रायपुर के डिवाइन कैफे में चंगाई सभा पर बवाल : चंगाई सभा में यीशु को भगवान से बड़ा बताया, धर्म बदलने पर नौकरी-इलाज का दिया लालच
छत्तीसगढ़ के रायपुर के डिवाइन कैफे में चंगाई सभा में धर्मांतरण और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान पर जमकर बवाल हुआ। बताया जा रहा है कि सभा में ईसाई समुदाय के कुछ लोगों ने यीशु को भगवान से बड़ा बताया और प्राइवेट नौकरी दिलाने का वादा कर लोगों से ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा।
वहीं, सभा में मौजूद हिंदू संगठनों के सदस्यों ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई और विवाद की स्थिति बन गई। इस दौरान हिंदू संगठन के सदस्यों ने नारेबाजी भी की।
हिंदू संगठन के सदस्यों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत लिए गए लोगों के नाम सैफीन, आमीन, उदय और श्रीकांत बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है। यह मामला सिविल लाइन थाना के कटोरा तालाब इलाके का मामला है।

अब पढ़ें क्या है पूरा मामला
दरअसल, सोमवार सुबह सिविल लाइन के डिवाइन कैफै में चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। बड़ी की संख्या में लोग शामिल हुए। इसकी जानकारी हिंदू संगठन के योगेश बरिहा को मिली। इसके बाद योगेश बरिहा हिंदू संगठन के कार्यकर्ता के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कैफै में लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया।
शिकायतकर्ता योगेश बरिहा ने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने एक परिचित से जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि ईसाई समुदाय के सैफिन मसीह, अमीन क्रिश्चियन, जैकब दास, श्रीकांत मनहर और उदय प्रसाद मिलकर धर्मांतरण का काम करते हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, ये लोग कटोरा तालाब स्थित डिवाइन कैफे में सभा आयोजित करते हैं और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए ब्रेन वॉश करते हैं।
सूचना मिलने पर वह अपने साथियों के साथ सभा में जाकर बैठ गया। सभा में आरोपियों ने अपना परिचय दिया और बताया कि यह कार्यक्रम बलौदाबाजार के जैकब दास ने आयोजित कराया है। सभा के दौरान आरोपियों ने ईसाई धर्म का प्रचार किया और उसे सबसे बड़ा धर्म बताया।
धर्म बदलने के लिए नौकरी और इलाज का दिया लालच
सभा में लोगों से कहा गया कि अगर वे धर्म अपनाएंगे तो उन्हें सरकारी नौकरी के साथ इलाज की सुविधा मिलेगी और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन जाएंगे। आरोपियों ने यीशु मसीह को भगवान से बड़ा बताया। जब कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और गाली-गलौज की।
विवाद बढ़ता देख योगेश बरिहा और उनके साथियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचते ही कुछ आरोपी वहां से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने चार लोगों को पकड़ लिया। अब पुलिस टीम उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है।
अब पढ़ें पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा ?
सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू ने धार्मिक विवाद होने और आरोपियों के गिरफ्तार होने की पुष्टि की है। सुरक्षा की दृष्टि से इलाके में पुलिस तैनात की गई है।
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