के डर को बढ़ा दिया है। इसकी वजह से निवेशक सतर्क और जोखिम से बचने वाला रवैया अपना रहे हैं, जिसके चलते पूरे फाइनेंशियल बाज़ारों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
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