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: Betul Borewell Update: तन्मय को बचाने राहत और बचाव कार्य जारी, 45 फीट खुदाई पूरी, अब हाथ से खोदी जा रही सुरंग

News Desk / Thu, Dec 8, 2022


रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी - फोटो : सोशल मीडिया

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बैतूल जिले में खुले बोरवेल में गिरे तन्मय को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। बीते 56 घंटों में करीब 45 फीट कर की खुदाई की जा चुकी है। अब तन्मय महज सात फीट दूर है। लेकिन पोकलेन मशीनों के कंपन के चलते वह बोरवेल में नीचे की ओर सरक जा रहा है, इसे देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से अब हाथ से टनल खोदी जा रही है। 

जानकारी के अनुसार गुरुवार तक काम पूरा नहीं हो सका। 56 घंटे में 45 फीट खुदाई का काम पूरा होने के बाद हॉरिजोंटल सुरंग बनाने के लिए हैंड ड्रिलर से तीन फीट तक सुरंग की खुदाई कर ली गई है। 8 साल का तन्मय अभी भी टीम से सात फीट दूर है। अब बच्चे को निकालने के लिए सात फीट की ड्रिलिंग शुरू की जाएगी। पहले शुक्रवार तड़के चार बजे तक उसे निकालने की संभावना जताई गई थी। 

सलामती के लिए गायत्री मंत्र का जप कर रहे दोस्त
तन्मय के इंतजार में लोग बाहर ठंड में ठिठुरते हुए उसके निकलने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें, मांडवी गांव में मंगलवार 6 दिसंबर की शाम 4.30 बजे खेलते हुए तन्मय चाचा के बनवाए गए खुले बोर में गिर गया था। बच्चे की गिरने की खबर मिलने के बाद अगले एक घंटे में ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। बच्चे को बोर से निकालने के लिए जिला प्रशासन, एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ की टीम लगातार खुदाई कर रही है। तन्मय के पिता सुनील यही कह रहा कि मेरा बेटा सकुशल निकल जाए। स्कूल के बच्चे और ग्रामीण भी लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। तन्मय के दोस्त उसकी सलामती के लिए गायत्री मंत्र का जप कर रहे हैं।

हाथ से की जा रही खुदाई
बैतूल के अतिरिक्त जिलाधिकारी श्यामेंद्र जायसवाल ने कहा कि "हमने 45 फीट तक खुदाई पूरी कर ली है और अब एक हॉरिजोंटल सुरंग खोदेंगे, जिसे शुरू किया गया है। रास्ते में कठोर चट्टानें थीं, जिन्हें मशीन की मदद से तोड़ा गया है। लेकिन अब हम बच्चे के पास पहुंच गए हैं और यह एक बहुत ही संवेदनशील स्थिति है इसलिए अब इसे हाथ से खोदा जाएगा और बच्चे के पास पहुंचने की कोशिश की जाएगी।"

तन्मय के पिता सुनील साहू ने कहा है, "मेरी 12 साल की बेटी ने बेटे को बोरवेल में गिरते हुए देखा और घटना की जानकारी दी। हम तुरंत मौके पर पहुंचे, उसकी सांस चल रही थी और हमने पूछताछ करते हुए उसकी आवाज सुनी। बचाव अभियान 6 दिसंबर को शाम 6 बजे से शुरू किया गया था।" राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), होमगार्ड और स्थानीय पुलिस कर्मी पिछले तीन दिनों से काम पर हैं। तन्मय की शिक्षिका गीता मानकर ने कहा, 'तन्मय तीसरी कक्षा का छात्र है। उसके स्कूल के शिक्षकों सहित उसके स्कूल के बच्चों ने उसकी सुरक्षा के लिए गायत्री मंत्र का जाप किया। शिक्षकों और छात्रों ने भगवान से प्रार्थना की है कि तन्मय बोरवेल से सुरक्षित बाहर आ जाए।' तन्मय एक बुद्धिमान छात्र है। उसकी सुरक्षा हम सभी की जीत होगी।" 

विस्तार

बैतूल जिले में खुले बोरवेल में गिरे तन्मय को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। बीते 56 घंटों में करीब 45 फीट कर की खुदाई की जा चुकी है। अब तन्मय महज सात फीट दूर है। लेकिन पोकलेन मशीनों के कंपन के चलते वह बोरवेल में नीचे की ओर सरक जा रहा है, इसे देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से अब हाथ से टनल खोदी जा रही है। 

जानकारी के अनुसार गुरुवार तक काम पूरा नहीं हो सका। 56 घंटे में 45 फीट खुदाई का काम पूरा होने के बाद हॉरिजोंटल सुरंग बनाने के लिए हैंड ड्रिलर से तीन फीट तक सुरंग की खुदाई कर ली गई है। 8 साल का तन्मय अभी भी टीम से सात फीट दूर है। अब बच्चे को निकालने के लिए सात फीट की ड्रिलिंग शुरू की जाएगी। पहले शुक्रवार तड़के चार बजे तक उसे निकालने की संभावना जताई गई थी। 

सलामती के लिए गायत्री मंत्र का जप कर रहे दोस्त
तन्मय के इंतजार में लोग बाहर ठंड में ठिठुरते हुए उसके निकलने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें, मांडवी गांव में मंगलवार 6 दिसंबर की शाम 4.30 बजे खेलते हुए तन्मय चाचा के बनवाए गए खुले बोर में गिर गया था। बच्चे की गिरने की खबर मिलने के बाद अगले एक घंटे में ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। बच्चे को बोर से निकालने के लिए जिला प्रशासन, एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ की टीम लगातार खुदाई कर रही है। तन्मय के पिता सुनील यही कह रहा कि मेरा बेटा सकुशल निकल जाए। स्कूल के बच्चे और ग्रामीण भी लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। तन्मय के दोस्त उसकी सलामती के लिए गायत्री मंत्र का जप कर रहे हैं।

हाथ से की जा रही खुदाई
बैतूल के अतिरिक्त जिलाधिकारी श्यामेंद्र जायसवाल ने कहा कि "हमने 45 फीट तक खुदाई पूरी कर ली है और अब एक हॉरिजोंटल सुरंग खोदेंगे, जिसे शुरू किया गया है। रास्ते में कठोर चट्टानें थीं, जिन्हें मशीन की मदद से तोड़ा गया है। लेकिन अब हम बच्चे के पास पहुंच गए हैं और यह एक बहुत ही संवेदनशील स्थिति है इसलिए अब इसे हाथ से खोदा जाएगा और बच्चे के पास पहुंचने की कोशिश की जाएगी।"


तन्मय के पिता सुनील साहू ने कहा है, "मेरी 12 साल की बेटी ने बेटे को बोरवेल में गिरते हुए देखा और घटना की जानकारी दी। हम तुरंत मौके पर पहुंचे, उसकी सांस चल रही थी और हमने पूछताछ करते हुए उसकी आवाज सुनी। बचाव अभियान 6 दिसंबर को शाम 6 बजे से शुरू किया गया था।" राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), होमगार्ड और स्थानीय पुलिस कर्मी पिछले तीन दिनों से काम पर हैं। तन्मय की शिक्षिका गीता मानकर ने कहा, 'तन्मय तीसरी कक्षा का छात्र है। उसके स्कूल के शिक्षकों सहित उसके स्कूल के बच्चों ने उसकी सुरक्षा के लिए गायत्री मंत्र का जाप किया। शिक्षकों और छात्रों ने भगवान से प्रार्थना की है कि तन्मय बोरवेल से सुरक्षित बाहर आ जाए।' तन्मय एक बुद्धिमान छात्र है। उसकी सुरक्षा हम सभी की जीत होगी।" 

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