गरियाबंद में मौत के मुंह से बचाने का VIDEO : डूब जाता पूरा परिवार, मासूमों को गोद में रखकर बचाया, अभी भी 300 गाय खतरे में, देखिए मार्मिक तस्वीरें
MP CG Times / Thu, Jul 30, 2026
गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सुहागपुर गांव से राहत और बचाव की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी की सांसें रोक दीं। गांव के गौठान में बाढ़ के पानी से घिरे एक परिवार के पांच सदस्य घंटों तक मदद का इंतजार करते रहे।
देर शाम सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और नगर सेना की टीम ने चार घंटे तक चले बेहद चुनौतीपूर्ण फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है, क्योंकि उसी गौठान में करीब 300 गायें अब भी बाढ़ के पानी के बीच फंसी हुई हैं।

परिवार कैसे फंसा?
लगातार हो रही बारिश के कारण सुहागपुर गांव का गौठान पूरी तरह पानी से घिर गया। दोपहर से ही एक परिवार वहीं फंस गया था। चारों तरफ बाढ़ का पानी भर जाने और तेज बहाव के कारण परिवार बाहर नहीं निकल सका। हालात लगातार बिगड़ते गए और शाम तक पानी का स्तर बढ़ने लगा।
प्रशासन को सूचना कब मिली?
शाम करीब पांच बजे गौठान में परिवार के फंसे होने की सूचना जिला प्रशासन और नगर सेना को मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी, तहसीलदार और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालात का जायजा लेने के बाद तय किया गया कि पैदल या सामान्य वाहन से वहां पहुंचना संभव नहीं है। इसके बाद नगर सेना की रेस्क्यू बोट मंगाई गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन इतना मुश्किल क्यों था?
रेस्क्यू अभियान देर शाम शुरू हुआ और रात तक चला। सबसे बड़ी चुनौती तेज बहाव, लगातार बारिश और घना अंधेरा था। गौठान तक पहुंचने के लिए नगर सेना की टीम को बोट से आधे किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ी।
कई बार रेस्क्यू बोट बीच रास्ते में बंद हो गई, जिससे अभियान और जोखिम भरा हो गया। दूसरी ओर खड़े जवान टॉर्च की रोशनी से रास्ता दिखाते रहे, ताकि बोट सुरक्षित आगे बढ़ सके।

चार घंटे बाद कैसे बचाया गया परिवार?
करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद नगर सेना की टीम बाढ़ में फंसे परिवार तक पहुंची और सभी पांच लोगों को सुरक्षित बोट में बैठाकर बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू किए गए परिवार में 5 साल, 3 साल और 2 साल के तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे।
घंटों तक मौत के साये में रहने के बाद जैसे ही परिवार सुरक्षित किनारे पहुंचा, वहां मौजूद लोगों ने 'जय बजरंगबली' के जयकारे लगाए। परिवार के सदस्यों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दे रही थी।

यह रेस्क्यू क्यों खास माना जा रहा है?
जिला प्रशासन के मुताबिक, गरियाबंद जिले के इतिहास में यह पहला ऐसा फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन रहा, जिसे देर रात नगर सेना की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरे अभियान के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करते रहे।

अब सबसे बड़ी चिंता क्या है?
परिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन सुहागपुर गौठान में करीब 300 गायें अब भी बाढ़ के पानी के बीच फंसी हुई हैं। लगातार बारिश के कारण पूरा गौठान जलमग्न है। यदि रातभर बारिश जारी रही और जलस्तर बढ़ा, तो इन मवेशियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
300 गायों को कैसे निकाला जाएगा?
जिला प्रशासन ने बताया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि सुबह तक पानी का स्तर कम नहीं हुआ, तो नगर सेना और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर गौठान में फंसी करीब 300 गायों को सुरक्षित बाहर निकालेगी। इसके लिए प्रशासन पहले से तैयारी कर रहा है।
नगर सेना ने इससे पहले भी किया था रेस्क्यू
सुहागपुर पहुंचने से पहले नगर सेना की टीम ने दोपहर में भिलाई स्थित एक फार्म हाउस से भी बाढ़ के पानी में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। टीम ने समय रहते उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और इसके बाद सुहागपुर में दूसरे रेस्क्यू अभियान के लिए रवाना हुई।
फिलहाल क्या हैं हालात?
सुहागपुर और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश जारी है। जिला प्रशासन पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रहा है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती गौठान में फंसी करीब 300 गायों को सुरक्षित निकालने की है। यदि बारिश नहीं थमी और जलस्तर कम नहीं हुआ, तो नगर सेना को शुक्रवार सुबह एक और बड़े फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देना पड़ सकता है।
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