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: indore crime: इंदौर में ठगी करने वाली फर्जी एसडीएम का पति और जेठ भी देते थे साथ, पुलिस ने किया चालान पेश

News Desk / Wed, Dec 7, 2022


फर्जी एसडीएम नीलम पाराशर

फर्जी एसडीएम नीलम पाराशर - फोटो : SOCIAL MEDIA

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इंदौर में कई लोगों को नौकरी के नाम पर ठगने वाली फर्जी एसडीएम के खिलाफ पुलिस ने 1100 पन्नों का चालान पेश किया हैै। इसमें ठगी का शिकार हुए लोगों के बयान, जब्त फर्जी नियुकि्त पत्र, पंचनामा शामिल है। फर्जी एसडीएम नीलम पाराशर का साथ उसका पति और जेठ भी देते थे। तीनों को पुुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन ठगी में साथ देने वाला एक सेंटर संचालक अभी फरार है।

फर्जी एसडीएम नीलम अपने साथ फर्जी स्टाॅफ भी रखती है। एक शादी में वह खुद को एसडीएम बताकर पहुंची थी। उसके साथ फर्जी पुलिस जवान बनकर एक युवक आया था। शादी में एक शासकीय अधिकारी को उसकी पुलिस वर्दी पर शक हुआ तो नीलम के फर्जीवाड़े के बारे में जानकारी मिली।

तब पुलिस ने नीलम को तो छोड़ दिया था, लेकिन उसके ड्रायवर और पुलिस वर्दी पहने युवक को थाने पर बैठा लिया था। बाद में नीलम के खिलाफ सराफा, हीरानगर, तेजाजी नगर में केस दर्ज हुए। इंदौर क्राइम ब्रांच ने उसे साढ़े तीन माह पहले गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके पति अनिरुद्ध पाराशर और जेठ अमित पाराशर को भी पुलिस ने आरोपी बनाया। अब कोर्ट में चालान पेश किया गया।

खुद ही कर लेती थी कलेक्टर के हस्ताक्षर

पेश किए गए चालान में बताया गया कि नीलम एक साल से एसडीएम बनकर लोगों को ठग रही थी। उसने महिला बाल विकास विभाग, आंगनवाड़ी, कलेक्टोरेट, नगर निगम व अन्य विभागों में नौकरी का झांसा देकर लोगों को नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए थे। सैनिक की वर्दी पहनकर साथ रहने वाले एक युवक को नीलम ने तत्कालीन कलेक्टर के हस्ताक्षर का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया था। कलेक्टर के हस्ताक्षर भी उसने खुद कर लिए थे। नीलम पहले सागर में फर्जीवाड़ा करती थी। सालभर पहले देपालपुर, राऊ और इंदौर में एसडीएम बनकर घूमने लगी। राज्यपाल के नाम से उसने खुद का नियुक्ति पत्र तक बना लिया।जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसकी ठगी का शिकार कई लोग शिकायत करने थानों मेें पहुंचे थे।

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इंदौर में कई लोगों को नौकरी के नाम पर ठगने वाली फर्जी एसडीएम के खिलाफ पुलिस ने 1100 पन्नों का चालान पेश किया हैै। इसमें ठगी का शिकार हुए लोगों के बयान, जब्त फर्जी नियुकि्त पत्र, पंचनामा शामिल है। फर्जी एसडीएम नीलम पाराशर का साथ उसका पति और जेठ भी देते थे। तीनों को पुुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन ठगी में साथ देने वाला एक सेंटर संचालक अभी फरार है।

फर्जी एसडीएम नीलम अपने साथ फर्जी स्टाॅफ भी रखती है। एक शादी में वह खुद को एसडीएम बताकर पहुंची थी। उसके साथ फर्जी पुलिस जवान बनकर एक युवक आया था। शादी में एक शासकीय अधिकारी को उसकी पुलिस वर्दी पर शक हुआ तो नीलम के फर्जीवाड़े के बारे में जानकारी मिली।

तब पुलिस ने नीलम को तो छोड़ दिया था, लेकिन उसके ड्रायवर और पुलिस वर्दी पहने युवक को थाने पर बैठा लिया था। बाद में नीलम के खिलाफ सराफा, हीरानगर, तेजाजी नगर में केस दर्ज हुए। इंदौर क्राइम ब्रांच ने उसे साढ़े तीन माह पहले गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके पति अनिरुद्ध पाराशर और जेठ अमित पाराशर को भी पुलिस ने आरोपी बनाया। अब कोर्ट में चालान पेश किया गया।

खुद ही कर लेती थी कलेक्टर के हस्ताक्षर

पेश किए गए चालान में बताया गया कि नीलम एक साल से एसडीएम बनकर लोगों को ठग रही थी। उसने महिला बाल विकास विभाग, आंगनवाड़ी, कलेक्टोरेट, नगर निगम व अन्य विभागों में नौकरी का झांसा देकर लोगों को नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए थे। सैनिक की वर्दी पहनकर साथ रहने वाले एक युवक को नीलम ने तत्कालीन कलेक्टर के हस्ताक्षर का फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया था। कलेक्टर के हस्ताक्षर भी उसने खुद कर लिए थे। नीलम पहले सागर में फर्जीवाड़ा करती थी। सालभर पहले देपालपुर, राऊ और इंदौर में एसडीएम बनकर घूमने लगी। राज्यपाल के नाम से उसने खुद का नियुक्ति पत्र तक बना लिया।जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसकी ठगी का शिकार कई लोग शिकायत करने थानों मेें पहुंचे थे।


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