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: Bhopal News: सीएम शिवराज बोले- स्वर्गीय पीपी सिंह की स्मृति में दिये जाएंगे पत्रकारिता पुरस्कार

News Desk / Mon, Mar 13, 2023


सीएम ने स्वर्गीय पुष्पेंद्र पाल सिंह को श्रद्धांजलि दी

सीएम ने स्वर्गीय पुष्पेंद्र पाल सिंह को श्रद्धांजलि दी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश माध्यम एवं रोज़गार निर्माण के प्रधान संपादक और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पत्रकारिता के विभागाध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल सिंह की स्मृति में मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएम ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वाले स्वर्गीय पुष्पेंद्र पाल सिंह (पीपी सर) की स्मृति में पत्रकारिता के पुरस्कार दिए जाएंगे। खोजी पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि पुष्पेंद्र पाल सिंह को बिसनखेड़ी में बने माखन लाल विश्वविद्यालय के नवीन भवन में जाना था और पत्रकारिता की पढाई कर रहे युवाओं को बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना था हालांकि असमय निधन के कारण ऐसा नहीं हो सका। अब जल्द ही नए विश्वविद्यालय परिसर में एक कक्ष का नामकरण स्वर्गीय पुष्पेंद्र पाल सिंह की स्मृति में किया जाएगा। यहां उनके लेख और व्याख्यान के संग्रह को प्रकाशित करने के साथ ही व्याख्यान माला आयोजित की जाएगी। वहीं पत्रकारिता के क्षेत्र में नवाचार करने वालों को पुष्पेंद्र पाल सिंह की स्मृति में प्रति वर्ष सम्मानित किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि पुष्पेंद्र निष्काम, निष्कपट, निश्छल और निरअहंकार व्यक्ति थे, हमने वर्षों साथ काम किया। मुख्यमंत्री ने गीता को उद्धृत कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि वह भगवान कृष्ण द्वारा वर्णित सात्विक सदपुरूष की साकार मूर्ति थे। सीएम ने कुछ दिन पहले ही हुई मुलाकात के पलों को याद करते हुए कहा, “यह कटु सत्य है कि एक दिन जाना तो सबको है, लेकिन यह नहीं पता था कि पुष्पेंद्र पाल इस तरह से इस दुनिया से चले जाएंगे।“ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुष्पेंद्र एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने कभी किसी भी काम के लिए मना नहीं किया।

शायद वो उस रात भी ईश्वर को मना नहीं कर पाए और एक बुलावे पर ही इस लोक को छोड़ कर चले गए। वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो असफलता मिलने पर कभी विचलित नहीं हुए और सफलता मिलने पर अहंकार में आकर आसमान नहीं छूने लगे। वह एक ऐसे शिक्षक थे जो अपने छात्रों की पढाई से लेकर रोजगार और उसके जीवन यापन तक की सदैव चिंता करते रहते थे। माखनलाल विश्वविद्यालय में अध्यापन और मध्यप्रदेश माध्यम में सेवारत रहते हुए चौबीसों घंटो काम के लिए तत्पर रहते थे। कार्यक्रम में पुष्पेंद्र पाल सिंह के माता—पिता, भाई केपी सिंह, बहन योगिता, बेटा शिवपाल  और बेटी शानू समेत माखनलाल विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक और स्टॉफ मौजूद रहा।

 

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