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: MP News: शहडोल में 35 वर्षों से पड़ोसी के नाम से नौकरी कर रहा था शख्स, जानिए बीमा पॉलिसी ने कैसे खोली पोल

News Desk / Sun, Jan 8, 2023


पड़ोसी के नाम से नौकरी कर रहा था शख्स

पड़ोसी के नाम से नौकरी कर रहा था शख्स - फोटो : अमर उजाला

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शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है। एक व्यक्ति अपने पड़ोसी के नाम पर कई वर्षों से एसईसीएल में नौकरी कर रहा था। फर्जीवाड़े की पोल एक बीमा पॉलिसी ने खोल दी, जो उसने अपनी पत्नी के नाम करा रखा था। बीमा के कागजात उस असली व्यक्ति के हाथ लग गए, जिसके नाम पर वह फर्जी तरीके से नौकरी कर रहा था। बुढार थाना क्षेत्र अंतर्गत अहिरान टोला निवासी सीताराम चौधरी के नाम पर फर्जी तरीके से उसका पड़ोसी सुरेश साकेत निवासी वॉर्ड नंबर 4 बुढार सीताराम चौधरी बनकर एसईसीएल कोल माइंस में 1985 से नौकरी कर रहा था, जिसका भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने फर्जी नौकरी करने वाले के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। 1984-85 में सीताराम चौधरी पिता गुलजारी लाल ने रोजगार कार्यालय शहडोल में आवेदन दिया था। एसईसीएल में जॉइनिंग लेटर पड़ोसी सुरेश साकेत के हाथ लग गया है और  उसकी नियत डोल गई । 

फर्जी दस्तावेज तैयार कर बना सीताराम 
वह खुद सीताराम चौधरी बनकर धनपुरी में नौकरी करने लगा। इस दौरान सुरेश ने कई फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए उधर नौकरी नहीं लगने पर सीताराम सब्जी का व्यवसाय कर अपना जीवन यापन करने लगा। अचानक 2019 में उनकी पत्नी के नाम एक बीमा पॉलिसी उनके हाथ लग गई। वह हैरान हुआ क्योंकि उसकी पत्नी के नाम कोई पॉलिसी नहीं थी। इस बात की जानकारी फर्जी नौकरी कर रहे पड़ोसी सुरेश साकेत को लगी उसने सीताराम से यह कहते हुए पॉलिसी ले ली कि गलती से उसके घर आ गई। जब पता करने पर सच्चाई सामने आई तो सीताराम के होश उड़ गए। उसका पड़ोसी सुरेश साकेत के नाम से वर्षों से नौकरी करता रहा। उसकी शिकायत सीताराम ने बुढार थाने में की दस्तावेज प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर पुलिस ने सुरेश साकेत के खिलाफ विभिन्न धाराओं पर मामला दर्ज किया और पड़ताल में जुट गई है। बुढार टीआई राजेश चंद्र मिश्रा का कहना है शिकायत मिली है जांच की गई और मामला कायम किया गया है आगे की कार्रवाई की जा रही है।

विस्तार

शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है। एक व्यक्ति अपने पड़ोसी के नाम पर कई वर्षों से एसईसीएल में नौकरी कर रहा था। फर्जीवाड़े की पोल एक बीमा पॉलिसी ने खोल दी, जो उसने अपनी पत्नी के नाम करा रखा था। बीमा के कागजात उस असली व्यक्ति के हाथ लग गए, जिसके नाम पर वह फर्जी तरीके से नौकरी कर रहा था। बुढार थाना क्षेत्र अंतर्गत अहिरान टोला निवासी सीताराम चौधरी के नाम पर फर्जी तरीके से उसका पड़ोसी सुरेश साकेत निवासी वॉर्ड नंबर 4 बुढार सीताराम चौधरी बनकर एसईसीएल कोल माइंस में 1985 से नौकरी कर रहा था, जिसका भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने फर्जी नौकरी करने वाले के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। 1984-85 में सीताराम चौधरी पिता गुलजारी लाल ने रोजगार कार्यालय शहडोल में आवेदन दिया था। एसईसीएल में जॉइनिंग लेटर पड़ोसी सुरेश साकेत के हाथ लग गया है और  उसकी नियत डोल गई । 

फर्जी दस्तावेज तैयार कर बना सीताराम 
वह खुद सीताराम चौधरी बनकर धनपुरी में नौकरी करने लगा। इस दौरान सुरेश ने कई फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए उधर नौकरी नहीं लगने पर सीताराम सब्जी का व्यवसाय कर अपना जीवन यापन करने लगा। अचानक 2019 में उनकी पत्नी के नाम एक बीमा पॉलिसी उनके हाथ लग गई। वह हैरान हुआ क्योंकि उसकी पत्नी के नाम कोई पॉलिसी नहीं थी। इस बात की जानकारी फर्जी नौकरी कर रहे पड़ोसी सुरेश साकेत को लगी उसने सीताराम से यह कहते हुए पॉलिसी ले ली कि गलती से उसके घर आ गई। जब पता करने पर सच्चाई सामने आई तो सीताराम के होश उड़ गए। उसका पड़ोसी सुरेश साकेत के नाम से वर्षों से नौकरी करता रहा। उसकी शिकायत सीताराम ने बुढार थाने में की दस्तावेज प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर पुलिस ने सुरेश साकेत के खिलाफ विभिन्न धाराओं पर मामला दर्ज किया और पड़ताल में जुट गई है। बुढार टीआई राजेश चंद्र मिश्रा का कहना है शिकायत मिली है जांच की गई और मामला कायम किया गया है आगे की कार्रवाई की जा रही है।


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