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अनूपपुर के स्टूडेंट की लखनऊ अग्निकांड में मौत : गेम सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गई जान, बुझ गया घर का चिराग

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में सोमवार दोपहर हुए दिल दहला देने वाले भीषण अग्निकांड की तपिश अब मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले तक पहुंच गई है। इस महा-त्रासदी में जान गंवाने वाले 15 बदनसीबों में अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा (पसान नगरपालिका क्षेत्र) का एक होनहार 26 वर्षीय युवक जयनील चक्रवर्ती भी शामिल है।

सोमवार देर रात उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा जारी मृतकों की आधिकारिक सूची में जैसे ही जयनील का नाम सामने आया, भालूमाड़ा सहित पूरे पसान कोयलांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

3 साल से उसी बिल्डिंग की 3D गेमिंग कंपनी में थे पदस्थ

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय अविवाहित युवक जयनील चक्रवर्ती एक बेहद प्रतिभावान 'गेम सॉफ्टवेयर इंजीनियर' थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जमुना कोतमा के केंद्रीय विद्यालय से हुई थी, जिसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा बाहर से पूरी की थी।

जयनील पिछले तीन साल से लखनऊ के अलीगंज स्थित उसी दो मंजिला इमारत के सेकंड फ्लोर पर संचालित 'हेड हॉपर स्टूडियो' (3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग कंपनी) में अपनी सेवाएं दे रहे थे, जो सोमवार को भीषण आग की चपेट में आ गई।

SECL अस्पताल के रेडियोग्राफर हैं पिता, छोटे भाई के दोस्त ने दी थी पहली खबर

मृतक जयनील के पिता जयंत चक्रवर्ती भालूमाड़ा स्थित एसईसीएल (SECL) जमुना कोतमा के रीजनल अस्पताल में वरिष्ठ रेडियोग्राफर के पद पर पदस्थ हैं, जबकि उनकी माता दुर्गा चक्रवर्ती एक गृहिणी हैं। उनका एक छोटा भाई भी है जो भालूमाड़ा में ही रहकर पढ़ाई कर रहा है।

रिश्तेदारों ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच जब निचली मंजिल पर आग भड़की, तो धुआं ऊपर पहुंचने पर कुछ कर्मचारियों ने अपने परिवारों को फोन किया था। इसी दौरान जयनील के छोटे भाई के एक दोस्त ने (जो संयोगवश उसी बिल्डिंग की कोचिंग में पढ़ता था लेकिन सोमवार को गैरहाजिर था) अनूपपुर में परिवार को हादसे की प्राथमिक सूचना दी थी।

शाम को लखनऊ के लिए निकला था परिवार, यूपी सरकार ने रास्ते से ही लौटाया

पुत्र के जीवन पर संकट की खबर सुनते ही बदहवास माता दुर्गा चक्रवर्ती, पिता जयंत चक्रवर्ती और छोटा भाई सोमवार शाम 6 बजे ही निजी वाहन से लखनऊ के लिए रवाना हो गए थे। लेकिन दुखों का पहाड़ तब टूटा जब वे उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (प्रयागराज) ही पहुंचे थे कि यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का उन्हें फोन आया।

अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे अब आगे न आएं और वहीं रुक जाएं, क्योंकि प्रशासन पूरे सम्मान के साथ जयनील के पार्थिव शरीर को विशेष वाहन से सीधे उनके गृहग्राम भालूमाड़ा सुरक्षित पहुंचा रहा है।

भालूमाड़ा में अंतिम संस्कार हुआ

यूपी सरकार की हिदायत के बाद रोता-बिलखता चक्रवर्ती परिवार इलाहाबाद में ही रुक गया और शव वाहन के साथ वापस अनूपपुर के लिए मुड़ गया। संभावना जताई जा रही है कि जयनील का पार्थिव शरीर मंगलवार शाम 4 बजे तक उनके पैतृक निवास भालूमाड़ा पहुंचा, जहां नम आंखों से और गमगीन माहौल में उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस असमय मौत से पूरे कोयलांचल क्षेत्र के नागरिकों और रिश्तेदारों में गहरा दुख है।

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