Logo
Breaking News Exclusive
सिद्ध बाबा के पास ट्रक से टकराई कार, सड़क पर बिछी लहूलुहान लाशें, तड़प-तड़पकर गई जान पटवारी से रजिस्ट्री ऑफिस तक कटघरे में, पड़ोसी के आधार से खेल, जानिए कैसे पकड़ाया शातिर ? मॉडल ट्राइबल स्कूल को 12वीं तक बढ़ाने की मांग, 6 दिन से हड़ताल पर अभिभावक कॉलेज रोड पर घेराबंदी, 78 हजार की ब्राउन शुगर जब्त, पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस 13 साल से छिपकर रह रहा था डबल मर्डर का आरोपी गैंगस्टर शब्बीर; 40 एम्बुलेंस और बसों का खड़ा किया साम्राज्य समाज को संगठित कर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लिया संकल्प बगनई नदी की बाढ़ में फंसे 14 मजदूरों ने पेड़ पर काटी पूरी रात; सुबह रेस्क्यू, छुरा में 40 साल पुराना पुल टूटा पद्म विभूषण तीजन बाई का 70 साल की उम्र में निधन; रायपुर AIIMS में ली अंतिम सांस, पीएम मोदी और सीएम साय ने जताया शोक 1.88 करोड़ फॉलोअर्स वाले हेड-कॉन्स्टेबल विवेकानंद ने दिया इस्तीफा; सस्पेंड करने वाले SP को थमाया लेटर,पढ़िए रिपोर्ट सागर-नर्मदापुरम और भोपाल ग्रामीण में नए IG की तैनाती, कई दिग्गजों की जिम्मेदारियां बदलीं सिद्ध बाबा के पास ट्रक से टकराई कार, सड़क पर बिछी लहूलुहान लाशें, तड़प-तड़पकर गई जान पटवारी से रजिस्ट्री ऑफिस तक कटघरे में, पड़ोसी के आधार से खेल, जानिए कैसे पकड़ाया शातिर ? मॉडल ट्राइबल स्कूल को 12वीं तक बढ़ाने की मांग, 6 दिन से हड़ताल पर अभिभावक कॉलेज रोड पर घेराबंदी, 78 हजार की ब्राउन शुगर जब्त, पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस 13 साल से छिपकर रह रहा था डबल मर्डर का आरोपी गैंगस्टर शब्बीर; 40 एम्बुलेंस और बसों का खड़ा किया साम्राज्य समाज को संगठित कर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लिया संकल्प बगनई नदी की बाढ़ में फंसे 14 मजदूरों ने पेड़ पर काटी पूरी रात; सुबह रेस्क्यू, छुरा में 40 साल पुराना पुल टूटा पद्म विभूषण तीजन बाई का 70 साल की उम्र में निधन; रायपुर AIIMS में ली अंतिम सांस, पीएम मोदी और सीएम साय ने जताया शोक 1.88 करोड़ फॉलोअर्स वाले हेड-कॉन्स्टेबल विवेकानंद ने दिया इस्तीफा; सस्पेंड करने वाले SP को थमाया लेटर,पढ़िए रिपोर्ट सागर-नर्मदापुरम और भोपाल ग्रामीण में नए IG की तैनाती, कई दिग्गजों की जिम्मेदारियां बदलीं

: African Swine Fever: दमोह में सूअरों में फैला अफ्रीकन स्वाइन फीवर, बीमार पशुओं को मारकर दफनाने का काम शुरू

News Desk / Tue, Dec 27, 2022


मृत सूअरों को दफनाता कर्मचारी

मृत सूअरों को दफनाता कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

दमोह जिले के हटा और बनवार में सूअरों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत होने के बाद वेटरनरी विभाग ने चार सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिनमें हटा से लिए गए सैंपलों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई है, जिसके बाद हटा के सूअर पालकों में हड़कंप मच गया है। हटा में नवोदय वॉर्ड ककराई के एक किमी के एरिया को संवेदनशील मानते हुए विभाग के निर्देश पर 14 सूअरों को मारकर जमीन में दफनाया गया। पशु चिकित्सा विभाग की टीम हटा में लगातार जांच कर रही है। वहीं, बनवार में मृत सूअरों के सैंपल मंगलवार को लिए गए हैं। विभाग का कहना है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर की कोई वैक्सीन नहीं है, इसलिए हटा में 10 किमी के एरिया में जितने  भी सूअर होंगे उन्हें मारना पड़ेगा नहीं तो जिले में संक्रमण और तेजी से फैलेगा।  विभाग का कहना है कि सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि के बाद दमोह शहरी क्षेत्र को भी सूअर मुक्त करना होगा। 

