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: Sehore: 1,435 आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह दिनों तक जड़े रहेंगे ताले, नहीं मिलेगा सैकड़ों बच्चों को पोषण आहार

News Desk / Fri, Jan 20, 2023


सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सीहोर जिले में सैकड़ों बच्चों को आगंनबाड़ी केंदों से पोषण आहार नहीं मिलेगा। जिले के सभी 1 हजार 435 आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह दिनों तक ताले जड़े रहेंगे। केंद्रों में तालाबंदी कर सोमवार से आंगनबाड़ी सहायिका और मिनी कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन शुरू करेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ मांगे पूरी नहीं होने तक अब पीछे नहीं हटेंगी।

बता दें कि छह दिवसीय प्रदर्शन के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग का कोई भी कार्य कार्यकर्ताओं के द्वारा नहीं किया जाएगा। धरना प्रदर्शन कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी कार्यकर्ताओं द्वारा रवीन्द्र सांस्कृतिक भवन टाउन हाल के पास किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ (भारतीय मजदूर संघ) आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की निम्नांकित जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। कई मांगों को पूरा किए जाने को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया है। बावजूद आज तक मांगों को पूरा नहीं किया गया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ जिला अध्यक्ष उषा राठौर ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी कार्यकर्ताओं के द्वारा मांगे पूरी नहीं करने को लेकर सोमवार 23 जनवरी से शनिवार 28 जनवरी तक तालाबंदी कर बंद हड़ताल करने का निर्णय लिया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की ये हैं प्रमुख मांगे... 

  • महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी घोषित कर सभी शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाए।
  • सरकार के द्वारा घोषित 1,500 रुपये एरियर्स के साथ भुगतान किया जाने, राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से समन्वय कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया के नियमों में संशोधन किए जाने, मानदेय या मानसेवा की जगह नियमित और सीधी भर्ती की जाने और नियमानवली बनाई जाए।
  • जब तक नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन नहीं किया जाता है, तब तक अतिरिक्त मानदेय में केन्द्र से निर्धारित महंगाई भत्ते को लागू कर भुगतान किया जाए। कम से कम 18,000/9000 रुपये कार्यकर्ता सहायिका को भुगतान किए जाने, सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभाग की ओर से कम से कम पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराया जाने, आयुष्मान योजना का लाभ दिए जाने, महिला बाल विकास के अतिरिक्त किसी भी अन्य कार्य में डियूटी न लगाई जाने, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रत्येक मद में प्राप्त राशि और पोषण, खेल, स्वास्थ्य सम्बन्धित सभी सामग्री उनके केन्द्रों पर समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाए।
  • विभागीय एप पोषण ट्रैकर और सम्पर्क एप को मजबूत करके एक ही एप से कार्य कराए जाने, आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए ज्यादा से ज्यादा भवन उपलब्ध कराए जाने, भवन किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं, उनका किराया वर्तमान स्थिति के आधार पर बढ़ाकर प्रदान किया जाए।
  • अन्य विभागों की भांति महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी एक-एक करके कम से कम 15 दिवस का ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रदान किया जाए। इसी प्रकार 10 साल के अनुभव, शिक्षा और वरिष्ठता के आधार पर पर्यवेक्षक पद पर बिना किसी परीक्षा के सीधी भर्ती की जाए। मप्र के बाहर के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहने जब तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं किए जाते हैं, तब तक उनका रिटारमेंट नहीं किया जाए। 

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कृष्णा परमार, जिलाध्यक्ष उषा राठौर, जिला उपाध्यक्ष महनाज खान, सचिव मालती यादव, उप सचिव संगीता राठौर, कोषाध्यक्ष गिरिराज मौर्य, उप कोषाध्यक्ष दीपमाला और सदस्य पुष्पा तिवारी, ममता ठाकुर, स्वर्णलता व्यास, अनीता पवार, अनीता ठाकुर, सृष्टि जैन, सुनीता, हेमलता राठौर, राजकुमारी मीणा सीता प्रजापति, सुलेखा चौहान, रजनी शर्मा और अनीता परमार आदि ने समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से धरना प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।


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