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: जर्जर सड़क को बनवा रहा ओडिशा का ठेकेदार: गरियाबंद में हाइवा से रोड की हुई थी दुर्गति, ग्रामीणों के विरोध के बाद मरम्मत ने पकड़ी रफ्तार

MP CG Times / Tue, Oct 15, 2024

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के उसरीपानी में जर्जर सड़क की मरम्मत की जा रही है। यह मरम्मत किए गए वायदे के मुताबिक ओडिशा क्रेशर संचालक करवा रहे हैं। ग्रामीणों ने हाईवा रोककर प्रदर्शन किया था। हाईवा को छुड़ाने ओडिशा के ठेकेदार ने काम शुरू करवाया है।
साल 2015 मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत पीएमजीएसवाय विभाग ने उसरीपानी से कालाहांडी पाइकपड़ा तक 2 किमी लंबी सड़क बनाई गई थी। भारी वाहन गुजरने के कारण सड़क पर गढ्ढे हो गए थे। जिसे ओडिशा के क्रेशर संचालकों द्वारा रिपेयर कराया जा रहा है। मिक्स डस्ट और गिट्टी डालकर पहले फोकलेन से गढ्ढे भरे जा रहे हैं फिर उसे बराबर कर आवाजाही लायक बनाया जा रहा है। पूरी सड़क के गढ्ढे भरने में 2 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च का अनुमान है।
ग्रामीण करा रहे जर्जर सड़क की मरम्मत।
  न वाहन रोके गए न ही मरम्मत कराई जा रही थी उसरीपानी के उपसरपंच नारायण मांझी, 5 ललित नागेश ने बताया कि उक्त सड़क पर पहले तो भारी वाहन की आवाजाही रोकने प्रशासन से गुहार लगाते रहे। एसडीएम से लेकर अफसरों से बार-बार निवेदन करते रहे। अधिकारी वाहन रोकने के बजाए फंड का रोना रोते रहे, इसलिए सभी ग्रामीणों को एकजुट होकर इसके समाधान के लिए सड़क पर उतरना पड़ा था। ग्रामिणों ने कहा कि 3 अक्टूबर को 6 हाईवा को रोक दिए थे, तब भी कार्रवाई के लिए कोई जिम्मेदार अफसर नहीं आए।
जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया था प्रदर्शन।
  3 घंटे जाम के बाद लोगों ने वाहन मालिक और क्रेशर संचालक से सीधी बात कर सड़क मरम्मत की शर्त पर वाहन छोड़ने का शर्त रखा था। क्रेशर संचालक अपने वायदे के मुताबिक अब सड़क मरम्मत करा रहे। दोनों राज्य के लिए अहम है सड़क पाइक पड़ा कालाहांडी में है। यहां से नवरंगपुर जिले के बड़े व्यापारिक सेंटर जाने के लिए उसरीपानी के इसी रास्ते से प्रवेश करना पड़ता है। ओडिशा के दो जिलों के जोड़ने का ये शॉट कर्ट मार्ग है। कमर्शियल वाहन के अलावा बड़ी शहरों को जाने वाली 5 से ज्यादा यात्री बस इसी रास्ते से गुजरती है। उसरीपानी के ग्रामीणों को उपचार के लिए नवरंगपुर हो या धर्मगढ़ जाने के लिए आसानी होती है। जर्जर होने के कारण यात्री बसें बंद हो गई थी।
जर्जर होने के कारण यात्री बसें बंद हो गई थी।
नवीनीकरण का भेजा है प्रस्ताव मामले में पीएमजीएसवाय के एसडीओ कमलेश चंद्राकर ने कहा कि कार्य में 2018 तक संधारण अवधि खत्म हो गया था। सड़क के नवीनीकरण कार्य के लिए अप्रैल 2024 में सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही नवीनीकरण किया जाएगा। आपसी सहमति और सुविधा के लिए अस्थाई मरम्मत अगर ग्रामीण करवा रहे हैं तो वो उनके आपस का मसला है।
Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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