 

दरअसल कुछ दिन पहले हटा में सूअरों की मौत होने का क्रम शुरू हुआ। नगर के जिन इलाकों में सूअर मृत मिल रहे हैं, वहां आसपास रहने वाले लोग भी चिंतित हैं कि कहीं सूअरों में कोई बीमारी तो नहीं फैल गई, जो इंसानों के लिए खतरा बन जाए। विभाग ने ऐसे ही मृत चार सूअरों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। जिनमें संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि बनवार के सूअरों का पीएम करने के बाद सैंपल लिया है। उसे मंगलवार को जांच के लिए भोपाल भेजा गया। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि सूअरों की मौत आखिर किस वजह से हो रही है।

बनवार गांव में अब तक सैकड़ों सूअरों की मौत हो चुकी है  और मौतों का सिलसिला जारी है। सूअर पालक बालचंद बंसल के तीन सूअरों की मौत हो गई। मामले की जानकारी होने के बावजूद गांव में पशु चिकित्सा विभाग की कोई टीम नहीं पहुंची है। पशु चिकित्सा विभाग उपसंचालक डॉ . नरेंद्र गुप्ता का कहना है हटा में सूअरों की मौत अफ्रीकन स्वाइन फीवर से होने की पुष्टि हुई है, बनवार ग्राम में पशु चिकित्सा विभाग की टीम भेजकर ब्लड सैंपलिंग करवाई है। सूअर पालकों से अपील करते हैं कि जिनके पास जितने भी सुअर हैं उसकी जानकारी पशु चिकित्सा विभाग को दें।

विस्तार

दमोह जिले के हटा और बनवार में सूअरों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत होने के बाद वेटरनरी विभाग ने चार सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिनमें हटा से लिए गए सैंपलों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई है, जिसके बाद हटा के सूअर पालकों में हड़कंप मच गया है। हटा में नवोदय वॉर्ड ककराई के एक किमी के एरिया को संवेदनशील मानते हुए विभाग के निर्देश पर 14 सूअरों को मारकर जमीन में दफनाया गया। पशु चिकित्सा विभाग की टीम हटा में लगातार जांच कर रही है। वहीं, बनवार में मृत सूअरों के सैंपल मंगलवार को लिए गए हैं। विभाग का कहना है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर की कोई वैक्सीन नहीं है, इसलिए हटा में 10 किमी के एरिया में जितने  भी सूअर होंगे उन्हें मारना पड़ेगा नहीं तो जिले में संक्रमण और तेजी से फैलेगा।  विभाग का कहना है कि सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि के बाद दमोह शहरी क्षेत्र को भी सूअर मुक्त करना होगा। 

दरअसल कुछ दिन पहले हटा में सूअरों की मौत होने का क्रम शुरू हुआ। नगर के जिन इलाकों में सूअर मृत मिल रहे हैं, वहां आसपास रहने वाले लोग भी चिंतित हैं कि कहीं सूअरों में कोई बीमारी तो नहीं फैल गई, जो इंसानों के लिए खतरा बन जाए। विभाग ने ऐसे ही मृत चार सूअरों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। जिनमें संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि बनवार के सूअरों का पीएम करने के बाद सैंपल लिया है। उसे मंगलवार को जांच के लिए भोपाल भेजा गया। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि सूअरों की मौत आखिर किस वजह से हो रही है।

बनवार गांव में अब तक सैकड़ों सूअरों की मौत हो चुकी है  और मौतों का सिलसिला जारी है। सूअर पालक बालचंद बंसल के तीन सूअरों की मौत हो गई। मामले की जानकारी होने के बावजूद गांव में पशु चिकित्सा विभाग की कोई टीम नहीं पहुंची है। पशु चिकित्सा विभाग उपसंचालक डॉ . नरेंद्र गुप्ता का कहना है हटा में सूअरों की मौत अफ्रीकन स्वाइन फीवर से होने की पुष्टि हुई है, बनवार ग्राम में पशु चिकित्सा विभाग की टीम भेजकर ब्लड सैंपलिंग करवाई है। सूअर पालकों से अपील करते हैं कि जिनके पास जितने भी सुअर हैं उसकी जानकारी पशु चिकित्सा विभाग को दें।


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन