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: MP News: विधानसभा में विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव गिरा, शिवराज बोले - कांग्रेस की सरकार अहंकार ने गिराई

News Desk / Wed, Dec 21, 2022


मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

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मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र के चौथे दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का जवाब दिया। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई और कांग्रेस का प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गया।

कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस पर बुधवार देर रात तक चर्चा हुई। जवाब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे। सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बुधवार और गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अनुपस्थिति को सरकार ने निशाने पर लिया। कांग्रेस ने 51 मुद्दों के अविश्वास प्रस्ताव आरोप-पत्र में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बढ़ती समस्या, विपक्षी विधायकों के साथ भेदभाव, कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दे उठाए। वहीं, सरकार ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को तथ्यहीन बताते हुए इसे खारिज किया। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चर्चा के दौरान कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार हमने नहीं, बल्कि उनके अहंकार ने गिराई है। हमें जनता ने जनादेश दिया। मैंने इतना लचर अविश्वास प्रस्ताव कभी नहीं देखा। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ बुधवार को सदन में नहीं थे और गुरुवार को जवाब सुनने भी नहीं आए। मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सदन में वोटिंग कराई गई। सत्ता पक्ष प्रस्ताव पर ध्वनिमत से जीत गया। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने इसके बाद सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।

रेस्ट हाउस में भेदभाव के आरोप पर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं भी पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर जब मंदसौर गया था, तब मुझे भी दूसरा कमरा दिया गया था। तब तो मैंने कुछ नहीं कहा। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि रेस्ट हाउस में रुकने के लिए कमरा देने में सही नियमों का पालन नहीं किया गया।

कांग्रेस की सरकार गिरने के मुद्दे पर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि कांग्रेस अपना वचन निभाएंगी। सत्ता में आने पर कांग्रेस ने अपना वचन नहीं निभाया। वल्लभ भवन को दलाली का अड्डा बना दिया गया। ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों को बदला गया। एक साल में यानी 365 दिन में 400 आईएएस ट्रांसफर किए गए। मेधावी बच्चों को लैपटॉप देने की योजना, संबल योजना बंद कर दी। पीएम आवास योजना में कटौती कर दी। दो लाख आवास कम कर दिए। कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पूरी सूची तक नहीं दी। कांग्रेस ने अपनी सरकार में जनता से जुड़ी योजनाओं को बंद करने का ही काम किया है।  

शिक्षा व्यवस्था पर
शिवराज ने कहा- पूरी शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने का अपराध हुआ था तो कांग्रेस की सरकार में हुआ था। 500 रुपये में गुरुजी आपने रखे, शिक्षाकर्मी आपने रखे, अपने बच्चों के भविष्य को चौपट और बर्बाद करने का पाप किया है। शिक्षकों की भर्ती का काम लगातार जारी है। एक लाख भर्तियां मैंने कही है। अब तक एक लाख 13 हजार की योजना बन चुकी है। 15 अगस्त तक शिक्षकों की भर्तियां भी होंगी। पुलिस में भी भर्ती होगी कोई भी विभाग नहीं छूटेगा। भर्तियों का काम जारी है।

गुंडे-बदमाश और माफिया सुन लें  
शिवराज ने कहा- हमने गुंडों पर कार्रवाई की। दबंगों पर कार्रवाई की। माफिया पर कार्रवाई की और मैं आज भी कह रहा हूं। कोई इसको अहंकार न कहे ये मन की तड़प है। जो गुंडे-बदमाश हैं, माफिया हैं, अवैध कब्जा करने वाले, गरीबों की जमीन से खेलने वाले हैं। क्या उन्हें छोड़ा जा सकता है? आज मैं कहना चाहता हूं- "सभी कान खोलकर सुन लें। गुंडे, माफिया, जनता की जिंदगी से खेलने वाले कोई भी हो नहीं बचेंगे लेकिन हम निर्दोषों पर कार्रवाई नहीं करेंगे।" जो गुंडे- बदमाश हैं, माफिया हैं, अवैध कब्जा करने वाले, गरीबों की जमीन से खेलने वाले हैं।  

सीएम के जवाब के दौरान हुआ हंगामा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब सदन में जवाब दे रहे थे, तब हंगामा भी हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से तीखी बहस हुई। सीएम के केंद्र के जल जीवन मिशन योजना को बंद करने के बयान पर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आपत्ति ली। वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार में जल जीवन मिशन के काम का शिलान्यास कमलनाथ ने किया।

