राहुल गांधी बोले- एक्सपर्ट्स ने पकड़ी चुनाव आयोग की गलती : CEC को सरकार का संरक्षण, छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी का आरोप, BJP बोली- हार का बहाना
MP CG Times / Fri, Sep 25, 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों के हालिया चुनावों में 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाकर देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में करीब 55 मिनट लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और पूरी चुनावी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि उनकी पार्टी के 'टेक्निकल एक्सपर्ट्स' ने छत्तीसगढ़ चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की बड़ी गलतियों और गड़बड़ियों को पकड़ा है।
'वोट चोरी से कानून और संस्थाएं चोरी हो रहीं'
राहुल गांधी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कानून से ऊपर लाकर खड़ा कर दिया है, जबकि चुनाव आयोग को कार्यपालिका के प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र होना चाहिए।
संस्थाओं पर कब्जा: राहुल ने कहा— "अगर वोट चोरी के जरिए किसी को चुनाव में जीत मिलती है और उन्हीं चोरी के वोटों से चुने गए सांसद सदन में कानून बनाते हैं, तो यह सिर्फ वोट चोरी नहीं है। यह 'वोट चोरी, कानून चोरी और संस्था चोरी' का खतरनाक मॉडल है।"
सजा की मांग: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारत के लोकतंत्र को अंदर से खत्म करने और जनादेश को चुराने वालों को सख्त सजा मिलनी ही चाहिए।
छत्तीसगढ़-हरियाणा का जिक्र: 'अचानक कहां गायब हो गई एंटी-इंकंबेंसी?'
राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ हालिया विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए छत्तीसगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात का विशेष रूप से जिक्र किया।
अचानक बदला रुझान: उन्होंने सवाल उठाया कि इन राज्यों में सत्तारूढ़ दलों के खिलाफ जो जबरदस्त जनआक्रोश और एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) थी, वह नतीजों के दिन अचानक कैसे गायब हो गई?
अमित शाह का वीडियो दिखाया: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक पुराना वीडियो भी प्ले किया, जिसमें शाह भाजपा की 14 से 30 साल तक सरकार बने रहने का दावा कर रहे थे।
छत्तीसगढ़ में 4% वोट का अंतर और 19 सीटों की खाई
गौरतलब है कि 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में 90 सीटों के नतीजों ने कांग्रेस को बेदखल कर सत्ता परिवर्तन किया था:
सीटों का गणित: भाजपा ने 54 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी, जबकि तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस मात्र 35 सीटों पर सिमट गई थी।
वोट शेयर का खेल: चुनाव में भाजपा को 46.27% और कांग्रेस को 42.23% वोट मिले थे। दोनों दलों के बीच वोट शेयर का अंतर महज 4 प्रतिशत था, लेकिन सीटों के अंतर (19 सीटें) ने चुनाव विश्लेषकों को भी चौंका दिया था।
भूपेश का ईवीएम पर तंज: नतीजों के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भी ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि "जब भी ईवीएम पर सवाल उठते हैं तो भाजपा को सबसे ज्यादा मिर्ची क्यों लगती है?"
SIR और वोटर लिस्ट में धांधली का दावा
राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर भी उंगली उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि 'जेन-जी' (Gen-Z) यानी नए युवा मतदाताओं के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट में जुड़ने नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि चुनाव कराने से पहले देश की चुनावी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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