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: Mp News: नर्मदा नदी में डूबा राष्ट्रीय कैनो सलालम स्पर्धा में भाग लेने आया दिल्ली का खिलाड़ी

News Desk / Tue, Dec 13, 2022


नदी में खोजते बचाव दल

नदी में खोजते बचाव दल - फोटो : amar ujala digital

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खेलो इंडिया एवं एशियन चैंपियनशिप प्रतियोगिता के अंतर्गत दसवीं राष्ट्रीय केनो सलालम चैंपियनशिप का आयोजन 17 दिसंबर से महेश्वर में होने जा रहा है। इसमें भाग लेने देशभर से खिलाड़ी आए है। दिल्ली का 17 साल का खिलाड़ी कनिष्क भी इसमें भाग ले रहा था। वह दोपहर में नर्मदा नदी की सहस्त्रधारा की तरफ गया था।

नदी में गिरने के कारण उसे संभवत: चोट लगी और वह पानी में बह गया।देर रात तक उसका पता नहीं चला। शाम को कोच कुलदीप कीर ने प्रशासन को खिलाड़ी के लापता होने की सूचना दी। गोताखोर रात तक उसे तलाशते रहे। तनिष्क तैराना जानता था, लेकिन चोट की वजह से वह पानी से उपर नहीं आ सका।

तेज बहाव में होती है स्पर्धा

केनोसलालम के अंतर्गत होने वाली स्पर्धा सहस्त्रधारा के तेज बहाव में होती है। चट्टानों से टकराकर पानी में सफेद लहरें उठती है। उसी में अपने नाव का संतुलन बनाकर प्रतिभागी खिलाडी निर्धारित गेट (दरवाजों) से बिना टकराए निकलता है। इस दौरान पानी में उसके संतुलन का निर्णायक बडी बारीकी से उसका अवलोकन करते है। फिनीश लाईन तक खिलाड़ी के प्रदर्शन से उसे नम्बर दिए जाते है। इस स्पर्धा को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते है। महेश्वर में यह स्पर्धा 17 से 19 दिसंबर तक होगी। इसमें देशभर के खिलाड़ी भाग लेने आए है।

विस्तार

खेलो इंडिया एवं एशियन चैंपियनशिप प्रतियोगिता के अंतर्गत दसवीं राष्ट्रीय केनो सलालम चैंपियनशिप का आयोजन 17 दिसंबर से महेश्वर में होने जा रहा है। इसमें भाग लेने देशभर से खिलाड़ी आए है। दिल्ली का 17 साल का खिलाड़ी कनिष्क भी इसमें भाग ले रहा था। वह दोपहर में नर्मदा नदी की सहस्त्रधारा की तरफ गया था।

नदी में गिरने के कारण उसे संभवत: चोट लगी और वह पानी में बह गया।देर रात तक उसका पता नहीं चला। शाम को कोच कुलदीप कीर ने प्रशासन को खिलाड़ी के लापता होने की सूचना दी। गोताखोर रात तक उसे तलाशते रहे। तनिष्क तैराना जानता था, लेकिन चोट की वजह से वह पानी से उपर नहीं आ सका।

तेज बहाव में होती है स्पर्धा

केनोसलालम के अंतर्गत होने वाली स्पर्धा सहस्त्रधारा के तेज बहाव में होती है। चट्टानों से टकराकर पानी में सफेद लहरें उठती है। उसी में अपने नाव का संतुलन बनाकर प्रतिभागी खिलाडी निर्धारित गेट (दरवाजों) से बिना टकराए निकलता है। इस दौरान पानी में उसके संतुलन का निर्णायक बडी बारीकी से उसका अवलोकन करते है। फिनीश लाईन तक खिलाड़ी के प्रदर्शन से उसे नम्बर दिए जाते है। इस स्पर्धा को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते है। महेश्वर में यह स्पर्धा 17 से 19 दिसंबर तक होगी। इसमें देशभर के खिलाड़ी भाग लेने आए है।


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