विस्तार

मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र के चौथे दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का जवाब दिया। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई और कांग्रेस का प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गया।

कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस पर बुधवार देर रात तक चर्चा हुई। जवाब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे। सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बुधवार और गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अनुपस्थिति को सरकार ने निशाने पर लिया। कांग्रेस ने 51 मुद्दों के अविश्वास प्रस्ताव आरोप-पत्र में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बढ़ती समस्या, विपक्षी विधायकों के साथ भेदभाव, कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दे उठाए। वहीं, सरकार ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को तथ्यहीन बताते हुए इसे खारिज किया। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चर्चा के दौरान कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार हमने नहीं, बल्कि उनके अहंकार ने गिराई है। हमें जनता ने जनादेश दिया। मैंने इतना लचर अविश्वास प्रस्ताव कभी नहीं देखा। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ बुधवार को सदन में नहीं थे और गुरुवार को जवाब सुनने भी नहीं आए। मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सदन में वोटिंग कराई गई। सत्ता पक्ष प्रस्ताव पर ध्वनिमत से जीत गया। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने इसके बाद सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।

रेस्ट हाउस में भेदभाव के आरोप पर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं भी पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर जब मंदसौर गया था, तब मुझे भी दूसरा कमरा दिया गया था। तब तो मैंने कुछ नहीं कहा। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि रेस्ट हाउस में रुकने के लिए कमरा देने में सही नियमों का पालन नहीं किया गया।


कांग्रेस की सरकार गिरने के मुद्दे पर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि कांग्रेस अपना वचन निभाएंगी। सत्ता में आने पर कांग्रेस ने अपना वचन नहीं निभाया। वल्लभ भवन को दलाली का अड्डा बना दिया गया। ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों को बदला गया। एक साल में यानी 365 दिन में 400 आईएएस ट्रांसफर किए गए। मेधावी बच्चों को लैपटॉप देने की योजना, संबल योजना बंद कर दी। पीएम आवास योजना में कटौती कर दी। दो लाख आवास कम कर दिए। कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पूरी सूची तक नहीं दी। कांग्रेस ने अपनी सरकार में जनता से जुड़ी योजनाओं को बंद करने का ही काम किया है।  

शिक्षा व्यवस्था पर
शिवराज ने कहा- पूरी शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने का अपराध हुआ था तो कांग्रेस की सरकार में हुआ था। 500 रुपये में गुरुजी आपने रखे, शिक्षाकर्मी आपने रखे, अपने बच्चों के भविष्य को चौपट और बर्बाद करने का पाप किया है। शिक्षकों की भर्ती का काम लगातार जारी है। एक लाख भर्तियां मैंने कही है। अब तक एक लाख 13 हजार की योजना बन चुकी है। 15 अगस्त तक शिक्षकों की भर्तियां भी होंगी। पुलिस में भी भर्ती होगी कोई भी विभाग नहीं छूटेगा। भर्तियों का काम जारी है।


गुंडे-बदमाश और माफिया सुन लें  
शिवराज ने कहा- हमने गुंडों पर कार्रवाई की। दबंगों पर कार्रवाई की। माफिया पर कार्रवाई की और मैं आज भी कह रहा हूं। कोई इसको अहंकार न कहे ये मन की तड़प है। जो गुंडे-बदमाश हैं, माफिया हैं, अवैध कब्जा करने वाले, गरीबों की जमीन से खेलने वाले हैं। क्या उन्हें छोड़ा जा सकता है? आज मैं कहना चाहता हूं- "सभी कान खोलकर सुन लें। गुंडे, माफिया, जनता की जिंदगी से खेलने वाले कोई भी हो नहीं बचेंगे लेकिन हम निर्दोषों पर कार्रवाई नहीं करेंगे।" जो गुंडे- बदमाश हैं, माफिया हैं, अवैध कब्जा करने वाले, गरीबों की जमीन से खेलने वाले हैं।  

सीएम के जवाब के दौरान हुआ हंगामा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब सदन में जवाब दे रहे थे, तब हंगामा भी हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से तीखी बहस हुई। सीएम के केंद्र के जल जीवन मिशन योजना को बंद करने के बयान पर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आपत्ति ली। वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार में जल जीवन मिशन के काम का शिलान्यास कमलनाथ ने किया।


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