पुष्पराजगढ़ में चक्काजाम करने वाले 9 छात्र नेताओं पर FIR : 4 घंटे तक ठप रखा था अमरकंटक हाईवे, कॉलेज में बस और सड़क के लिए किया था प्रदर्शन
MP CG Times / Wed, Oct 7, 2026
अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम में बस सुविधा और पक्की सड़क की मांग को लेकर रीवा-अमरकंटक हाईवे जाम करने वाले छात्र नेताओं पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। सोमवार को 4 घंटे तक आवाजाही पूरी तरह ठप करने के मामले में राजेंद्रग्राम पुलिस ने मंगलवार को सख्त कदम उठाया है।
9 छात्र नेताओं पर नामजद और कई अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार मुकुंद प्रधान की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है।

4 घंटे तक बंधक बना रहा अमरकंटक हाईवे, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
5 अक्टूबर (सोमवार) की सुबह करीब 11:30 बजे पुष्पराजगढ़ शासकीय महाविद्यालय के छात्र NSUI के बैनर तले पटना गांव में पेट्रोल पंप के सामने रीवा-अमरकंटक हाईवे पर बैठ गए थे। उग्र प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और करीब 4 घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
आम जनता और राहगीरों को हुई भारी परेशानी को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मुकुंद प्रधान की रिपोर्ट पर राजेंद्रग्राम पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
इन 9 छात्र नेताओं पर दर्ज हुआ केस (BNS की धाराएं)
पुलिस द्वारा नए आपराधिक कानून (BNS) के तहत जिन नामजद छात्र नेताओं पर प्रकरण दर्ज किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं।
जितेन्द्र खाण्डे
प्रहलाद कुमार चंदेल
पंकज कृष्ण रौतेल
संदीप धुर्वे
ऋचा देवी
मनमोहन सिंह
जय दीप मार्को
सत्य पाल चंद्रवंशी
वासू तेंदुलकर
(इनके अलावा प्रदर्शन में शामिल कई अन्य अज्ञात छात्रों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।)
विवाद की असल वजह, पहाड़ी पर बना कॉलेज, न सड़क न बस
गौरतलब है कि इसी शैक्षणिक सत्र में 17 सितंबर से कॉलेज को राजेंद्रग्राम की पुरानी इमारत से हटाकर पहाड़ी पर बनी नई बिल्डिंग में चालू किया गया है।
मुख्य सड़क से कॉलेज भवन करीब 700 मीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है। सही रास्ता न होने और चढ़ाई के कारण छात्र-छात्राओं को कीचड़ और पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। इसी वजह से छात्र पक्की सड़क और नियमित बस सेवा की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की सफाई, 14 लाख से बनेगी सड़क, बस के लिए नियम नहीं
मामले में पुष्पराजगढ़ कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता मसीह का रुख साफ था कि, मुख्य रास्ते से कॉलेज तक 14.21 लाख रुपये की लागत से डामरीकृत (BT) सड़क बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
सरकारी नियमों में अलग से कॉलेज बस चलाने का कोई प्रावधान नहीं होता। इसे जनभागीदारी समिति के माध्यम से ही संचालित किया जा सकता है। जल्द ही इस मुद्दे पर छात्रों को बिठाकर रास्ता निकाला जाएगा।
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