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: 3100 रुपए समर्थन मूल्य पर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी: आज से धान बेच रहे किसान, 72 घंटे के अंदर होगा पैसों का भुगतान

MP CG Times / Thu, Nov 14, 2024

Chhattisgarh Paddy purchase starts from today at support price: छत्तीसगढ़ में आज से 2739 केन्द्रों में 3100 रुपए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि इस बार किसानों को 72 घंटे के भीतर पैसे का भुगतान कर दिया जाएगा। राज्य में कुल 27 लाख किसान पंजीकृत हैं। जिसमें से 1 लाख 35 हजार नए किसानों का पंजीयन हुआ है। इसके अलावा 36 हजार 263 हेक्टेयर नए रकबे का भी पंजीयन हुआ है। धान खरीदी में किसानों की सुविधा के लिए केन्द्रों में बायोमेट्रिक डिवाइस लगाई गई है। जिसके जरिए छोटे-बड़े सभी किसान समर्थन मूल्य पर धान बेच सकेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के नए धान खरीदी केन्द्र भटगांव बी से धान खरीदी की शुरुआत की। 7 नवंबर से टोकन देना शुरू किया गया धान खरीदी केंद्रों में किसानों को 7 नवंबर से टोकन देना शुरू कर दिया गया है। छोटे और सीमांत किसान 2 टोकन और बड़े किसान 3 टोकन ले सकेंगे। धान खरीदी 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। धान खरीदी के लिए केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे, पर्याप्त बारदाना और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की फुलप्रूफ व्यवस्था: आज से धान खरीदी केंद्रों में लगेगी किसानों की भीड़, जानिए आपके जिले का क्या है हाल ? हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया धान केंद्रों में शिकायत और निवारण के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। साथ ही विपणन संघ के मुख्यालय स्तर तक शिकायतों के निराकरण के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिसका नंबर 0771-2425463 है। मार्कफेड ने धान बेचने के बाद किसानों को भुगतान की व्यवस्था की है। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए माइक्रो एटीएम की भी व्यवस्था की गई है। सरकार का कहना है कि धान बेचने के 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच दल छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। जिसमें बाहर से आने वाले धान को चेक पोस्ट के माध्यम से रोका जाएगा। इसके अलावा जिला प्रशासन ने मंडी अधिनियम के तहत अधिकृत व्यापारियों की सूची भी प्रस्तुत की है। मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर नियंत्रण केंद्र से चावल मिलों और धान खरीदी केंद्रों की रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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